रूसी कोरोना वैक्सीन पर दुनिया की उम्मीद/ डा. एसपी वर्मा कायस्थ महासभा अध्यक्ष

दावा और शंका के बीच बेचैन विश्व को है इंतजार

दिल्ली/पटना(सोनमाटी टीम)। पूरी दुनिया में २ करोड़ से अधिक लोगों को चपेट में लेने वाली कोरोना महामारी से करीब ७.५ लाख की मौत हो चुकी है। हालांकि इससे १.३ करोड़ लोग उबर पाने में सफल भी रहे हैं। भारत में भी २.३ लाख से अधिक संक्रमितों में ४६ हजार से अधिक की मौत हुई और १.६ लाख ठीक हुए। बिहार में भी ९० हजार से अधिक संक्रमितों में ६० हजार से अधिक ठीक हुए और ४८९ की मौत हुई। कोरोना के कहर से बेचैन दुनिया को एक तरफ अगले कुछ महीनों में वैक्सीन के आने की उम्मीद है। रूस ने कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा किया है। मगर इस दावा को संदेह की नजर से भी देखा जा रहा है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह भी किया है कि वैक्सीन कोई जादुई गोली नहीं होगी, जो कोरोना वायरस को पलक झपकते खत्म कर देगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम ब्येयियस ने कहा है कि हमें अभी लंबा इंतजार करना है। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डा. एंथोनी स्टीफन ने कहा है, गारंटी नहीं होती कि ट्रायल के अंतिम चरण में वैक्सीन सफल साबित ही होगा।


भारत ने कहा, साइड इफेक्ट की जांच जरूरी

भारत में कोशकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केेंद्र (सीसीएमबी) के निदेशक राकेश मिश्र ने कहा है कि रूसी वैक्सीन का डेटा उपलब्ध नहींहोने के कारण कुछ कहना संभव नहीं। दिल्ली एम्स के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि अभी रूसी वैक्सीन के सुरक्षित होने और इसके साइड इफेक्ट की जांच जरूरी है। बहरहाल, रूसी कोरोना वैक्सीनके दावा पर दुनियाभार में उठाए गए सवालों के बीच रूस के स्वास्थ्यमंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा है कि वैक्सीन ट्रायल में सफल रही है और अक्टूबर महीने से देश में टीकाकरण आरंभ कर दिया जाएगा। रूस के सेशेनाव यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ साइंटिस्ट वादिम तारासोव ने कहा है कि रूस दो दशक से सूक्ष्म जीवाणु के क्षेत्र में अपनी क्षमता को विकसित करने के अनुसंधान में लगा रहा है। इस बात पर रिसर्च की जाती रही है कि कोई वायरस आखिर कैसे फैलता है? रूस के रक्षा मंत्रालय और गमलेया नेशनल सेंटर फार रिसर्च द्वारा कोरोना वैक्सीन के बारे में पश्चिमी देशों ने यह भी आरोप है कि रूस ने उनका रिसर्च चोरी कर यह वैक्सीन बनाई है। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने तो बयान जारी कर इस बात का आरोप लगाया है।

रूस में अक्टूबर से कोरोना वैक्सीन टीकाकरण !

रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा है कि रूस की वैक्सीन ट्रायल में सफल रही है। अक्टूबर महीने से देश में व्यापक पैमाने पर लोगों के टीकाकरण काम काम शुरू होगा। उन्होंने कहा है कि इस वैक्सीन को लगाने में आने वाला पूरा खर्च सरकार उठाएगी। उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिदनेव ने कहा कि रूस इसी महीने दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन को रजिस्टर कराएगा। रूस का लक्ष्य इस साल सितम्बर तक कोरोना वैक्सीन को पूरी तरह विकसित कर लेने का है। पहले रूस ने दावा किया है कि उसकी कोरोना वायरस वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल में १०० फीसदी सफल रही है। इस वैक्सीन को रूस रक्षा मंत्रालय और गमलेया नेशनल सेंटर फार रिसर्च ने तैयार किया है। रूस की ओर से यह कहा गया है कि क्लिनिकल ट्रायल में जिन लोगों को यह कोरोना वैक्सीन लगाई गई, उन सभी में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक पाई गई। हालांकि रूस की वैक्सीन की सफलता पर और इसके पूरी तरह सुरक्षित होने पर सवाल उठााने की वजह यह है कि फेज-३ ट्रायल को पूरा करने के लिए हजारों लोगों पर टेस्ट जरूरी होता है, जो नहींकिया गया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी स्वयंसेवी के अंदर नकारात्मक साइड इमहफेक्ट या परेशानी नहीं आई। अब बड़े पैमाने पर जनता में इस्तेमाल करने से पहले सरकार की स्वीकृति ली जाने की प्रक्रिया शुरू कर की गई है। रूस का दावा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में कोविड-१९ वैक्सीन विकसित करने में वह दूसरे देशों से कई महीने आगे चल रहा है। क्लिनिकल ट्रायल में सफलता के बाद रूस वैक्सीन की प्रभावी क्षमता को परखने के लिए तीन और व्यापक परीक्षण भी करने जा रहा है।

-सोनमाटी समाचार नेटवर्क

डा. वर्मा बने कायस्थ महासभा के दक्षिण बिहार अध्यक्ष

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। जिला के अग्रणी प्रतिष्ठित शिक्षाविद संतपाल स्कूल के अध्यक्ष और प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री डा. एसपी वर्मा को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की दक्षिण बिहार इकाई का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए होगा। डा. एसपी वर्मा कायस्थ समाज के विकास के लिए समय-समय पर सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्य पिछले कई वर्षों से करते रहे हैं। विगत वर्ष परिवर्तन फाउंडेशन की स्थापना कर कायस्थों के साथ हर समाज के बुद्धिजीवियों को इस जोडऩे का कार्य किया। डा. वर्मा ने कई मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया है। अपने मनोनयन पर डा. एसपी वर्मा ने कहा कि अब तो हर समाज पढ़ा-लिखा है, इसलिए हर समाज के बुद्धिजीवियों को चित्रगुप्त महाराज को लेखा-जोखा के देवता समझना चाहिए।
विभिन्न संस्थाओं ने दी शुभकामनाएं :
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय सचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि डा. वर्मा को उनके समाजसेवा के क्षेत्र में दीर्घ सेवाकार्य के आधार पर यह पद सौंपा गया है। परिवर्तन फाउंडेशन के सचिव रतन श्रीवास्तव ने डा. वर्मा के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर शुभकामना दी। क्रीड़ा भारती के दक्षिण बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि डा.वर्मा को कायस्थ महासभा का अध्यक्ष बनाने से समाज को मजबूती मिलेगी। पूर्व भाजपा विधायक जवाहर प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज को अनुभवी नेतृत्व मिला है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमाएल अहमद ने कहा कि डा. वर्मा जैसे कुशल नेतृत्व से कायस्थ महासभा को नई ताकत मिलेगी। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की रोहतास जिला इकाई के पदाधिकारियों-सदस्यों, क्रीड़ा भारती की रोहतास जिला इकाई के पदाधिकारियों, लायंस क्लब आफ सासाराम के पदाधिकारियों विभिन्न समाजसेवियों ने शुभकामनाएं दी हैं।

तस्वीर, रिपोर्ट : अर्जुन कुमार

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