प्रलय बन हनीमून मनाने भारत आते हैं टिड्डी दल/ कोरोना पर राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी/ हिमांशु का सम्मान/ स्कूल ट्रस्टी को श्रद्धांजलि

भारत-पाक सीमा पर विश्व का सबसे बड़ा टिड्डी प्रजनन, दिल्ली और यूपी में रेड अलर्ट

दिल्ली/पटना (सोनमाटी टीम)। खेती को तबाह करने वाला बड़े आकार के प्रवासी मरुस्थलीय टिड्डियों का प्रलंयकारी दल पाकिस्तान के बाद भारत के राजस्थान, मध्य प्रदेश से होते हुए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र तक दस्तक दे चुका है। टिड्डी दलों के खतरे के मद्देनजर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में एहतियाती तैयारी शुरू कर दी गई है। एक दशक बाद चार इंच तक के बड़े आकार दो ग्राम वजन वाले मरुस्थलीय टिड्डियों का सबसे बड़ा धावा हुआ है। एक दल में इनकी संख्या 10-20 करोड़ तक होती है। एक किलोमीटर की लंबाई में करीब 04 करोड़ टिड्डी हो सकती हैं, जो 35 हजार आदमी के खाने भर की फसल चट कर सकती हैं। टिड्डी दल प्रजनन कर अपनी अगली पीढ़ी तैयार करते हुए आगे बढ़ता रहता है। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य, कृषि एजेंसी के शीर्ष अधिकारी कीथ क्रेसमैन यह चेतावनी दे चुके हैं कि इस बार भारत-पाक सीमा पर विश्व का सबसे बड़ा प्रजनन होगा और 80 अरब मरुस्थलीय टिड्डियां पैदा होंगी।
एक घंटे में कई एकड़ फसल चट कर जाती हैं टिड्डियां :
विशालकाय मरुस्थलीय टिड्डी दल भारत में मानसून के आने से पहले हनीमून मनाते आते हैं और प्रवासी पक्षियों की तरह प्रजनन कर गल्फ देश, ईरान, अफ्रीका लौट जाते हैं। मरुस्थलीय टिड्डी एक वैश्विक समस्या है। ये दुनिया के पांच दर्जन देशों में कहर बरपाते हैं। इनका आफत ऐसा है कि धरती की 10 फीसदी जनसंख्या की रोजी-रोटी छीनते हैं। झुंड में चलने वाला टिड्डी दल अंडे देनेे के समय तीन-चार दिन एक जगह रुकता है। सहवास के बाद मादा टिड्डी जमीन में घुस कर 06 इंच गहराई में अंडे देती है, जो एक महीने में व्यस्क होते हैं। इनका जीवन-चक्र 3-4 माह का होता है। टिड्डियों का दल दिनभर उड़ता है और शाम होते ही पेड़-पौधों को बसेरा बना हरियाली चट कर जाता है। टिड्डी दल एक घंटे में कई एकड़ में लगी फसल चट कर सकता है।
कीटनाशकों से नहीं डरतीं ये, थाली-ड्रम पीट रहे किसान :

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसान टिड्डियों को भगाने के लिए थाली-ड्रम पीट रहे और कीटनाशक रसायनों मालाथियान, क्लोरोपाइरीफास, डेल्टामेथरिन आदि का छिड़काव कर रहे हैं। कीटनाशक छिड़काव से भी नहीं भागने वाली निडर मरुस्थलीय टिड्डियां खेती के लिए कई सालों तक सिरदर्द बनी रहेंगी। टिड्डियों का झुंड मई में पाकिस्तान से राजस्थान पहुंचा था। राजस्थान के 18 और मध्य प्रदेश के 12 जिलों में फसलों को चौपट करने के बाद टिड्डियों का दल उत्तर प्रदेश में 17 जिलों को चपेट में ले चुका हैं। बिहार में 29 मई को कृषि मंत्री डा. प्रेम कुमार इस संबंध में राज्य के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों और जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेेंस के जरिये टेलीमीटिंग कर कीटनाटक रसायनों के भंडार की जानकारी प्राप्त कर जरूरी निर्देश दे चुके हैं।

रिपोर्ट, तस्वीर : सोनमाटीडाटकाम डेस्क, इनपुट : कृष्ण किसलय

राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी : कोरोना महामारी में डिजिटल मीडिया की भूमिका

रायपुर (छत्तीसगढ़)-सोनमाटीडाटकाम। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग ने 31 मई को कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल मीडिया की भूमिका पर राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन दो सत्रों में किया है। पहला सत्र 11 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरा सत्र 01 बजे से 02 बजे तक होगा। इस राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी की अध्यक्षता देश के वरिष्ठ पत्रकार और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देवभाई शर्मा करेंगे और मध्य प्रदेश भोजमुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. जयंत सोनवलकर मुख्य अतिथि होंगे। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग के अध्यक्ष डा. नरेंद्र त्रिपाठी इस संगोष्ठी के संयोजक हैं। संगोष्ठी में दिल्ली, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों के इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े अनेक वरिष्ठ पत्रकार हिस्सा लेंगे।

रिपोर्ट, तस्वीर : सोनमाटीडाटकाम डेस्क

सोन कला केेंद्र ने किया घर जाकर हिमांशु का सम्मान

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। 10वीं बोर्ड की परीक्षा में बिहार में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले हिमांशु राज को दिनारा प्रखंड के नटवारकला गांव स्थित उसके घर पहुंचकर सांस्कृतिक सर्जना की संवाहक संस्था सोन कला केेंद्र के प्रतिनिधि मंडल ने सम्मानित किया और उपहार भेंट किया। संस्था के अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव के नेतृत्व में गए प्रतिनिधि मंडल में कार्यकारी अध्यक्ष जीवन प्रकाश, रामनारायण सिंह और सिंटू सोनी थे। अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव ने संस्था के डेहरी-आन-सोन स्थित संरक्षकों-पदाधिकारियों की ओर से दिए गए अंगवस्त्र, ट्राली बैग और नकद राशि हिमांशु राज को दिया। सोन कला केेंद्र की ओर से हिमांशु राज के साथ उसकी पढ़ाई का ख्याल रखने वाले किसान पिता सुभाष सिंह और बड़ी बहन प्रियांजलि (12वींकी छात्रा) को भी शुभकामना देते हुए भविष्य में भी जरूरत होने पर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।

रिपोर्ट, तस्वीर : निशांत राज

संतपाल स्कूल के संस्थापक ट्रस्टी को श्रद्धांजलि

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। संतपाल स्कूल और वर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी, सरकारी सेवा से मुक्त प्रतिष्ठित नेत्र चिकित्सक डा. बानेश्वर प्रसाद वर्मा का निधन 85 वर्ष की आयु में जमशेदपुर (झारखंड) में हो गया। उनका जन्म सासाराम के जयनाथ भवन में हुआ था। डा. बानेश्वर प्रसाद वर्मा मानद मजिस्ट्रेट रहे मेयारी की जमींदारी से ताल्लुक रखने वाले हरिहर प्रसाद वर्मा के दूसरे पुत्र और प्रसिद्ध शिक्षाविद डा. एसपी वर्मा के बड़े भाई थे। वर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा ही रोहतास जिला के नोखा प्रखंड के मेयारी बाजार में एनसीटीई (दिल्ली) से मान्यताप्राप्त सिद्धेश्वर कालेज आफ टीचर एजुकेशन और सीबीएसई (दिल्ली) से मान्यताप्राप्त सिद्धेश्वर पब्लिक स्कूल संचालित होता है। संस्थापक ट्रस्टी के निधन पर वर्मा परिवार की ओर से संतपाल स्कूल के आडिटोरियम में मृतात्मा की शांति के लिए दो मिनट का सामूहिक मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार, मीडिया प्रभारी, वर्मा एजुकेशनल ट्रस्ट

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