सर्वसमाज के प्रतिनिधि थे जिन्ना के मुस्लिम लीग की मुखालफत करने वाले अब्दुल क्यूम अंसारी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। अब्दुल क्यूम अन्सारी आजादी के संघर्ष की भट्ठी में तपकर निखरे खरा सोना, देशव्यापी पहचान वाले मोमिन (बुनकर) समाज के लोकप्रिय नेता और सच्चे अर्थ मेंं सर्वसमाज के प्रतिनिधि थे। स्व. अन्सारी बिहार के वैसे रत्न थे, जिन्होंने गुलाम भारत में राष्ट्रवाद का खुलकर समर्थन करते हुए मोहम्मद जिन्ना (पाकिस्तान के निर्माता) के मुस्लिम लीग के द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत की मुखालफत की थी। यह बातें शहर की महिला चिकित्सक और समाजसेवी डा. नीलम सिंह यादव ने बिहार स्टेट मोमिन कान्फ्रेन्स (क्यू) की ओर से गांधी स्मारक में आयोजित अब्दुल क्यूम अन्सारी की 46वींपुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अब्दुल क्यूम अन्सारी के पोते (तनवीर अंसारी) को डेहरी-आन-सोन की सोननहर प्रणाली के तट (तारबंगला) पर अवस्थित 19वींसदी का भïव्य बंगला, जो जर्जर हो चुका है, के परिसर को स्टेडियम-म्यूजियम में तब्दील करने की पहल करनी चाहिए। ताकि अब्दुल क्यू अंसारी की विरासत कायम रहे और नई पीढ़ी उनके जन्मस्थल के गौरव से रू-ब-रू हो सके।
पटना से आए अब्दुल क्यूम अन्सारी के पोता तनवीर अंसारी तथा कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के अन्य वक्ताओं ने भी अब्दुल क्यूम अन्सारी के स्वाधीनता संघर्ष के बारे में जानकरी दी। तनवीर अंसारी ने कहा कि उनके दादा अब्दुल क्यूम अंसारी स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी सेनानी थे और जिन्होंने देश की आजादी के बाद बिहार सरकार में 17 सालों तक मंत्री रहकर निस्वार्थ भाव से जनसेवा की थी। यह बताया कि वह प्रयासरत हैं कि तारबंगला स्थित उनके पुश्तैनी बंगला को प्रशासन अतिक्रमण से मुक्त करा दे। समारोह में मंच पर कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में गिरिजानंदन सिंह (श्रमिक नेता), ललित कुमार सिन्हा (पूर्व नगर अध्यक्ष), अरविन्द कुमार सिंह (वर्तमान नगर अध्यक्ष), मुजीबुल हक (वार्ड पार्षद), जावेद अख्तर (अधिवक्ता), मोहन राम, सत्तार अन्सारी, भोला अन्सारी, शैलेन्द्र कुमार सागर (बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव) आदि मौजूद थे। संचालन विपिन यादव और पप्पू कुमार सिन्हा ने किया।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से यह मांग की गई कि स्वर्गीय अब्दुल क्यूम अंसारी के राष्ट्रीय महत्व के योगदान के मद्देनजर उन्हें शीर्ष राष्ट्र सम्मान भारतरत्न प्रदान किया जाए। दूसरा राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर यह मांग की गई कि डेहरी-आन-सोन की जनभावना को देखते हुए अब्दुल क्यूम अंसारी के पोता तनवीर अंसारी को बिहार में महागठबंधन की ओर से डिहरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर चुनाव के मैदान में उतारा जाए।
(रिपोर्ट/तस्वीर : उपेन्द्र कश्यप/निशांत राज)

 

तीन दिवसीय रोहतासगढ़ तीर्थयात्रा महोत्सव का अयोजन फरवरी में

डालमियानगर (रोहतास)-कार्यालय संवाददाता। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व वन मंत्री गणेश राम ने बताया है कि इस साल तीन दिवसीय रोहतासगढ़ तीर्थयात्रा महोत्सव का आयोजन 18, 19 और 20 फरवरी को रोहतासफोर्ट परिसर में किया जाएगा, जिसमेंकई राजीनितक-सांस्कृतिक हस्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। बिहार के सोन नद के किनारे रोहतास जिला अंतर्गत कैमूर पर्वत पर अवस्थित रोहतासगढ़ परिसर में  तीर्थयात्रा समारोह की तैयारी के लिए रोहतास, अधौरा, नौहट्टा प्रखंडों में बैठक की गई है। उन्होंने बताया है कि रोहतासगढ़ उनके अति प्राचीन पूर्वजों, भारतीय भूभाग के मूल बाशिंदों की धरहोर है और उनकी वीरगाथा के प्रतीक के रूप में आज भी देश के बतौर सबसे ऊंचे, सबसे विस्तृत पर्वतीय किला मौजूद है। बताया कि रोहतासगढ़ तीर्थयात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी समाज के लोग एकत्र होते हैं। गणेश राम यहां कर्मा-पूजा समारोह में भाग लेने आए थे, जिसमें आदिवासी समाज के पुजारियों (बैगा, पाहन) ने मादर (ढोलक का आदिम रूप) की थाप पर लोकगीत के साथ अपने कुलदेवियों-देवताओं का आह्वान कर आदिवासी तीर्थयात्रा समारोह का आगाज किया।
(सूचना : कुमार अरुण)

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