केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वारा वैशाली जिले में दो दिवसीय आईपीएम ओरियंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। भारत सरकार के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वारा बुधवार को वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत पट्टीबंधु राय ग्राम में दो दिवसीय आई पी एम ओरियंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली से मुख्य अतिथि प्रेम प्रकाश, वैज्ञानिक पौधा सरंक्षण द्वारा खरीफ फसलों मुख्यतः धान एवं मक्का में लगने वाले कीटों के बारे मे तथा मौसम आधारित खेती अपनाने के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह, पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा आईपीएम के महत्व , आईपीएम के सिद्धांत एवं उसके विभिन्न आयामों के बारे में, कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित इस्तेमाल, मनुष्य पर होने वाले कीटनाशकों का दुष्प्रभाव एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि फसलों में रसायनों के अधिकतम अनुमेय अंश के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कुलदीप कुमार द्वारा धान एवं सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोग व्याधि के बारे में विस्तार से बताया गया तथा यांत्रिक विधियों जैसे येलो स्टिकी, ब्लू स्टीकी, फेरो मैन ट्रैप, फल मक्खी जाल, लाइट ट्रैप के उपयोग के बारे में और जैविक विधि के इस्तेमाल के विषय मे विस्तार से बताया गया।

वहीं, राजेश कुमार द्वारा ट्राईकोडर्मा से बीज उपचार का प्रदर्शन, चूहे का प्रकोप एवं नियंत्रण और फॉल आर्मी बर्म के प्रबंधन, मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान के बारे मे तथा कीटनाशकों के लेवल एवं कलर कोड के बारे में तथा भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा विकसित किए गए एनपीएसएस ऐप के उपयोग एवं महत्व के विषय में बताया गया।

केंद्र के संदीप कुमार द्विवेदी द्वारा नीम आधारित एवं अन्य वानस्पतिक कीटनाशक के महत्व एवं ह्यूमिक एसिड के उपयोग एवं महत्व के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के अधिकारियों द्वारा आईपीएम प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसमें आईपीएम के विभिन्न आयामों का प्रदर्शन किया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन किसानों को खेत भ्रमण करा कर के कृषि परिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण के बारे में भी विस्तार से बताया एवं प्रदर्शन करके दिखाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र के विकास कुमार रजक एवं अंकित कुमार, तकनीकी सहायक एवं अमित कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने मे प्रगतिशील किसान नरेश भक्त का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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