आयुष्मान भारत : बच्चे का छह साल बाद सीधा हुआ वक्र-हस्त

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय संवाददाता। उस बच्चे का टेढ़ा हाथ अब ठीक हो गया है। छह सालों से उसके वक्र-हस्त को लेकर उसका परिवार तनाव व दुख में थे। खुद बच्चा तकलीफ में था और अपना नित्य-कार्य भी बेहद मुश्किल से कर पाता था। गरीबी के कारण उसके हाथ सटीक उपचार नहीं हो पाया था और भविष्य में खर्चीले उपचार की संभावना नहींदिख रही थी। मगर ऐसा संभव प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना आयुष्मान भारत के लागू होने पर संभव हुआ। आयुष्मान भारत की सुविधाएं जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (एनएमसीएच) में भी उपलब्ध हो चुकी हैं, जहां से विहित प्रक्रिया पूरी कर कमजोर तबके के लोग महंगे इलाज के लिए गोल्डन कार्ड प्राप्त कर स्वास्थ्य-चिकित्सा संबंधित लाभ प्राप्त कर सकते हैं। पिछले महीने आरंभ हुए आयुष्मान भारत के तहत महंगे इलाज का लाभ एनएमसीएच से अब तक गरीब कमजोर तबके सौ से अधिक मरीज उठा चुके हैं।
अकोढीगोला में दर्जी का काम करने वाले रामकिशोर सिंह के 12 वर्षीय बेटे विकास कुमार का हाथ छह साल पहले टूट गया था। विधिवत आवश्यक उपचार के अभाव में हड्डियों के टेढ़ा जुडऩे के कारण बच्चे का हाथ टेढ़ा हो गया था और वह अपने टेढ़े हाथ को लेकर वर्तमान में बेहद परेशान तो था ही, भविष्य को लेकर भी चिंतित था। इसी बीच आयुष्मान भारत योजना लागू हुई तो इस योजना के लिए पंजीकृत अस्पताल (एनएमसीएच) से उसका गोल्डन कार्ड बना और उसका इलाज हो सका। एनएमसीएच में हड्डी रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक डा. विकास कुमार ने बच्चे के हाथ का आपरेशन कर उसकी टेढ़ी जुड़ी हुई हड्ड़ियों को फिर से सीधा जोड़ा। इलाज के बाद एक्सरे में उसके हाथ की हड्डी सीधी जुड़ी हुई पाई गई है। चिकित्सक का कहना है कि बच्चे के हाथ पर चढ़ाप्लास्टर निर्धारित समय पर काट दिए जाने और मांसपेशियों के सामान्य हो जाने के बाद उसका हाथ सीधा हो जाएगा। बच्चे का हाथ छह साल बाद अन्य बच्चे की तरह ही काम करने लगेगा।

(रिपोर्ट व तस्वीर : भूपेन्द्रनारायण सिंह, पीआरओ, एनएमसीएच)

 

डेहरी-आन-सोन तक हो आरा-सासाराम की रेलगाडिय़ों का संचालन

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष प्रतिनिधि। गया और दीनदयालनगर रेलखंड के बीच स्थित ए-श्रेणी का रेलवे स्टेशन होने के बावजूद डेहरी-आन-सोन कई तरह की यात्री सुविधाओं से वंचित तो है ही, कई महत्वपूर्ण और जरूरी स्थानों से रेल-मार्ग संपर्क से भी वंचित है। डेहरी-आन-सोन स्टेशन से हजारों की संख्या में यात्री हर रोज विभिन्न स्टेशनों के लिए सफर करते हैं, जिनमें आरा तक का सफर करने वालों की संख्या भी होती है। पुराने शाहबाद जिला के मुख्यालय शहर आरा के लिए डेहरी-आन-सोन से ट्रेन की कोई सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ती है। जबकि डेहरी-आन-सोन पुराने शाहाबाद जिला का हिस्सा रहा है और शाहाबाद पुलिस परिक्षेत्र का मुख्यालय (डीआईजी कार्यालय) डेहरी-आन-सोन में ही कार्यरत हैं। आरा तक रेल कनेक्टिविटी की मांग डेहरी-आन-सोन और आसपास की जनता लंबे समय से उठाती रही है।
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक और डेहरी चैम्बर आफ कामर्स के सचिव बबल कश्यप ने मध्य-पूर्व रेल जोन के हाजीपुर स्थित महाप्रबंधक से आरा-सासाराम के बीच चलने वाली रेलगाडिय़ों का परिचालन डेहरी तक विस्तारित करने की मांग की है। बबल कश्यप का कहना है कि आरा से सासाराम तक चलने वाली रेलगाडिय़ों का विस्तार डेहरी-आन-सोन तक करने की मांग पर हरी झंडी देना महाप्रबंधक के लिए प्रशासनिक और रेल-सेवा की संसाधन की व्यावहारिक दृष्टि से बहुत मुश्किल वाला काम नहीं है। डेहरी-आन-सोन से आरा तक आने और जाने के लिए रेलगाड़ी संचालन बेहतर तरीके से हो सकता है। बबल कश्यप ने कहा है कि उनका संगठन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भारत सरकार के रेल मंत्री से प्रतिनिधि मंडल के जरिये मिलकर इस समस्या को रखा जाए और निदान की मांग की जाए। बबल कश्यप ने कहना है कि वह भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस मुद्दे को रखने जा रहे हैं। बात जब नहींबनेगी और जरूरत महसूस हुई, तब वह डेहरी-आन-सोन की जनता के साथ इसके लिए आंदोलन भी करेंगे।

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