

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) विशेष संवाददाता। विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर शुक्रवार को नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमुहार और सासाराम के सामुदायिक औषधि विभाग द्वारा शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र सासाराम तथा ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र अंकोढी़गोला के आंगनबाड़ी में एक जनसंख्या नियंत्रण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पुरुषों एवं महिलाओं, विशेषकर 20-35 वर्ष की महिलाओं को जनसंख्या नियंत्रण, परिवार नियोजन और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी गई। जनसंख्या विस्फोट से होने वाले नुकसान पर विशेष ध्यान दिया गया जैसे कि प्राकृतिक संसाधनों की कमी होना, स्वस्थ व्यवस्थाओं पर अधिक भार बढ़ना, प्रदुषण में वृद्धि होना, बेरोजगारी का बढ़ना, जीवनशैली के स्तर में गिरावट आना जैसी तमाम परिस्थितियों के बारे में बात की गई। इस कार्यक्रम में नारायण मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के डॉक्टरों ने महिलाओं को छोटा परिवार–सुखी परिवार का महत्व बताया तथा सरकार द्वारा चल रहे “हम दो हमारे दो” जैसे मुहिम पर प्रकाश डाला।

बताया गया कि पहला बच्चा शादी के तीन साल बाद और दो बच्चों में 3 साल का अंतराल रखना जरूरी है ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हों। चिकित्सकों द्वारा दो बच्चों के बाद नसबंदी जैसे गर्भनिरोधक तरीकों को आसान भाषा में समझाया गया।पोस्टर और चार्ट की मदद से भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी और छोटे खेलों के ज़रिए महिलाओं को जोड़ा गया तथा आसपास के घरों में जाकर घर-घर जनसंख्या नियंत्रण के बारे में जागरूकता भी फैलाई। डॉक्टरों ने कहा कि “हम चाहते हैं कि हर महिला तथा पुरूष को सही जानकारी मिले ताकि वे जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणाम को समझे तथा वे जनसंख्या नियंत्रण में अपना योगदान दें और वह अपना और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निर्णय ले सके।” यह कार्यक्रम सामुदायिक-औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. निपेंद्र आनंद, डॉ. राहुल चंद्रा, डॉ. स्वाति सुमन, डॉ. नारायण जोशी, डॉ. भरत, डॉ. अमूल्या और अन्य जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की अगुआई में संपन्न हुआ तथा इस जागरूकता अभियान में विभाग के इंटर्न्स ने भी भाग लिया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह,पीआरओ, जीएनएसयू)