भोजपुरी के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर को श्रद्धांजलि, भारत रत्न देने की उठी मांग


आरा (भोजपुर)। भोजपुरी भाषा के शेक्सपीयर कहे जाने वाले राय बहादुर भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को स्थानीय सरदार पटेल बस स्टैंड परिसर में भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रंगकर्मी प्रीति कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन संस्थान के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर पंडवानी की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका पद्मविभूषण तीजन बाई को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भोजपुरी भाषा के शोधार्थी एवं युवा कवि रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि भिखारी ठाकुर और तीजन बाई दोनों ने लोकभाषा और लोककला को सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने लोगों से आगामी जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में भोजपुरी दर्ज कराने की अपील की।


वरिष्ठ रंगकर्मी, नाटककार एवं निर्देशक कृष्ण यादव ‘कृष्णेंदु’ ने भिखारी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से तत्कालीन सामाजिक कुरीतियों और विसंगतियों पर प्रभावी प्रहार किया।
राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शीलभद्र ने कहा कि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए संगठित जनआंदोलन की आवश्यकता है।
वरिष्ठ रंगकर्मी संजय पाल ने ‘गबरघिचोर’ नाटक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस रचना के माध्यम से भिखारी ठाकुर ने मातृत्व और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया है।


अभिनेता एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओम प्रकाश कश्यप ने कहा कि भिखारी ठाकुर की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है।


भोजपुरिया जन मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद सिंह ने भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता और राज्य में उचित दर्जा दिलाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर जनदबाव बनाया जाना चाहिए।


संस्थान के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर आगामी भिखारी ठाकुर जयंती को भव्य स्तर पर मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।


कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने कहा कि भिखारी ठाकुर के नाटकों का मंचन कलाकारों को समाज और संस्कृति से गहराई से जोड़ता है तथा उनके नाटकों में लोकजीवन की सजीव झलक मिलती है।


इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी सरफराज अहमद, डॉ. किरण कुमारी, पत्रकार विजय कुमार सिंह, कवि राज कवि, अनिल प्रतीक्षा, अमिताभ कुमार, अंबुज कुमार, सुमन कुमार सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, कुशल कान्ति, डॉ. अनिल कुमार सिंह, स्वामी विक्रमादित्य, आकृतिक चिकित्सक नंदकिशोर राम, सन्नी कुमार तथा राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के सचिव सुरेश भोजपुरी सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार, कलाकार और रंगकर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में पद्मविभूषण तीजन बाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई।



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