एजुकेशनल इनिसिएटिव : किशोरियों की पीरियड पर स्कूल में संगोष्ठी

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। जिले के प्रतिष्ठित विद्यालय संत पाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल में स्त्री रोग और किशोरी स्वास्थ्य पर संगोष्ठी (बैक टू एक्शन इन 12 मिनट) का आयोजन स्कूल के उमा ऑडिटोरियम में किया गया। स्कूल की छात्राओं ेके साथ खुली चर्चा वाली इस संगोष्ठी का संयोजन एजुकेशनल इनिसिएटिव हेल्थ केयर द्वारा किया गया।
संगोष्ठी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. प्रियांशु माला ने किशोर उम्र में शारीरिक बदलाव और पीरियड (मासिक धर्म), उसमें अनियमितता और होने वाले दर्द से संबंधित जानकारी छात्राओं को दी। उन्होंने बताया कि स्त्री शरीर के उस अवधि के दौरान साफ -सफाई बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एकदम आरंभ में पीरिएड शुरू होने पर कई बच्चियां डर जाती हैं। वे झिझकवश अपनी मां को बताने में भी लज्जा महसूस करती हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। यह प्रकृति प्रदत्त शारीरिक संरचना का गुण विशेष है। यह महिलाओं के लिए जननी होने का उपहार है, जो पुरुषों को उपलब्ध नहीं है और इसकी संतति व समाज की संरचना में विशिष्ट भूमिका है। फिर इसके लिए हम लड़कियों-महिलाओं को इसमें शर्म और झिझक क्यों होनी चाहिए?

खुली चर्चा में छात्राओं के सवालों और जिज्ञासाओं के दिए उत्तर

डा. प्रियांशु माला ने इस खुली चर्चा में छात्राओं के सवालों और जिज्ञासाओं के भी उत्तर दिए। संत पाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल की प्राचार्या आराधना वर्मा ने छात्राओं को पीरियड के दौरान होने वाली किसी तरह की तकलीफ , अनियमितता व अस्वभाविक बात को अपनी मां को बिना संकोच बतलाने को कहा और हर मां को यह सलाह दी कि माताओं को अपने अनुभव को अपनी बच्चियों से साझा करना चाहिए।
स्कूल की छात्राओं को स्वास्थ्य से संबंधित बुकलेट और पीरिएड के दौरान होने वाली दर्द से राहत पाने से संबंधित दवाओं का वितरण किया। अंत में विद्यालय की सचिव वीणा वर्मा को इनिसिएटिव हेल्थ केयर द्वारा इस दिशा में प्रशंसनीय कार्य के लिए प्रमाण-पत्र दिया गया।

विद्यार्थियों के लिए कविता पाठ, निबंध लेखन और संभाषण का आयोजन

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। संत पॉल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल के ऑडिटोरियम में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कविता पाठ एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ग तीन से दस तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। आरंभ में विद्यालय की प्राचार्या आराधना वर्मा ने अपनी मातृभाषा की मान को बनाये रखने का आह्वान किया। इसके बाद करीब पचास छात्र-छात्राओं ने हिन्दी के नामचीन कवि एवं कवयित्रियों की कविताओं का पाठ किया। वर्ग पांच एवं छह के विद्यार्थियों ने पर्यावरण, वर्ग सात एवं आठ के विद्यार्थियों ने हिंदी का महत्व और नौवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों ने हिंदी की दशा-दिशा विषय पर निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संयोजन-संचालन विद्यालय के हिन्दी शिक्षक एम शुक्ला, विनीता श्रीवास्तव, विश्वजीत एवं शिक्षक सह मीडिया प्रभारी अर्जुन कुमार ने किया।

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