
पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में मंगलवार को तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘बदलते जलवायु के परिदृश्य में कदन्न (श्री अन्न) उत्पादन एवं प्रसंस्करण’ का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण किसानों को बदलते जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कदन्न (मोटे अनाज) की खेती और प्रसंस्करण तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि “कदन्न कम पानी में भी आसानी से उगाया जा सकता है और यह पोषण सुरक्षा का सशक्त साधन है।” उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया और आत्मा गया जी को वित्तीय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभागाध्यक्ष (फसल अनुसंधान-सह-पाठ्यक्रम निदेशक) ने किसानों से अपील की कि वे समय की मांग को देखते हुए कदन्न उत्पादन और प्रसंस्करण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

वहीं डॉ. राकेश कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक-सह-पाठ्यक्रम निदेशक ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि किसानों को कदन्न की उन्नत किस्में, मानक कृषि प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में किसानों को वर्षभर चारा उत्पादन हेतु उपयुक्त फसलें, उच्च आय एवं पोषण सुरक्षा से जुड़ी तकनीकें भी सिखाई जाएंगी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष उपाध्याय, डॉ. कमल शर्मा, डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बदलते जलवायु में कदन्न उत्पादन की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम में गया जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 30 किसानों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. संतोष कुमार, डॉ. पी. के. सुंदरम, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. अभिषेक कुमार दुबे, डॉ. कुमारी शुभा एवं डॉ. गौस अली ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिषेक कुमार दुबे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक कुमार ने प्रस्तुत किया।





