लाटरी माफिया : पिछले हफ्ते पटना में सम्मान, इस हफ्ते पुलिस का छापा

डेहरी-आन-सोन (बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। अनाधिकृत, अवैध तरीके से अकूत दौलत कमाने और इस बदौलत समाज में सम्मान पाने का जुगाड़ कर लेने के बाद भी काली करतूत का भांडा फूटने का ताजा उदाहरण है पवन झुनझुनवाला की सत्यकथा। पवन झुनझुनवाला की यह कहानी इस बात का भी उदाहरण है कि समाज के चरित्र व मूल्य में भारी गिरावट के बावजूद एक हिस्सा अभी मूल्य-रक्षा के वसूल से डिगा नहीं है और उसी की वजह से सत्यमेवजयते का उद्घोष समाज में जीवंत बना हुआ है।
पुलिस जांच जारी, पहले भी हुई थी कार्रवाई
काली कमाई की दौलत के बल पर अपने समाज में देखते-देखते आर्थिक ताकत बन जाने वाले इस व्यक्ति के बारह पत्थर मुहल्ला (डेहरी-आन-सोन) स्थित चार मंजिले घर पर पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह के निर्देश पर डीएसपी अनवर जावेद अंसारी के नेतृत्व में छापामारी की गई, जिसमें अवैध लाटरी के टिकट, लाटरी की रकम की लेन-देने से जुड़े कच्चे दस्तावेज (खाता-बही) के साथ शराब और गाजा पीने वाला चिलम भी बरामद की गई। बरामदगी और वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी पुलिस छापामरी की कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद ही समाने आ सकेगी। पुलिस सूत्र के अनुसार, पवन झुनझुनवाला लाटरी के पुराने माहिर खिलाड़ी रहे हैं। दशकों-वर्षो पहले भी पवन झुनझुनवाला पर अवैध लाटरी कारोबार को लेकर कार्रवाई हुई थी। पुलिस का अनुसंधान पूरा होने के बाद ही पवन झुनझुनवाला के तिलस्म की पूरी कहानी सामने आ सकेगी। बताया जाता है कि पवन झुनझुनवाला के लाटरी कारोबार का साम्राज्य झारखंड तक विस्तृत रहा है। फिलहाल पवन झुनझुनवाला के बारह पत्थर स्थित पड़ाव मैदान के पुराने मकान में हुई छापेमारी में किसी की गिरफ्तारी नहींहो सकी है। बहरहाल, इस बात की उत्सुकता-प्रतीक्षा बनी हुई है कि पुलिस अनुसंधान कहां तक विस्तार लेगा और अब झुनझुनवाला की कैसी छवि उभर कर सामने आती है?

बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मेलन की ओर से समाजरत्न से किया गया था सम्मान
पिछले हफ्ते बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मेलन की ओर से पटना के बिहार चैम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के सभागार में में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें मारवाड़ी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 21 व्यक्तियों को अंगवस्त्र, प्रतीकचिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया था। मारवाड़ी सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष बिनोद तोदी, महासचिव महेश जालान और संयोजक अरूण रूगटा के संयोजन में संपन्न समारोह में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए 21 व्यक्तियों को समाजरत्न से सम्मानित किया था, जिसमें डेहरी-आन-सोन के पवन झुनझुनवाला भी थे। राज्यपाल द्वारा सम्मान प्राप्त होने का अखबारों में प्रमुखता से प्रचार हुआ और डेहरी-आन-सोन आने पर यहां के मारवाड़ी समाज के अग्रणी माने जाने वालों अनेक लोगों ने समारोह का आयोजन कर पवन झुनझनवाला का अभिनंदन भी किया। हालांकि अभिनंदन करने वाले सभी लोग बारहपत्थर मुहल्ले के पड़ोसी मुहल्ले नीलकोठी, बाबूगंज के निवासी और मुख्य बाजार से सरोकार रखने वाले थे और पवन झुनझुनवाला की पुरानी छवि से बेहतर तरीके से परिचित थे।

क्या मारवाड़ी सम्मेलन ने तस्दीक की थी कि पवन झुनझुनवाला पर नहीं है कोई रिकार्ड दाग
अब सवाल उठता है कि जिस बिहार प्रदेश मारवाड़ी सम्मेलन ने विभिन्न जिलों और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय लोगों को समाजरत्न सम्मान दिया और अपने जातीय व पारिवारिक सम्मेलन से अलग सर्वसमाजीय कार्य के रूप में प्रस्तुत और प्रचारित किया, क्या उसने इस बात की वास्तव में तस्दीक कर ली थी कि उनमें से किसी पर कोई रिकार्ड दाग नहींहै? क्या उसने सम्मानित किए जाने वालों की योग्यता का पता कर लिया था? इस सवाल का उत्तर यही है कि पता तो सबको होगा, मगर दौलत ने मुंह बंद कर दिया। समाजरत्न से नवाजे जाने के बाद भी क्या डेहरी-आन-सोन में अभिनंदन करने वालों को पता नहींथा कि पवन झुनझुनवाला का इतिहास-भूगोल क्या है? दरअसल, पवन झुनझुनवाला उस कारोबारी समाज से आते हैं, जो पीढिय़ों से आर्थिक अपराध के लिए चिह्निïत रहा है, भले ही उस कारोबारी समाज के सौ फीसदी लोग दागदार नहीं रहे हों। अब वह समाज भी जाति के आधार पर हराम की जादी की राजनीति करने वालों की तरह इस मानने की ओर रुख कर लिया है कि जब तक कोर्ट अपराधी होने का प्रमाण न दे, हम कैसे माने कि आरोप सही है? जबकि पवन झुनझुनवाला के विरुद्ध डेहरी-आन-सोन नगर थाना में वर्ष 2006 में दो कांड (45-06, 162-06), वर्ष 2007 में एक कांड (95-07) और वर्ष 2012 में एक कांड (248-12) दर्ज किए गए थे।
हर कोई बिकाऊ है के बाजार में भी कोई तो होता है जो बिकता नहीं
सासाराम के वरिष्ठ पत्रकार राजेश कुमार ने सोशल मीडिया (अपनी फेसबुक वाल) पर लिखा है कि पैसे की चकाचौंध में करीब-करीब हर चीज बिकाऊ होती है, पर उसी तंत्र में कोई तो होता है, जिसके सामने दौलत की आफर मिट्टी का ढेला होता है। पुलिस की छापामारी की जानकारी पाकर शहर के लोगों ने चकित होते हुए दांतोंतले उंगली दबा ली कि लाटरी किंग पवन झुनझुनवाला के घर छापा? इस कारोबारी के बारे में कहा जाता है कि कुछ स्थानीय मीडियाकर्मी उसके यहां दरबार लगाया करते थे। होली- दशहरा और अन्य मौकों पर दौलत का प्रदर्शन किया जाता था। यशोगान करने वाले कुछ मीडियाकर्मियों को नियमित रकम इस बात के लिए दी जाती थी कि कारोबार की पर्दादारी बनी रहे और अकारण यशोगान किया जाता रहे। कुछ महीनों पहले इस कारोबारी ने अपनी शादी के सालगिरह के जश्न का आयोजन किया था, जिसमें मीडियाकर्मियों को सूट के कपड़े बांंटे गए। कई को सोने की अंगूठी, पांच हजार तक नकद रकम, एक को सोने की चेन तो एक को 58 हजार रूपये का मोबाइल भेंट की गई थी।

(संपादन : कृष्ण किसलय)

 

 

बढ़ते अपराध पर अंकुश के लिए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा

डेहरी-आन-सोन (सोनमाटी संवाददाता)। भाजपा युवा मोर्चा की ओर से रोहतास के पुलिस अधीक्षक को भेंटकर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें रोहतास जिले में बढ़त अपराध के ग्राफ पर अंकुश लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, डेहरी प्रखंड अध्यक्ष अजय ओझा, प्रखंड महामंत्री उदय कुशवाहा, राहुल ओझा, गोपाल चौरसिया भी थे। ज्ञापन देने वालों ने बताया कि रोहतास जिला में बीते महीनों में अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। डेहरी-आन-सोन में नकद रकम, मोबाइल, महिलाओं के गले से चीन छीन ले जाने जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं।

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