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शिक्षकों की शांतिपूर्ण पदयात्रा/ चित्रा मुद्गल ने कहा हिंदी में घट रहे पाठक/ नवसंवत, नवरात्र, रमजान पर बधाई

निजी विद्यालय संचालकों की 11 किलोमीटर पदयात्रा

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की रोहतास जिला इकाई के तत्वावधान में डिहरी अनुमंडल के निजी विद्यालयों और निजी कोचिंग सेंटरों के संचालकों, प्रतिनिधियों, शिक्षकों ने शांतिपूर्ण पदयात्रा अकोढ़ी गोला स्थित गांधी आश्रम से डिहरी अनुमंडल कार्यालय तक की। अकोढ़ी गोला से डिहरी अनुमंडल लगभग 11 किलोमीटर की दूरी बिना किसी नारेबाजी के और कोरोना के गाइड लाइन का पालन करते हुए पैदल ही तय करने के बाद अनुमंडलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में संस्था के जिला सचिव समरेंद्र कुमार, जिला महामंत्री अनिल शर्मा, प्रखंड अध्यक्ष अरविन्द भारती, प्रखंड उपाध्यक्ष दीपनारायण पांडेय, प्रखंड सचिव प्रशांत कुमार और प्रखंड कोषाध्यक्ष ने सौंपा। ज्ञापन में राज्य सरकार से यह मांग की गई है कि रोहतास जिले के सभी 19 प्रखंडों के निजी विद्यालयों को सभी संस्थानों-दुकानों की तरह कोरोना प्रोटोकाल के अंतर्गत चलाने की इजाजत देने की मांग की गई है। राज्य सरकार के आदेशानुसार 18 अप्रैल तक रोहतास जिला के सभी निजी विद्यालय बंद रखे गए हैं। विद्यार्थियों की मदद के लिए आनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कोरोना काल के 14 महीनों की बंदी में निजी विद्यालय संचालकों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है और कोई विद्यालय शिक्षकों-कर्मचारियों को वेतन देने की स्थिति में नहीं है। इसके अलावा संचालक को बिजली बिल, मकान किराया, वाहन बीमा, रोड टैक्स, वार्षिक होल्डिंग टैक्स इत्यादि का भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे वे कर्जदार भी हो चुके हैं। इस स्थिति के कुछ और लंबा खिंचने की हालत में स्कूल संचालकों और कर्मियों को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन करना पड़ेगा। निजी विद्यालय संचालकों की राज्य सरकार से मांग है कि 19 अप्रैल से शिक्षण संस्थान पूरी तरह खोल दिए जाएं।

विक्रम संवत, नवरात्र और रमजान की बधाइयां

डेहरी-आन-सोन/सासाराम/दाउदनगर (कार्यालय प्रतिनिधि)। भारतीय विक्रम संवत के वर्षारंभ और नवरात्र के साथ रमजान के पाक माह की शुरुआत होने पर समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और कारोबारियों ने शुभकामनाएं दी हैं। शुभकामना और बधाई देने वालों में सांसद महाबलि सिंह, संतपाल स्कूल सासाराम के अध्यक्ष डा. एसपी वर्मा, प्रबंधक रोहित वर्मा, बोस क्लिनिक के निदेशक डा. सुनील कुमार बोस, वरिष्ठ चिकित्सक डा. एबी सिंह, डा. गीता सिंह, डा. संजय सिंह, महिला कालेज डालमियानगर के प्राचार्य डा. सतीशनारायण लाल, रोहतास उद्योगसमूह परिसर के प्रभारी एआर वर्मा, सनबीम स्कूल के प्रबंध निदेशक राजीव रंजन सिन्हा, प्राचार्य अनुभा सिन्हा, मोहिनी समूह के प्रबंध निदेशक उदय शंकर, मीना शंकर, चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट के संरक्षक डा. रागिनी सिन्हा, अध्यक्ष डा. उदयकुमार सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, सोनघाटी पुरातत्व परिषद के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद सरावगी, संयुक्त सचिव अवधेशकुमार सिंह, उप सचिव उपेन्द्र कश्यप, उप-कोषाध्यक्ष निशान्त राज, विद्या निकेतन विद्यालय समूह दाउदनगर के अध्यक्ष सुरेश कुमार गुप्ता, सीईओ आनंद प्रकाश, डिप्टी सीईओ विद्या सागर, बजाज एलियांज के प्रबंधक राजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ कारपोरेट कन्सलटेंट अरुण कुमार गुप्ता, राष्ट्र सेवा दल के अध्यक्ष पूर्व विधायक प्रदीप जोशी, पूर्व विधायक ज्योति रश्मि, धेनुका पब्लिक स्कूल के प्राचार्य शिवकुमार सिंह, कायस्थ महासभा के अनुमंडल महासचिव विकास कुमार सिन्हा, राज इलेक्ट्रिक के रतनलाल जोशी, विकास लाज के सुरेंद्र चौरसिया, मारवाड़ी युवा मंच के संरक्षक ओमप्रकाश केजरीवाल, श्याम ज्वेलर्स के सुधीर कुमार, अमित कुमार, बचपन से पचपन के प्रबंधक राज किशोर, गुरुनानक इलेक्ट्रोनिक्स के जितेन्द्रपाल सिंह, रोहतास जिला चैंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद, डेहरी चैंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष बबल कश्यप, इंडियन बुलियन ज्वेलर्स के निदेशक टिंकू कश्यप, होटल उर्वशी के संचालक संतोष गुप्ता, कामधेनु कन्फेक्शनरीज एंड स्वीट्स के अरविंद गुप्ता, अरुण गुप्ता, अटैची सेंटर के गुलजार फिरदौसी, रिजवान अली, नगर पूजा समिति के अध्यक्ष श्री. तिवारी, सचिव अरुण शर्मा, डेहरी टाइल्स के इं. अशोक सिंह आदि शामिल हैं।

हिंदी में घटते जा रहे हैं लंबी कहानियों के पाठक : चित्रा मुद्गल

पटना (सोनमाटी समाचार नेटवर्क)। डिजिटल तकनीक और सूचनाओं के अबाध निरंतर प्रवाह ने पाठकों की दुनिया बदल दी है। लोगों की पढऩे की रूचि कम होती जा रही है। आजकल के ज्यादातर युवा पाठक छोटी, वेस्ट सेलर उपन्यास पढऩा चाहते हैं। संभवत: हिन्दी में लंबी कहानियों के पाठक नहीं के बराबर हैं और लंबी कहानियों की अपेक्षा लघुकथाएं अधिक पढ़ी जा रही हैं। यह बात भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में फेसबुक के अवसर साहित्यधर्मी पत्रिका पेज पर मासिक आनलाइन आयोजन ‘हेलो फेसबुक कथा सम्मेलन’ में नई दिल्ली से हिंदी की लब्धप्रतिष्ठ कथाकार डा. चित्रा मुद्गल ने कही। आनलाइन कथा सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार डा. योगेंद्रनाथ शुक्ल (इंदौर) ने की। डा. शुक्ल ने कहा कि अर्थशास्त्र में मांग और पूर्ति का सिद्धांत है, उसी तरह देश-काल की समाजिक परिस्थिति के अनुरूप ही कथाकारों को अपनी रचनाएं करनी चाहिए। आज मनोरंजन और ज्ञान के अधिक विकल्प हैं, पर किसी के पास पहले जैसी फुर्सत नहीं है।
डा. शरदनारायण खरे (म.प्र.), डा. ऋचा वर्मा (पटना), अपूर्व कुमार (हाजीपुर), मीना कुमारी परिहार, राज प्रिया रानी ने अपने-अपने विचार रखते हुए कहा कि लम्बी कहानी का स्थान छोटी कहानी नहीं ले सकती। जरूरत कथ्य में सामयिकता, शिल्प में चुंबकीय आकर्षण, वर्णन में रोचकता बनी रहे। अभिभावकों को बच्चों में पढऩे की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि अच्छी पुस्तक अच्छी मित्र होती है। कुछ भी परोस देना लघुकथा नहीं हो सकती है। आज का पाठक पुराने जमाने के पाठकों से कहींअधिक सजग और बौद्धिक विस्तार वाला है, वह लेखक के दृष्टिकोण को भांप लेता है। कहानी मनोभावों का इतिहास है। अब टीवी और मोबाइल फोन स्क्रीन ने स्थाई स्थान बना लिया है, इसलिए प्रिंट के लेखकों के सामने नई चुनौती है। तीन घंटे चली ‘हेलो फेसबुक कथा सम्मेलन’ का संचालन इसके संयोजक वरिष्ठ चित्रकार-कवि-कथाकार सिद्धेश्वरने किया, जिसमें नए-पुराने कथाकारों ने भाग लिया। इस मौके पर पूनम आनंद ने ब्याह, गजानंद पांडे ने आओ मन के दीप जलाएं, जयंत ने चौथाई फाटक, डा. योगेंद्रनाथ शुक्ल ने बनती-टूटती धारणाएं, डा. लवलेश दत्त ने श्यामा, सेवासदन प्रसाद ने आज का अखबार, देवी नागरानी ने प्रायश्चित, प्रियंका श्रीवास्तव शुभ्र ने वसुंधरा कुटुंब का और चितरंजन भारती ने बाजार का सच कहानियों का पाठ किया।
(प्रस्तुति : ऋचा वर्मा, सचिव, भारतीय युवा साहित्यकार परिषद)

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