
पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर आईसीएआर–पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में गुरुवार को “कृषि में सूखाड़ प्रबंधन” विषय पर कृषक–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों में टिकाऊ कृषि तकनीकों से अवगत कराना तथा वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) के निदेशक डॉ. पी. के. मिश्रा ने आईसीएआर की 97 वर्षों की गौरवशाली उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने बिहार में सतत कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली विद्यार्थियों के लिए भारतीय कृषि की वर्तमान स्थिति तथा कृषि विकास में आईसीएआर की भूमिका पर जागरूकता सत्र से हुई। इसके बाद वृक्षारोपण किया गया। तकनीकी सत्र में वैज्ञानिकों ने एल नीनो के प्रभाव, वर्षा जल संचयन, सूखाड़ प्रबंधन तथा जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी।

कृषक–वैज्ञानिक संवाद में किसानों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनके समाधान के लिए वैज्ञानिकों ने सूखा-सहिष्णु फसल किस्मों, धान की सीधी बुआई, फसल विविधीकरण और वर्षा जल के कुशल प्रबंधन जैसी व्यावहारिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। वैज्ञानिकों ने किसानों के पारंपरिक एवं देशी तकनीकी ज्ञान की भी सराहना की।
आईसीएआर–पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने सभी वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और किसानों को भारत को कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत कृषि को बढ़ावा देने का आह्वान किया। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में केक काटकर उत्सव भी मनाया गया तथा नई दिल्ली से प्रसारित आईसीएआर स्थापना दिवस समारोह का वर्चुअल प्रसारण देखा गया।
प्रतिभागियों ने संस्थान के समेकित कृषि प्रणाली मॉडल, माइक्रो एवं नैनो होमस्टेड कृषि मॉडल, हरित खाद बीज उत्पादन इकाइयों और जलवायु-अनुकूल कृषि प्रौद्योगिकियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लगभग 120 प्रतिभागियों, जिनमें 50 स्कूली विद्यार्थी शामिल थे, ने भाग लिया। साथ ही रांची, रामगढ़ और बक्सर स्थित आईसीएआर इकाइयों में भी स्थापना दिवस के अवसर पर इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां किसानों को आम के पौधे और सब्जियों के बीज वितरित किए गए।





