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विदेशी सहित घर लौटे 21 कोरोना मरीज / क्यों नहीं बना सबका राशन कार्ड / चित्रांश महिलाओं का निधन, श्रद्धांजलि

सबके बनाएं राशन कार्ड, उपलब्ध कराएं राशन : डा. कांति सिंह ; क्यों सिर्फ 2800 ही फार्म हुए मंजूर : शहनवाज खान

पटना/डेहरी-आन-सोन (कार्यालय प्रतिनिधि)। राजद की वरिष्ठ नेता पूर्व केेंद्रीय मंत्री डा. कांति सिंह और युवा राजद के वरिष्ठ नेता शहनवाज खान ने बिहार में सभी जरूरतमंदों के राशन कार्ड बनाए जाने और उन्हें तुरंत राशन मुहैया किए जाने की मांग की है। डा. कांति सिंह ने बिहार के बाहर से बुलाए जा रहे प्रवासी श्रमिकों और विद्यार्थियों का समुचित परीक्षण करने, सामूहिक या सामुदायिक क्वारंटाइन में जरूरी सुविधाएं देने और उनसे ट्रेन-बस का मार्ग-व्यय नहीं लिए जाने की मांग की है। डा. कांति सिंह ने बताया है, राज्य सरकार ने सभी के लिए राशन मुहैया कराने की घोषणा की है और कहा है कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी राशन उपलब्ध कराया जाएगा। शहनवाज खान ने रोहतास के जिलाधिकारी से मांग की है कि डेहरी-डालमियानगर परिषद क्षेत्र के सभी जरूरतमंदों के राशन कार्ड बनाए जाएं और राशन दिए जाएं, क्योंकि लाकडाउन में अब आम आदमी के सामने दो वक्त के भोजन का गंभीर संकट शुरू हो चुका है। राशन कार्ड के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं और जीविका समूह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डेहरी-डालमियानगर की बड़ी आबादी का राशन कार्ड नहीं बन सका है। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, जीविका दीदी और वार्ड पार्षद मनमानी कर रहे हैं, क्योंकि न तो यह सभी घरों में पहुंची हैं और न तो घरों की वास्तविक आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की हैं। नागरिकों से घर-घर जाकर वांछित फार्म भरवाने की जिम्मेदारी इनकी है और जनप्रतिनिधि होने के नाते मानीटरिंग करना वार्ड पार्षदों, नगर परिषद अध्यक्ष का और सरकारी प्रतिनिधि होने के नाते कार्यपालक पदाधिकारी का कार्य है। डेहरी डालमियानगर के 39 वार्डों में से सिर्फ 11055 घरों से ही आवेदन लिए गए। महज 3640 लोगों के आवेदन पर विचार कर 830 लोगों का आवेदन अकारण रद्द कर दिया गया। राशन कार्ड तो सबका बनना है, बीपीएल का और एपीएल का भी। अगर राशन की मात्रा कम है या ऊपर से कम राशन कार्ड बनाने का निर्देश है तो इन्हें जनता को वस्तुस्थिति बताना चाहिए। सवाल है कि इन्हें क्या चाहिए? राज्य विधानसभा के निर्वाचित जन प्रतिनिधि होने के नाते स्थानीय विधायक को भी इस दिशा में नागरिक अधिकार की रक्षा और उसके भोजन से जुड़े इस सवाल को देखने की जिम्मेदारी है कि आखिर कौन-सा खेल है, कौन-सा तिलस्म है यह?
माफ किए जाएं किसानों के राजस्व :
भारतीय सब लोग पार्टी (भासलोपा) के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने रोहतास जिले के विभिन्न स्थानों पर अपने-अपने घरों में रहकर लाकडाउन के प्रावधान का पालन करते हुए उपवास रखा और बिहार सरकार से लाकडाउन के कारण खराब आर्थिक स्थिति के मद्देनजर किसानों के सभी तरह राजस्व और बकाए को भी माफ करने की मांग की। भासलोपा के प्रदेश महासचिव राजीव रंजन टुटुल की ओर से जारी प्रेस-विज्ञप्ति में बताया गया है कि जिस तरह केेंद्र सरकार ने देश के उद्योगपतियों के 86 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किए हैं, उसी तरह किसानों के भी राजस्व और बकाए माफ करे।
चित्रांश परिवार की महिला सदस्यों को श्रद्धांजलि :
डेहरी-आन-सोन मेंं चित्रांश समाज के वरिष्ठ समाजसेवी राजद महासचिव दामोदर प्रसाद श्रीवास्तव के न्यू एरिया (वार्ड-25) स्थित आवास पर उनके बड़े भाई ललित श्रीवास्तव की पत्नी कमला देवी और चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव की भाभी सुधा श्रीवास्तव के निधन पर कायस्थ महासभा की ओर से दो मिनट का मौन रखकर सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा, प्रवक्ता ट्रस्टी कृष्ण किसलय, कायस्थ महासभा के प्रदेश सचिव विकास कुमार सिन्हा, डेहरी अनुमंडल उपाध्यक्ष मनोरंजन प्रसाद सिन्हा, सचिव नवीन कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष कृष्णवल्लभ सहाय, दयानिधि श्रीवास्तव, जयंत वर्मा, दामोदर श्रीवास्तव, अनुराग शरण, धनपाल श्रीवास्तव, सत्येन्द्र सिन्हा, चंदन शरण, अमर सिन्हा आदि शामिल थे।

(रिपोर्ट, तस्वीर : निशांत राज)

एनएमसीएच से घर लौटे नेपाली प्रवासी सहित 21 कोरोना मरीज : गोविंदनारायण सिंह

बच्चे को विदा करते सांसद गोपालनारायण सिंह : तस्वीर भूपेंद्रनारायण सिंह

डेहरी-आन-सोन (विशेष संवाददाता)। जमुहार स्थित एनएमसीेएच से तीन दिनों में 21 कोरोना मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई। तीसरे दिन 06 अप्रैल को 05 मरीज स्वस्थ होकर घर गए, जिनमें दो एनएमसीएच के ही स्वास्थ्यकर्मी हैं। कुल 52 मरीजों में से तीन पटना और पांच गया मेडिकल कालेज में भर्ती हैं, जो रोहतास जिला के हैं। पटना से रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर मरीजों को घर के लिए विदा किया गया। 04 अप्रैल को 06 मरीज और 05 अप्रैल को 10 स्वस्थ हुए मरीज की छुट्टी की गई। एक सदिग्ध मरीज को भी घर जाने दिया गया, जिसकी स्थिति गंभीर थी मगर दो बार कोरोना परीक्षाण में उसे पाजिटिव नहीं पाया गया। एनएमसीएच द्वारा 30 अप्रैल तक सर्दी-खांसी-बुखार के संदिग्ध 1591 मरीजों के रक्त नमूने पटना भेजे गए थे, जिनमें 52 पाजिटिव पाए गए। फिर तीन दिन बाद 04 अप्रैल को 33 संदिग्धों के रक्त नमूने भी जांच के लिए पटना भेजे गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। गोविन्द नारायण सिंह ने बताया है कि अस्पताल से छुट्टी पाए मरीजों में एक नेपाल निवासी प्रवासी श्रमिक भी है। स्वस्थ हुए मरीजों को एनएमसीएच के संस्थापक अध्यक्ष सांसद गोपालनारायण सिंह, सचिव गोविंदनारायण सिंह, प्रबंध निदेशक त्रिविक्रमनारायण सिंह, प्राचार्य डा. एसएन सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रभात कुमार सिंह, महाप्रबंधक (संचालन) उपेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी नर्सिंग अधीक्षक शशांक कुमार, जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्रनारायण सिंह ने विदा किया।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, एनएमसीएच)

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