
आरा (भोजपुर)। भिखारी ठाकुर की लोकनाट्य परंपरा और भोजपुरी कला-संस्कृति को समर्पित दिसंबर में प्रस्तावित भिखारी ठाकुर लोक रंगरस सह सम्मान समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रजत जयंती वर्ष 2026 के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर तैयारी समिति की बैठक हुई। लोक गायक अविनाश पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहर के कलाकारों, पत्रकारों, साहित्यकारों, चित्रकारों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रजत जयंती समारोह में भोजपुरिया कला-संस्कृति के कलात्मक और वैचारिक पक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके माध्यम से भोजपुरी की समृद्ध परंपरा, लोकजीवन और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।
प्रख्यात पत्रकार कमलेश पांडेय और सरफराज अहमद ने अपने संबोधन में भिखारी ठाकुर के मौलिक नाटकों की प्रासंगिकता और उनके मंचन की आवश्यकता पर विचार रखे। उन्होंने भोजपुरी रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की जरूरत बताई।
वरिष्ठ चित्रकार रौशन राय ने समारोह के अवसर पर भोजपुरी पेंटिंग प्रतियोगिता और प्रदर्शनी आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी संस्कृति में कला की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसी गतिविधियों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
वरिष्ठ रंगकर्मी एवं नाटककार चंद्रभूषण पांडेय ने रजत जयंती समारोह को संस्कृति, समाज और कला के प्रति समर्पित आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि भोजपुरिया कला-कर्म और भिखारी ठाकुर के नाटकों की अपनी विशिष्ट पहचान है। अपनी कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति सभी को सजग रहना चाहिए।
बैठक में पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। समारोह के तहत स्मारिका प्रकाशित करने की योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस स्मारिका में भोजपुरी कला-संस्कृति, लोकनाट्य परंपरा और भिखारी ठाकुर के योगदान से जुड़े वैचारिक पक्षों को स्थान देने की योजना है।
दो पुस्तकों का लोकार्पण
बैठक के दौरान लेखक कुमार अजय सिंह की दो पुस्तकों ‘ऐतिहासिक गांव एकौना’ और ‘भोजपुरी कथा लोक’ का लोकार्पण भी किया गया। उपस्थित सदस्यों ने इस पहल के लिए लेखक को बधाई दी और उनकी पुस्तकों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष 2026 का यह आयोजन जिले में कला, संस्कृति और रंगमंच को लेकर सार्थक संवाद स्थापित करने में सहयोगी बनेगा।
बैठक में आलोक कुमार सिंह, नंदकिशोर राम, स्वामी विक्रमादित्य, डॉ. शीलभद्र, सर्वजीत कुमार और गांधी जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।





