न्यायिक चिकित्सा विज्ञान सम्मेलन की तैयारी पूरी, पहुंचे अंतरराष्ट्रीय दिग्गज

डेहरी-आन-सोन (बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। रोहतास जिला के जमुहार गांव में स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में दो दिवसीय न्यायिक चिकित्सा विज्ञान सम्मेलन की तैयारी पूरी कर ली गई है। 15 सितम्बर को शुरू होने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश-विदेश में ख्यातिलब्ध चिकित्सा वैज्ञानिक विश्वविद्यालय परिसर में पहुंच चुके हैं। यह सम्मेलन 16 सितम्बर को समाप्त होगा। इस राष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजन सचिव और नारायाण मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. विनोद कुमार के अनुसार, सम्मेलन का उद्घाटन नारायण मेडिकल कालेज परिसर में होगा, जबकि इसका समापन दूसरे दिन बोधगया में होगा।

सम्मेलन में हाई लेबल पैथोलाजी जांच से संबंधित विभिन्न पहलुओं के साथ न्यायिक विज्ञान (फोरेंसिक साइंस) से जुड़े विभिन्न कानून पहलुओं पर भी चर्चा होगी, जिसमेें विगत 21 अप्रैल को केेंद्र सरकार की ओर से बाल यौन शोषण को लेकर जारी किए गए अध्यादेश पर भी विमर्श किया जाएगा।

गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी भूपेन्द्रनारायण सिंह द्वारा नारायाण मेडिकल कालेज की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार, फोरेंसिक साइंस क्षेत्र के डा. टीसी डोगरा, डा. विजयपाल खंगवाल और डा. सतीश वर्मा जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्राप्त चिकित्सा वैज्ञानिक इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

डा. सतीश वर्मा केेंद्रीय पुलिस अन्वेषण प्रशिक्षण विद्यालय और सीबीआई अकादमी के वरिष्ठ प्राध्यापक हैं। डा. विजयपाल खंगवाल अन्तरराष्ट्रीय चिकित्सा कानून संघ के सदस्य और हरियाणा सरकार के चिकित्सा कानून सलाहकार हैं। जबकि श्रीलंका के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी गामिनी दिशनायके के शव के अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) करने वाली चिकित्सक समिति के सदस्य रह चुके डा. टीसी डोगरा ने देश के तीन प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह और राजीव गांधी के शवों के अंत्यपरीक्षण का कार्य किया है।

अल्सर फटने से जानलेवा रक्तस्राव, नवीनतम उपकरण से बची जान

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। मरीज खून की उल्टी करते हुए नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में पहुंचा था, जिसका रक्तचाप न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका था। मेडिकल कालेज के गैस्ट्रोलाजी विभाग इंडोस्कोपिक जांच में मरीज के पेट में दो अल्सर होने की पुष्टि हुई, जिसमें एक फट गया था।

सबसे पहले हीमोस्टैटिक क्लिप की सहायता के खून का बहना रोका गया और इसके बाद गैस्ट्रोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा. आफिस इकबाल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने इलाज कर मरीज को खतरे से बाहर निकाल लिया। रोहतास के इस मरीज के इलाज में डा. राजन गोयल और चिकित्सकीय तकनीक सहयोगी नियामत अली व धनंजय कुमार ने चिकित्सा के कार्य में योगदान किया।
नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल के जनसंपर्क अधिकारी भूपेन्द्रनारायण सिंह द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, हीमोस्टैटिक क्लिप चिकित्सकीय कार्य में उपयोग में लाया जाने वाला एक नवीनतम उपकरण है, जिसका चिकित्सकीय उपयोग सोनघाटी के इस क्षेत्र में पहली बार किया गया और पूरी तरह सफल रहा।

रजिस्ट्रेशन व बेड चार्ज नहीं, सामान्य आपरेशन भी मुफ्त

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में अब रोगी का रजिस्ट्रेशन चार्ज के साथ बेड चार्ज भी खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही कई तरह के सामान्य आपरेशन भी मुफ्त किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेज के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह की ओर से दी गई सूचना में यह बताया गया है कि एपेन्डिक्स, हार्निया, पायल्स, हाइड्रोसिल, बच्चेदानी का सामान्य आपरेशन, मोतियाबिंद का आपरेशन फिलहाल पूरी तरह निशुल्क किया जा चुका है। मोतियाबिंद के आपरेशन में मरीज को लेन्स लगाने की कीमत 1500 रुपये देना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 30 हजार रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना का गरीबों को मिलने वाला लाभ बीते तीन सालों से स्थगित है। स्वास्थ्य बीमा की नई योजना आयुष्मान भारत के लागू होने में अभी देर है। इस लिहाज से नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल द्वारा मुहैया कराई गई निशुल्क सुविधा से गरीब वर्ग के साथ सामान्य वर्ग के मरीजों को भी राहत मिलेगी।

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