जवानों, तुम्हें वतन का शत-शत नमन !

पटना/डेहरी-आन-सोन/दाउदनगर/सासाराम (सोनमाटीडाटकाम टीम)। जम्मू-कश्मीर में बिना युद्ध लड़े आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवानों के शहीद होने पर पूरे देश और बिहार प्रदेश में आक्रोश, शोक की लहर है। शहीद जवानों को उन्हें व्यापक पैमाने पर श्रद्धांजलि देने और नमन करने के उपक्रम जारी हैं। पूरा देश यही मान रहा है कि जब तक जैश-ए-मोहम्मद और लशकर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों संरक्षण देने वाले पाकिस्तान का नुकसान नहींहोगा, तब तक भारत पाकिस्तान-समर्थित आतंकियों के निशाने पर बना रहेगा। करीब ढाई साल पहले उरी पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में कड़ा जवाब दिया गया था, मगर उसका वांछित लाभ नहींमिल पाया। चूंकि जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के 44 जवानों की शहादत देश पर बड़ा बज्राघात है, इसलिए इस घटना का प्रतिशोध लिया जाना जरूरी है। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि देश की सीमा पर और देश में आतंकी संगठनों के मौजूद कनेक्शन को कड़ा सबक सिखाया जाए। साथ में, खुफिया-सुरक्षा तंत्र को और पुख्ता किया जाए। आतंकी संगठनों को शरण देने वाले पाकिस्तान पर सीधा दबाव बनाने के लिए सिंधु नद जल समझौता रद्द होना चाहिए, जिसके पानी का इस्तेमाल पाकिस्तान करता है।

 

नवज्योति शिक्षा निकेतन में बच्चों ने जलाई मोमबत्तियां

दाउदनगर (औरंगाबाद)-कार्यालय प्रतिनिधि। नवज्योति शिक्षा निकेतन में विद्यालय के निदेशक, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं महेश टंडन, नीरज कुमार गुप्ता, दीपक कुमार गुप्ता, नवीन पांडेय, संतोष शर्मा, महादेव प्रसाद, सुमन्त पांडेय, रजन्ती देवी, लीलावती कुमारी, वीणा देवी के नेतृत्व-संयोजन में छात्र-छात्राओं मोमबत्ती जलाकर शहीद जवानों के प्रति श्रद्धांजलि ज्ञापित किया। इस अवसर पर वक्ता शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कायराना अंदाज में किए गए फिदायीन हमले पर अपने आक्रोशपूर्ण वक्तव्य में आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को शरण-संरक्षण देने वाले पाकिस्तान की सरजमींपर बहुगुणित संख्या में आतंकियों का खात्मा कर बदला लिए जाने पर बल दिया।
((रिपोर्ट/तस्वीर : उपेंद्र कश्यप/निशांत राज)

जनकल्याण मोर्चा ने आयोजित की शोकसभा

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-वरिष्ठ संवाददाता। जनकल्याण मोर्चा की ओर से थाना चौक पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर राज्य में भारतीय सीमा क्षेत्र पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्रीय एकजुटता का इजहार करते हुए त्वरित कड़ी कार्रवाई की केेंद्र सरकार से अपील की गई।भाजपा नेता कृष्णा तिवारी, मोहम्मद नियाज अहमद, मुन्ना कसेरा, अर्जुन प्रसाद केशरी, अभ्दुल कलमा आजाद, सतीश कश्यप, आदित्य प्रकाश यादव आदि बड़ी संख्या में लोगो ने शोकसभा सह कैैंडिल मार्च के संयोजन में हिस्सा लिया।राजद और अन्य संगठनों के लोगो ने आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया।
(रिपोर्ट और तस्वीर : वारिस अली)
(वाह्ट्सएप सूचना)

संतपाल सीनियर सेकेेंड्री स्कूल में रखा गया दो मिनट मौन

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। शहर के अग्रणी विद्यालय संतपाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल में विद्यालय के अध्यक्ष डा. एपी वर्मा के निर्देशन में दो मिनट का मौन रखकर शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं की ओर से विनम्र सामूहिक सम्वेदना अभिव्यक्त की गई। डा. वर्मा ने कहा कि आतंकी द्वारा आत्मघाती हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ है। पूरे देश की एकजुट, एकस्वर संवेदना शहीदों के साथ है।
प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमाएल अहमद और प्रदेश महासचिव डा. एसपी वर्मा के आह्वान पर इस संगठन की विभिन्न इकाइयों द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में जगह-जगह शोकसभाएं आयोजित की। इस संगठन के रोहतास जिला अध्यक्ष रोहित वर्मा की ओर से संगठन के सभी प्रखंड इकाइयों को शोक समारोह संयोजित करने को कहा गया।
(रिपोर्ट और तस्वीर : अर्जुन कुमार, मीडिया प्रभारी)

जवानों की शहादत पर सोशल मीडिया में तरह-तरह से दुख व्यक्त किया जा रहा है। इस घटना पर कई कविताएं भी लिखी गई हैं। कई कविताएं वायरल भी हो रही हैं। सोनमाटीडाटकाम को प्राप्त हुईं दो फौरी काव्य रचनाएं शहादत के नाम समर्पित हैं।

(1.) पापा, आप बहुत याद आते हैं !
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सीमा पर बने रक्षक परकोटों में, जंग में लगते गहरे चोटों में,
सैनिक की वर्दी के फोटो में, हर वक्त आप मुस्कुराते हैं।
पापा! आप बहुत याद आते हैं।।

देश की सीमा पर रहे डटे, गोली लगे या सिर कटे,
मरते दम तक नहीं हटे, मर कर भी जीत दिलाते हैं।
पापा! आप बहुत याद आते हैं।।

पर, देश की छाती पर बैठे, नेता और नौकरशाह ऐठे,
देश को लूट रहे इक्कठे, व्यर्थ में गाल बजाते हैं।
पापा! आप बहुत याद आते हैं।।

पूरे परिवार में छाई गमी, दादा की आंखें सूनी-सूनी,
मम्मी की आंखों में नमी, फिर भी आप नहीं आते हैं।
पापा! आप बहुत याद आते हैं।।

नन्हीं हाथों से दी अग्नि, अब तो यादें ही संगनी,
दीदी की होने वाली मंगनी, सपनों में सपना सजाते हैं।
पापा! आप बहुत याद आते हैं।।

-ग़ुलाम कुन्दनम्
(आप के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, काराकाट 99310183912)

(2.) के नापाक सर कुचल डालें…
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गजब ये रीत चली है वतन पे साजिश की,
के कत्लोखून हमारा हो या के फौजी का।
कसम है तुमको वतन के हर एक जांबाजों,
ये फैसला तो करो एक हो के लडऩे का।।

हम अपने बीच की हर-एक दरार खत्म करें,
उठाएं हाथ में बन्दूक और फिर दिखा डालें।
फिर एक बार भगत, गांधी वो गफ्फार बनें,
किसी भी मुल्क के नापाक सर कुचल डालें।।

-अख्तर इमाम अंजुम
(शायर और अधिवक्ता, सासाराम 9430437182)

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