

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) विशेष संवाददाता। हस्तशिल्प के संवर्धन एवं विकास हेतु भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन संचालित हस्तशिल्प सेवा केंद्र, पटना के तत्वावधान में शुक्रवार से तीन दिवसीय कार्यशाला गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ हो गया। इस कार्यशाला में हस्तशिल्प के विकास को लेकर प्रशिक्षण, डिजाइन, विपणन, टुलकिट का वितरण, निर्यात आदि को लक्षित कर शिक्षण संस्थानों के छात्र छात्राओं एवं स्थानीय हस्तशिल्प के क्षेत्र में रूचि रखने वाले लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। हस्तशिल्प के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से इस कार्यक्रम को वस्त्र मंत्रालय द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है जिसका आयोजन पटना, मध्य बिहार एवं दक्षिण बिहार के 21 जिलों में किया जा रहा है।
इस अवसर पर उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि भारत सरकार के इस कार्यक्रम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय परिवार संकल्पित है एवं विगत तीन वर्षों से सिलाई कढ़ाई आदि प्रशिक्षण का कार्य विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक निदेशक हस्तशिल्प मुकेश कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अलावे नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर, राज्य के नवोदय विद्यालयों, प्रबंधन संस्थान एवं कई केंद्रीय विद्यालयों में कराये जा चुके हैं। इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न हस्तशिल्पों जैसे मिथिला पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग, टिकुली पेंटिंग, सुजनी, टेराकोटा, बंबू सामग्री, पाषाण सामग्री, आदि का लाइव डेमोंसट्रेशन राज्य के प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा किया जाता है।
इस आयोजन में प्रशिक्षकों को मानदेय एवं उनके आने जाने का खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम का समापन 27 जुलाई को होगा तथा इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं के अलावे आसपास के पुरुष एवं महिला प्रतिभागियों को विभिन्न कलाओं से अवगत कराया जाएगा तथा रुचि के अनुसार उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह रोजगार सृजन कर सकें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ महेंद्र कुमार सिंह एवं टिकुली पेंटिंग में पद्मश्री प्राप्त विश्वास भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन टीसीएस लैब प्रभारी ओम प्रकाश सिंह ने किया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह,पीआरओ, जीएनएसयू)