आश्वासन : सब-जज और सिविल कोर्ट भवन के त्वरित निर्माण की होगी मजबूत अनुशंसा

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष प्रतिनिधि। डेहरी अनुमंडल कोर्ट में सब-जज की नियुक्ति और सिविल कोर्ट भवन का निर्माण जल्द शुरू हो, इसके लिए रोहतास जिला जज प्रशासन की ओर से मजबूत अनुशंसा की जाएगी। इसके अलावा जिला जज प्रसाशन का यह प्रयास भी होगा कि तिलौथू पुलिस थाना के आपराधिक मामले सासाराम अनुमंडल न्यायालय के बजाय डेहरी अनुमंडल न्यायालय में दर्ज हों। इस आशय का आश्वासन रोहतास के नए जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीएन सिंह की ओर से दिया गया।
डेहरी विधिज्ञ संघ की ओर से अनुमंडल न्यायालय परिसर के संघ सभागार में नवागत जिला जज के स्वागत और निवर्तमान जिला जज आरपी तिवारी की विदाई में समारोह का आयोजन किया गया। डेहरी विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने दोनों जजों (नवागत और निर्वतमान) को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। उमाशंकर पांडेय ने संघ की ओर से निवर्तमान जज का बार (अधिवक्ता फोरम) के प्रति उनकी सहयोग नीति के लिए आभार प्रकट किया और नवागत जिला जज के समक्ष समस्याओं को रखते हुए त्वरित निष्पादन का आग्रह किया। श्री पांडेय ने बताया कि डेहरी अनुमंडल न्यायालय में 12 हजार फौजदारी और 300 दीवानी मामले लंबित हैं। अभी अनुमंडल कोर्ट को सब-जज नहींहोने से सीमित दायरे के दिवानी मामले पर ही फैसला देने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि अनुमंडल न्यायालय भवन के लिए जमीन का आवंटन हो चुका है, अब इस पर भवन निर्माण भी जल्द शुरू हो जाए तो अधिवक्ताओं की अनेक तरह की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
डेहरी विधिज्ञ संघ की ओर से सचिव मिथिलेश कुमार ने अपने संबोधन में अनुमंडल कोर्ट में सब-जज की नियुक्ति और तिलौथू थाना के मामलों को सासाराम के बजाय डेहरी अनुमंडल कोर्ट में दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तिलौथू पुलिस थाना का सृजन होने के बाद उसका इलाका सासाराम थाना से पूरी तरह अलग हो गया, मगर तिलौथू थाना में दर्ज होने वाली प्राथमिकी की प्रति सासाराम अनुमंडल न्यायालय में भेजी जा रही हैं। इस कारण अनुमंडल के बार और अनुमंडल क्षेत्र के नागरिकों दोनों के परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नवागत जिला जज के स्वागत और निवर्तमान की विदाई समारोह में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डेहरी अनुमंडल पदाधिकारी, अभियोजन पदाधिकारी और डेहरी अनुमंडल विधिज्ञ संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं रामाकान्त दुबे, अखौरी नरेंद्र प्रसाद, सुरेंद्र राय, भागीरथी सिंह, ओमप्रकाश सिन्हा, प्रभात ुकमार सिंह, अनुप कुमार राय, मुनमुन पांडेय, प्रवीण कुमरा दुबे, प्रदीप सिंह, खुर्शीद अनवर, कमलाकांत तिवारी, विजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

(तस्वीर : अशोक मौर्य)

 

सोन तट के शहर में अब नया विधिक मित्र, मिलेगा वंचितों को भी तेजस्वी परामर्श

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। सोन तट के सबसे बड़े शहर को अब एक नया विधिक मित्र मिला है, जो वंचितों को अपना तेजस्वी कानूनी परामर्श देगा। हालांकि डेहरी-आन-सोन के विधिज्ञों के परिवृत्त में शामिल हुआ यह नया चेहरा न्यायपालिका के एक हिस्से बार (विधि-मंच) के लिए नया नहींहै, मगर इस चेहरे ने मुकदमों को भारतीय संविधान की सीमा और भारतीय दंड विधान संहिता के दायरे में कानूनी आईना दिखाने का घोषित कार्य पिछले महीने से आरंभ किया है। कानून की दुनिया यह चेहरा इसी शहर का पूत है और नाम है पुनीत सिद्धार्थ। पुनीत सिद्धार्थ मोहिनी परिसर में बाजप्ता अपने दफ्तर में हर महीने के अंतिम शनिवार को कानूनी सलाह देने के लिए बैठना शुरू कर दिया है। इन्होंने घोषणा की है कि वह समाज के वंचित, कमजोर तबके लिए अपना श्रम-समय-मेधा मुफ्त में देंगे। पुनीत सिद्धार्थ को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में दीवानी (सिविल) मामलों की कानूनी पैरवी करने के साथ आपराधिक (क्रिमिनल) मुकदमों का भी अनुभव है। फिलहाल वह पटना हाईकोर्ट परिसर में स्थित अपने सिद्धार्थ ला चैम्बर्स में नियमित समय दे रहे हैं। मगर डेहरी-आन-सोन वासी होने के कारण वह अपने घर के लोगों के लिए भी महीने में एक दिन का समय देना तय किया है। पुनीत सिद्धार्थ पूर्व अधिवक्ता और शहर के अग्रणी कारपोरेट कारोबारी उदय शंकर के दूसरे पुत्र हैं।

 

नेता करते रहे हैं डालमियानगर के कर्मचारी परिवारों की भावनाओं से खिलवाड़

डालमियानगर (रोहतास)-विशेष प्रतिनिधि। रोहतास इंडस्ट्रीज कांपलेक्स के प्रभारी अधिकारी एआर वर्मा ने कहा है कि संबंधित जनप्रतिनिधियों और नेताओं की ओर से यह बयान लगातार आता रहा है कि डालमियानगर में रेल कारखाना की स्थापना की जाएगी। अप्रैल 2007 में शासकीय परिसमापक (आफिशियल लिक्विडेटर) द्वारा चीनी कारखाना को छोड़कर कागज, सिमेन्ट, एस्बेस्टस, वनस्पति, पावर हाउस, स्टील फाउंड्री, इंजीनियरिंग कारखाना (सेंट्रल वर्कशाप) की मशीनों के कबाड़ सहित 219 एकड़ जमीन भारतीय रेल को सौंपी गई थी। इसके डेढ़ साल बाद नवम्बर 2008 में झंडाचौक मैदान में रेल कारखाना का शिलान्यास करने का भी उपक्रम किया गया। मगर 10 साल बाद इस दिशा में कोई प्रगति नहींहै। जाहिर है, कुछ नेता वोट की राजनीति कर स्थानीय जनता को छलने का काम करते रहे हैं। केेंद्र सरकार बजट में भी डालमियानगर रेल कारखाना के लिए कोई प्रावधान का नहींहोना भी यह बताया है कि पूर्ववर्ती और वर्तमान जनप्रतिनिधि और नेताओं ने स्थानीय लोगों, रोहतास इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों के परिवारों की दुखती रग पर हाथ रखकर सिर्फ सहलाने का काम करते रहे हैं। जबकि ठोस दिशा में कुछ भी नहींकिया गया।

 

आजाद भारत का ऐतिहासिक बजट : बबल कश्यप

डेहरी-आन-सोन (कार्यालय प्रतिनिधि)। बिहार भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक बबल कश्यप ने केेंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट का स्वागत किया है और इसे गरीबों के साथ सभी वर्ग के लिए उचित बहुप्रतीक्षित बजट बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतुलित और किसानों-मजदूरों के लिए नगदी लाभ देकर सबको चौंकाया है। बजट के पिटारे में समाज के हर तबके के लिए व्यवस्था की गई है। मध्यवर्गीय परिवार के लिए इनकम टैक्स की लिमिट सालाना पांच लाख रुपये कर और रिटर्न भरने के पोर्टल को 24 घंटे खोलकर देश की आम जनता को बड़ी राहत दी है। इस बार के बजट में 60 वर्ष की आयु के बाद बुजुर्गों को 3000 प्रति महीने पेंशन देने, 21 हजार रुपये वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस देने और सभी कॉलेजों में 25 फीसदी नामांकन सीट बढ़ाने की बात कही गई है। जाहिर है, सरकार ने हर वर्ग की परेशानी को समझा है और निश्चित तौर पर यह आजाद भारत का ऐतिहासिक बजट है।

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