छोटकी ठकुराइन : महिला सशक्तिकरण पर केेंद्रित भोजपुरी फिल्म

कुदरा (कैमूर)/नोखा (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। समाज में महिला की प्रमुखता उसकी विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती अग्रणी भूमिका और महिला सशक्तिकरण की कथावस्तु पर आधारित भोजपुरी फिल्म छोटकी ठकुराइन की आउटडोर शूटिंग अब अपने समापन पर है। इसकी शूटिंग पिछले तीन सप्ताह से निकटवर्ती रोहतास जिला के हथिनी बरांव गांव में हो रही है। विभिन्न दृश्यों की आउटडोर शूटिंग के समाप्त होने के बाद इस फिल्म के लगभग सभी गीतों का फिल्मांकन (शूटिंग) रोहतास जिला के जमुहार गांव स्थित नारायण मेडिकल कालेज और पड़ोस के ग्रामीण परिवेश में होगा। शम्स दुर्रानी के निर्देशन और दिलीप यादव के निर्माण-संयोजन में बन रही इस भोजपुरी फिल्म में मुख्य भूमिका में रानी चटर्जी, सुशील सिंह, यश मिश्र, अंजना सिंह, रितू पटेल, अंजना मिश्रा, संजना सिंह, ठाकुर सुरेन्द्रप्रताप सिंह, आरएस गिरी, मुकुल मणि, पप्पू पांडेय आदि हैं। जबकि कुदरा की चर्चित लोकगायिका और वरिष्ठ अभिनेत्री अनुराधाकृष्ण रस्तोगी राजमाता की प्रभावशाली भूमिका में हैं। नाटकों और फिल्मों की एक सशक्त अभिनय-हस्ताक्षर रही भोजपुरी गायिका श्रीमती रस्तोगी की पहचान भोजपुरी भाषी इलाके में अपने मधुर कंठ के कारण कैमूर कोकिला के रूप में भी है। इस फिल्म में कुदरा के वरिष्ठ कलाकार सुरेंद्रकृष्ण रस्तोगी किसान की और जमुहार नारायण मेडिकल कालेज के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेन्द्रनारायण सिंह भी अधिकारी की छोटी भूमिकाओं में नजर आएंगे।

भोजपुरी ग्रामीण समाज में समय के साथ बदलती नई पीढ़ी की महिलाओं का चित्रण

छोटकी ठकुराइन भोजपुरी ग्रामीण समाज में जहां समय के साथ बदलती नई पीढ़ी की महिलाओं का चित्रण हैं, वही स्त्री के त्याग-बलिदान की मार्मिक कहानी भी है। इस फिल्म में यह दिखाने-बताने का प्रयास किया गया है कि बदलते जमाने में कानून-शासन के मद्देनजर परिवार, समाज, देश के स्तर पर महिलाएं भी सशक्त सामाजिक पहरेदार और कर्ता-नियंता हैं। फिल्म इस बात का चित्रण हैं कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं और ठान लें तो जमाने को बदल सकती हैं। छोटकी ठकुराइन को आम भोजपुरी फिल्म की लटके-झटके वाली छवि से अलग साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्म के रूप में परोसने का प्रयास है। इस फिल्म के शूटिंग के बाद डबिंग-मिक्सिंग आदि तकनीकी प्रक्रिया से गुजरकर निर्मित होने और सिनेमाघरों तक प्रदर्शित में अभी कई महीने लगेंगे। फिल्म के प्रदर्शन से ही पता चलेगा कि कथा-पटकथा-संवाद, अभिनय, दृश्य संयोजन, निर्देशन, फिल्मांकन के स्तर पर छोटकी ठकुराइन कितनी प्रभावशाली हो सकी है? भोजपुरी दर्शकों की निगाह इस फिल्म की ओर उम्मीदभरी नजर है कि सोन नद अंचल के इस इलाके में फिल्माई गई यह भोजपुरी फिल्मों के सिलसिले में शामिल नई मगर अलग किस्म की फिल्म होगी।
(रिपोर्ट व तस्वीर : सुरेंद्रकृष्ण रस्तोगी)

 

किशोर क्रिकेट मैच में चेनारी विजेता और नहौना उपविजेता

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। करवंदिया ग्रामपंचायत के करवंदिया काली स्टेडियम में किशोर क्रिकेट क्लब के द्वारा आयोजित क्रिकेट मैच में चेनारी ग्रामपंचायत की टीम ने नहौना ग्रामपंचायत की टीम को 28 रन से हराकर फाइनल में अपनी जीत दर्ज की। इस मैच में रोहतास जिला के विभिन्न ग्राम पंचायतों की 16 टीमों ने भाग लिया था। सासाराम प्रखंड प्रमुख रामकुमारी देवी, डिहरी प्रखंड प्रमुख पूनम देवी और क्रशर यूनियन संघ के अध्यक्ष बलराम यादव ने विजेता टीम को शिल्ड के साथ नगद 15000 रुपये की रकम और उपविजेता टीम को कप के साथ नगद 5000 रुपये की रकम प्रदान की। मैच शुरू होने से पहले चेनारी ग्रामपंचायत की टीम को टॉस के जरिये पहले बैटिंग करने का मौका मिला, जिसने 15 ओवर में 6 विकेट खोकर 138 रन बनाए। जबकि नहौना ग्रामपंचायत की टीम ने 15 ओवर में 9 विकेट खोकर 109 रन बनाए।
(वाह्टसएप पर प्राप्त सूचना के आधार पर)

 

कुशवाहा समाज मंदिर में मकर संक्रांति मिलन समारोह

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-वरिष्ठ  संवाददाता। नगरपरिषद चौक स्थित कुशवाहा समाज मंदिर में मकर संक्रांति के मौके पर मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कुशवाहा समाज के फतेहबहादुर सिंह (राजद के प्रदेश महासचिव), शिव कुमार, पूर्णमासी सिंह, राजू सिंह, डा. पूनम कुमारी, विद्याधर विद्यार्थी आदि ने कुशवाहा समाज की स्थिति, मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि समाज के अग्रणी लोगों को यह प्रयास करना चााहिए कि पीछे रहे गए लोग कैसे आगे सकेें, विकास कर सकेें? जब किसान मजबूत होगा, तभी समाज भी मजबूत होगा। समारोह की अध्यक्षता कौशलेंद्र कुशवाहा ने की। इस अवसर पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष फतेहबहादुर सिंह को शाल और बुके देकर सम्मानित किया गया।
(रिपोर्ट व तस्वीर : वारिस अली)

One thought on “छोटकी ठकुराइन : महिला सशक्तिकरण पर केेंद्रित भोजपुरी फिल्म

  • January 12, 2019 at 5:29 pm
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    कुशवाहा समाज का मिलन समारोह नहीं था बल्कि एक खास राजनीतिक दल का मिलन समारोह था।

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