
डेहरी-आन-सोन (रोहतास) -कार्यालय प्रतिनिधि। सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर रविवार को शहर की सड़कों पर जनाक्रोश देखने को मिला, जब एससी, एसटी, ओबीसी एवं माइनॉरिटी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यूजीसी कानून के समर्थन और सुप्रीम कोर्ट के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर मार्च में शामिल हुए।
आक्रोश मार्च की शुरुआत आंबेडकर चौक से हुई, जो मुख्य बाजार, थाना चौक, पाली रोड, स्टेशन रोड, चुना भट्ठा चौक और कैनाल रोड होते हुए पुनः आंबेडकर चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।
संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार से पूना पैक्ट एवं मंडल आयोग की 40 में से शेष 38 सिफारिशों को अविलंब लागू करने की मांग की। साथ ही एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के रिक्त बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने, यूजीसी रेगुलेशन में भेदभाव पर दंडात्मक प्रावधान स्पष्ट करने, जनगणना गजट में ओबीसी गणना के लिए अलग कॉलम शामिल करने तथा संविधान एवं संवैधानिक संस्थाओं में हस्तक्षेप बंद करने की मांग की गई।
आक्रोश मार्च में प्रकाश पासवान, गिरजाधारी पासवान, सोनू चौधरी, अवधेश पासवान, अरुण रावत, विष्णु पासवान, अमित पासवान, विकास पासवान, गुड्डू चंद्रवंशी, माले नेता अशोक सिंह, अनुज कुशवाहा, राजाराम पासवान, रवि पासवान, रीता देवी, जरीना खातून, जमीला खातून, शोभा देवी, भोला अंसारी, प्रेम प्रकाश, उमा शंकर पासवान, तुलसी राम और स्फुलिंग हक सहित कई लोग शामिल रहे।





