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अब रसोई गैस बुकिंग स्मार्ट और आसान/ टेलीफिल्म दुलार/ फेसबुक लघुकथा सम्मेलन/ उदयशंकर स्मृति बालनृत्य

स्मार्ट और आसान हुई रसोई गैस की बुकिंग : उदय शंकर

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-निशान्त राज। हाईटेक रसोई गैस बुकिंग को अब इंडेन ने अधिक स्मार्ट और आसान भी बना दिया है। इंडेन ने अपने उपभोक्ताओं को रसोई गैस बुकिंग के लिए तीन विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प इंटररेक्टिव वाइस रिस्पांस सिस्टम के जरिये कोई उपभोक्ता कहींबाहर रहकर किसी मोबाइल नंबर से रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग करा सकता है और इस बात की तस्दीक कर सकता है कि उसका सिलेंडर उसके घर पहुंच गया। इस विकल्प में उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिलेवरी अथान्टिकेशन कोड प्राप्त होगा, जिसे बताने पर डिलेवरी-ब्याय उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की आपूर्ति करेगा। रसोई गैस बुक करने के लिए उपभोक्ता के पास दूसरा विकल्प वाट्सएप का है और तीसरा विकल्प मिस्ड काल के जरिये हैं़। यह जानकारी देते हुए डेहरी-आन-सोन की अग्रणी रसोई गैस एजेंसी मोहिनी इंटरप्राइजेज के संचालक निदेशक उदय शंकर ने सोनमाटीडाटकाम को बताया कि डिजिटल बुकिंग मोड के तीन विकल्प के फोन नंबर 7718955555 (निर्धारित), 8454955555 (मिस्ड काल) और 7588888824 (वाट्सएप) हैं। उन्होंने बताया कि मोहिनी इंटरप्राइजेज डेहरी-आन-सोन से 100 किलोमीटर दूर पर्वतीय क्षेत्र के चुटिया, जयंतीपुर और सीमांत गांव यदुनाथपुर तक रसोई गैस सिलेंडर का वितरण कर धुआंमुक्त शहर-गांव बनाने के राष्ट्रीय दायित्व के प्रति कटिबद्ध है।

टेलीफिल्म दुलार की शूटिंग पूरी, पोस्टर जारी

मुजफ्फरपुर (सोनमाटी समाचार नेटवर्क/संजना सिंह)। शुभम तिवारी फिल्म्स के बैनर तले आजाद खान के निर्देशन बन रही टेलीफिल्म दुलार की शूटिंग मुजफ्फरपुर में ़होने के बाद फिल्म का पोस्टर लांच किया गया। गौरव गिरी अभिनीत इस टेलीफिल्म में भी शराब के विरुद्ध जागरूकता का सन्देश देने वाली कहानी है। गौरव गिरी के अलावा अंबिका सोनी, सतीश पराशर, मल्लिक मुस्तफा, अंशु राज, जयप्रकाश गिरी इस फिल्म के मुख्य किरदार हैं। सिने ग्लोबल से बातचीत में अभिनेता गौरव गिरी ने कहा कि बिहार सरकार को ऐसी फिल्मों को बढ़ावा दे। फिल्म में शराब के दुष्प्रभाव और उससे होने वाली क्षति को दर्शाया गया है।

अवसर साहित्यधर्मी फेसबुक लघुकथा सम्मेलन

पटना (कार्यालय प्रतिनिधि)। भारतीय युवा साहित्यकार परिषद, पटना के तत्वावधान में फेसबुक पेज (अवसर साहित्यधर्मी पत्रिका) पर आयोजित हेलो फेसबुक लघुकथा सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि भूमंडलीकरण, उदारीकरण के बाद समाज और राजनीति में हुए बदलाव लघुकथा में भी रेखांकित हुए हैं। भागदौड़ और व्यस्तता वाली जिंदगी में समय का अभाव होने के कारण लघुकथा की प्रासंगिकता पहले से अधिक बढ़ गई है। पाखंड, धूर्तता, सांस्कृतिक प्रदूषण, नैतिक अवमूल्यन को उजागर करने में लघुकथा सक्षम हैं। आनलाइन लघुकथा सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ लघुकथाकार डा. शरदनारायण खरे (मध्य प्रदेश) ने की। मुख्य अतिथि डा. संगीता तोमर थीं। हिंदी की प्रतिनिधि वरिष्ठ लेखिका चित्रा मुद्गल की चर्चित लघुकथा बयान की वीडियो प्रस्तुति के साथ संयोजक सिद्धेश्वर द्वारा चयनित प्रेमचंद, रविंद्रनाथ टैगोर, फ्लावेयर, हेमिंग्वे, बर्टोल्ट ब्रेख्त, डा. कमल चोपड़ा, डा. सतीशराज पुष्करणा, रामदरश मिश्र, मार्टिन जान, बलराम अग्रवाल, विभारानी श्रीवास्तव की लघुकथाओं की वीडियो प्रस्तुति हुई। प्रियंका श्रीवास्तव शुभ्र ने हाथी के दांत, राजप्रिया रानी ने पवित्र रिश्ता, रशीद गौरी ने रिपोर्ट, प्रवीण राही (मुरादाबाद) ने ज्यादा केयर, डा. शरद नारायण खरे (म.प्र.) ने वन्ोिोै असली विकलांग, माधुरी भट्ट ने काश लघुकथा का पाठ किया।

उदयशंकर की स्मृति में नृत्य कार्यशाला, बच्चों ने दी प्रस्तुति

पटना (सोनमाटी समाचार नेटवर्क/बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता)। महान नर्तक उदय शंकर के 120वें जन्म दिवस पर संगीत संस्थान सुरांगन, पटना और किलकारी, पटना के साथ कला संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की ओर से संगीत संध्या (उदयांश) का आयोजन किया गया। नर्तक जितेन्द्र के निर्देशन में संयोजित बाल कार्यशाला में तैयार लास्य नृत्य, तांडव नृत्य, लोकनृत्य आदि आठ प्रस्तुतियों को स्थानीय विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। जितेन्द्र चौरसिया के चुंबकीय संगीत और विनय चौहान की प्रभावपूर्ण प्रकाश परिकल्पना के साथ सुदीपा घोष ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम का आरंभ प्रख्यात नृत्यांगना और भारतीय नृत्य कला मंदिर की प्राध्यापिका सुदीपा बोस की गणेश वंदना की प्रस्तुति से हुआ। इस अवसर पर पद्मश्री डा. शांति जैन ने कहा कि उदय शंकर ने भारतीय नृत्य को अपनी नई शैली में विश्वपटल पर स्थापित किया। उदय शंकर शैली ने भारत में बैले (नृत्य नाटिका) की नींव उदय शंकर ने ही रखी, जिसमें शास्त्रीय और लोक दोनों तरह के नृत्य है। इसमें अभिनय की प्रधानता का प्रवाहमय सम्मिश्रण है। नर्तक जितेंद्र ने उदय शंकर की पुत्री ममता शंकर से उदयशंकर शैली का गुण-ग्रहण किया है। प्रस्तुति में अंशु, आकाश, विशाल, साहिल, वैष्णवी, निमिषा, अंजलि, प्रियंका, अमरजीत, अभिषेक, संगीता, लक्ष्मी, साधना, विश्वजीत, वर्षा, ऋषि, प्रियंका, जागृति, शक्ति, शुभम, भारती, अंजनी, प्रेम, नितेश आदि ने भाग लिया।

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