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बड़ी चिंता : कोरोना से पहली मौत / महिला चिकित्सक और महिला सरपंच ने कहा एहतियात जरूरी / संतपाल का आनलाइन नामांकन पोर्टल लांच

पटना से पहुंचीं दो और पाजिटिव रिपोर्ट, दूसरी मरीज का चेन कनेक्शन भी पहली कोरोना मरीज से

डेहरी-आन-सोन (बिहार)-विशेष संवाददाता। कोरोना वायरस जनित महामारी कोविड-19 से बिहार के रोहतास जिला में पहली मौत हुई। यह रोहतास जिला के लिए बड़ी चिंता की बात है। इस मौत से कोरोना से बिहार में मरने वालों की संख्या 05 हो गई। रोहतास बिहार के 38 जिलों में से उन 05 जिलों में शामिल है, जो राज्य के रेड जोन में हैं। पहली मौत की पुष्टि जिला स्वास्थ्य विभाग ने की है और जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (एनएमसीएच) के प्रबंधन के हवाले से यह खबर दी गई है। एनएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रभात कुमार सिंह ने बताया है कि सासाराम सदर अस्पताल से सांस में भारी तकलीफ वाला 70 वर्षीय मरीज सासाराम सदर अस्पताल से एनएमसीएच में रेफर किया गया था। इस मरीज को उपचार के लिए आईसीयू में रखा गया और उसके रक्त नमूना को 06 मई को कोरोना परीक्षण के लिए पटना भेजा गया, जिसकी जांच रिपोर्ट 07 मई को पाजिटिव आई। मगर रिपोर्ट के पटना से आने के पहले ही मरीज सुबह में दम तोड़ चुका था। सासाराम से सटे धौडाढ़ गांव के निवासी इस मृतक को दम फूलने (दमा) की बीमार पहले से थी, जिसकी तबियत ज्यादा खराब होने पर सासाराम सदर अस्पताल ले जाया गया था। मृतक की अंतिम-क्रिया भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मानक और दिशा-निर्देश के अनुरूप जिला प्रशासन की देख-रेख में होगी। पटना से एनएमसीएच में पहुंची एक और रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव है। यह रिपोर्ट 56 वर्षीय महिला की है, जो रोहतास जिला की चिह्रित पहली कोरोना मरीज महिला (बारादारी, सासाराम) की चेन से जुड़ी हुई है और बारादारी मुहल्ले की ही है। इस प्रकार रोहतास जिला में अभी तक 54 कोरोना मरीजों की पुष्टि पटना की जांच रिपोर्ट से हुई है। इनमें पहली कोरोना मरीज महिला सहित तीन का इलाज पटना में और 05 का इलाज गया मगध मेडिकल कालेज अस्पताल में चल रहा है।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेन्द्रनारायण सिंह, पीआरओ, एनएमसीएच)

शरीर की प्रतिरोधी क्षमता मजबूत बनाए रखना आवश्यक : डा. गीता सिंह

डेहरी-आन-सोन की सर्ववरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. गीता सिंह (गीतांजलि नर्सिंग होम) ने कहा है, मानव सभ्यता के ज्ञात इतिहास ने कोविड-19 महामारी जैसी महाआपदा नहीं देखी थी। कोरोना वायरस के भय से पूरी दुनिया थम गई है, भयभीत है। इसने एक साथ पृथ्वी की सभी सभ्यताओं को आक्रांत कर दिया है। उन्होंने बताया है कि साबुन से अनेक बार हाथ धोना और मास्क पहनना इससे बचाव का आरंभिक उपाय है। बुजुर्गों, बच्चों को हर हाल में घर में ही बने रहना चाहिए और आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए उपायों का पालन करना चाहिए। डा. गीता सिंह ने सोनमाटीडाटकाम से कहा, यह ऐसी बीमारी है कि इसने पुरुष या महिला को बीमार बनाने में कोई फर्क नहीं किया है, दोनों पर ही इसका असर-आक्रमण एक जैसा है। गर्भवती महिलाओं को इससे अधिक खतरा है। इसलिए इससे बचाव के लिए शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत बनाए रखना जरूरी है, जिसके लिए उपयुक्त भोजन-आहार का सेवन करना चाहिए।

कोरोना से युद्ध के तीन हथियार हैं लाकडाउन, सोशल डिस्टेंस और मास्क : सरपंच डाली भारती

गया (बिहार) के मानपुर प्रखंड की शादीपुर ग्रामपंचायत की महिला सरपंच और धर्मवीर टीवी एंड फिल्म प्रोडक्शन की प्रबंध निदेशक डाली भारती ने कहा है कि कोरोना की दवा ईजाद नहीं होने की वजह से इससे लडऩे के तीन जरूरी हथियार (तरीका हैं पूर्णबंदी (लाकडाउन), सोशल डिस्टेन्स (शारीरिक दूरी) और मुख-पट्टी (मास्क)। उन्होंने मास्क से फायदा के बारे में जानकारी देते हुए लोगों से घर से बाहर निकलते समय हर हाल में मास्क लगाने की अपील की है और कहा है कि एक मास्क का इस्तेमाल एक ही व्यक्ति करे, दूसरे को नहीं दे। हर व्यक्ति अपने मास्क की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखे और उसे कड़ी धूप में सुखाए, ताकि जीवाणु मर सके। डाली भारती ने सोनमाटीडाटकाम को जानकारी दी कि लाकडाउन (पार्ट-2) की अवधि में अपनी ग्रामपंचायत के 510 सीनियर सिटीजन का सर्वप्रथम ध्यान रखते हुए घर-घर जाकर उन्हें मास्क वितरित किया। इसके बाद बाजार बंद होने के कारण सूती कपड़े से मास्क सिलवाया और ग्रामपंचायत में कोरोना के प्रति जागरूकता का प्रचार करते हुए ग्रामीणों के बीच मास्क बंटवाया।

विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीक बेहद जरूरी : डा. एसपी वर्मा

(नामांकन पोर्टल का शुभारंभ करते डा. एसपी वर्मा, साथ में रोहित वर्मा)

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। वैश्विक महामारी के संक्रमण के भय से लाकडाउन की अवधि में घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। इस कठिन परिस्थिति में संतपाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल ने अध्यापकों, विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन के बीच आनलाइन संपर्क और शिक्षा के लिए आधुनिक सूचना तकनीक का उपयोग शुरू किया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संतपाल विद्यालय अपनी स्थापना के आरंभ से ही कटिबद्ध रहा है और समय के अनुरूप हर जरूरी उपक्रम को अपनाता रहा है। संतपाल रोहतास जिला का पहला विद्यालय है, जिसने आनलाइन पढ़ाई आरंभ की। संतपाल स्कूल के अध्यक्ष डा. एसपी वर्मा ने आनलाइन नामांकन पोर्टल का शुभारंभ करते हुए यह बातें कहीं। विद्यालय के प्रबंधक रोहित वर्मा ने बताया कि 11 अप्रैल से विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आनलाइन क्लास शुरू कर दी। 21 अप्रैल को विद्यालय का पोर्टल लांच हुआ, जिसका उपयोग विद्यार्थियों के विवरण, उपस्थिति, स्कूल-फी, होमवर्क एसाइनमेंट आदि के लिए हो रहा है। अब संतपाल स्कूल में दाखिला के लिए स्कूल के आधिकारिक पोर्टल की सुविधा होने से विद्यालय परिसर में आए बिना विद्यार्थियों का स्कूल में दाखिला होगा। इसके लिए वेबसाइट पर लागिंग कर कंप्यूटर सिस्टम द्वारा पूछे या प्राप्त होने वाले आप्शन से जवाब देकर नामांकन फार्म भरा और आनलाइन ही जमा किया जा सकता है। विद्यालय शुल्क का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई वालेट, अमेजन-पे, एयरटेल मनी, डोनट कैश कार्ड, पेटीएम वालेट, ओला मोनेट वालेट आदि इंटरनेट बैंकिंग उपक्रमों के जरिये आनलाइन ही हो रहा है। इस अवसर पर विद्यालय की सचिव वीणा वर्मा, ट्रस्टी राहुल वर्मा, प्राचार्य आराधना वर्मा ने आनलाइन पढ़ाई के बाद अब आनलाइन नामांकन सुविधा होने पर हर्ष और संतोष व्यक्त किया।

(रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार, शिक्षक-सह-मीडिया प्रभारी)

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