
आरा (भोजपुर)। नई आशा द्वारा कोईलवर प्रखंड के गिद्दा महादलित टोले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए दूसरे सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ किया गया। यह केंद्र अलका हार्मोनी फाउंडेशन के सौजन्य से संचालित होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के डीजीएम धीरज कुमार एवं एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, बच्चे एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
आईओसीएल के डीजीएम धीरज कुमार ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा, “पढ़ने की जिद करो, तो जरूर पढ़ जाओगे।” महिलाओं से नशामुक्त समाज बनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की उन्नति के लिए शराबमुक्त वातावरण जरूरी है। उन्होंने केंद्र के लिए तत्काल एक कूलर देने की घोषणा भी की।
एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समाज के विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।

जीविका की बीपीएम अनिता कुमारी ने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं घर बैठे रोजगार प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा तैयार कपड़ों को जीविका उचित मूल्य पर खरीदने का प्रयास करेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और बेरोजगारी कम होगी।
इस अवसर पर डॉ. भीम सिंह भवेश ने कहा कि महादलित समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा और स्वरोजगार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हुनर से जोड़ना केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास देना भी है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। महिलाओं ने कहा कि इस केंद्र के खुलने से उन्हें रोजगार का नया अवसर मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
मौके पर रणधीर कुमार सिंह, मुकुंद माधव, रजनीश सिंह, धरमू राम, जयप्रकाश दास, अमन बिहारी एवं संतोष कुमार सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।





