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चप्पे-चप्पे फैला भ्रष्टाचार, वरिष्ठ डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार

सासाराम /डेहरी-आन-सोन (बिहार)-सोनमाटी समाचार। निगरानी विभाग ने सासाराम में अपनी गोपनीय कार्रवाई के तहत वरीय उप समाहर्ता गयन कुमार राम को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। प्रशासन के प्रति लोगों में भरोसा बढऩे को लेकर यह अच्छी नई शुरूआत है। हालांकि निगरानी विभाग पहले भी भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई  करती रही है, मगर कार्रवाई नमक में दाल और सब्जी में मसाले की मात्रा में ही होती रही है। रोहतास जिले के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि कौन अधिकारी और कौन कर्मचारी भ्रष्ट है? मगर लाख सैद्धांतिक उपक्रम के होने के बावजूद पारदर्शिता नहीं होने और समाज के बहुजन के भ्रष्ट होने की वजह से आम आदमी आवाज उठाने की पहल नहीं करता, क्योंकि आवाज उठाने वालों के ही षड्यंत्र में फंसा दिए जाने का भय सताता है।

छह माह में ही हो गया एसपी का तबादला
आखिर क्यों पत्थर व खनन माफिया के विरुद्ध लंबी रिपोर्ट सरकार को भेजने वाले पुलिस अधीक्षक शिवदीप लैंडे का तबादला न्यूनतम दो साल के बजाय मात्र छह महीने में ही कर दिया जाता है? जबकि अनेक पदाधिकारी अभी भी कई-कई सालों से रोहतास जिले में सांप की तरह कुंडली मारे बैठे हैं। आखिर क्यों सरकार-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, श्रम, ब्रिकी-व्यापार, माप-तौल, इनकम टैक्स, नगर निकाय, सिंचाई, सड़क, खनन-खनिज, भूमि-राजस्व, पुलिस आदि-आदि विभागों में भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं पड़ता? और, सब कुछ कागजों पर ठीक-ठाक होता है, जबकि भ्रष्टाचार के तार-सुराग-चिह्नï बेखौफ चप्पे-चप्पे पर बिखरे पड़े हैं। आम जनता रोज-दर-रोज इनका सामना करती और लाचारी में भ्रष्टाचार को स्वीकार करती है। जबकि निगरानी विभाग के काम करने की प्रक्रिया में जिला प्रशासन की भूमिका नहीं होती है, फिर भी रोहतास जिले में पंकज दीक्षित के जिलाधिकारी और सत्यवीर सिंह के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभालने और काम-काज के तरीके को देखकर नाउम्मीदी की दुनिया में आशा की जा सकती है कि पहले के मुकाबले अपेक्षाकृत बेहतर प्रशासन का अहसास लोगों को हो सकेगा।

रकम के साथ हुई गिरफ्तारी, पटना ले गई विजिलेंस टीम
गयन कुमार राम को पटना से डीएसपी निगरानी विमलेंद्र प्रसाद वर्मा के नेतृत्व में आई नौ सदस्यीय टीम ने घूस में लिए गए दस हजार रुपये के साथ सासाराम कचहरी परिसर से गिरफ्तार किया। अनुमंडल पदाधिकारी के बाद गगन राम ही सासाराम अनुमंडल का काम-काज देखते थे। आरोप लगाया जाता है कि पैसा लेकर फैसला देने में बेहद हिम्मती भी माने जाते थे। निगरानी टीम गगन कुमार राम को पटना ले गई। किसी महिला की जमीन के मामले में निर्णय देने के लिए उन्होंंने घूस की मांग कर रखी थी। परेशान महिला की ओर से इस बात की शिकायत विजिलेंस में की गई थी और विजिलेंस विभाग ने शिकायत की प्राथमिक जांच पुख्ता तौर पर कर ली थी।

निगरानी डीएसपी के अनुसार, कार्यपालक दंडाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता गयन कुमार राम द्वारा गर्भे गांव निवासी उपेंद्र सिंह की पत्नी उर्मिला देवी से रेहन पर लिए गए तीन बीघे जमीन पर से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को हटाने के लिए आदेश पारित करने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत ले रहे थे, जिसकी शिकायत पूर्व में उर्मिला देवी द्वारा विजिलेस को की गई थी।
बाइक से भागने का प्रयास, मगर निगरानी दस्ते द्वारा दबोच लिए गए
विजिलेंस टीम ने अपना पासा बिछा रखा था। एसडीओ कोर्ट कैंपस में गयन कुमार राम को कुछ खतरा महसूस हुआ तो उन्होंने अपने एक परिचित बाइक सवार को बुलाकर उसके साथ भागने की कोशिश भी की थी, पर सासाराम डीएसपी ऑफिस के पास निगरानी दस्ते ने उन्हें दबोच लिया और उनके शर्ट के पॉकेट से केमिकल लगाए घूस के पैसे बरामद किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने वाली महिला इतने आक्रोश में थी कि पुलिस हिरासत के बावजूद गयन कुमार राम पर चप्पल निकालने का उपक्रम किया। उर्मिला गांव के ही धनंजय सिंह से एक लाख 22 हजार रुपये में तीन बीघा जमीन रेहन पर ली थी। लेकिन उक्त जमीन पर निरोधात्मक कार्रवाई होने के कारण उसपर इस वर्ष खेती नहीं कर पाती।
…और पांच साल से पदस्थापित थे गगन कुमार
वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश कुमार (फेसबुक वाल) के अनुसार, दलित परिवार से आने वाले अधिकारी गयन कुमार राम पिछले पांच साल से सासाराम में पदास्थापित थे। पटना की विजिलेंस टीम में डीएसपी विमलेंद्र प्रसाद वर्मा, इंस्पेक्टर सुधीर कुमार, अरुण पासवान, सब इंस्पेक्टर राघव प्रसाद सिंह और एएसआइ श्रवण कुमार शामिल थे।

पत्रकार पर हमला करने वाले गिरफ्तार

बिक्रमगंज (रोहतास)-सोनमाटी समाचार। पत्रकार बिन्ध्याचल उपाध्याय पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों पराधियों को को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ राजकुमार सिंह के अनुसार, चार हमलावरों में से चौथे की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पकड़े गए तीनो अभियुक्त नटवार थाना क्षेत्र के हैं। चौथा गिरफ्तार नहींहोने वाला अभियुक्त दूसरे जिले का है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पत्रकार पर जानलेवा हमले की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार सुगंध यादव को पुलिस ने 2012 में लूट की योजना बनाते समय गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस पर न्यायालय से गैर जमानतीय वारंट जारी है। जबकि कमलेश और नीतेश 2004 में पुलिस पर हमला करने के मामले में जेल जा चुके हैं। 17 मई की रात पत्रकार बिन्ध्याचल उपाध्याय को संझौली थाना क्षेत्र के जिगनी पुल के समीप गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था।

पत्रकारों ने दिया खून
बिंध्याचल उपाध्याय संझोली प्रखंड की उप प्रमुख और स्वच्छता अभियान की बिहार आईकान डा. मधु उपाध्याय के देवर हैं। घायल पत्रकार के लिए जिले (डेहरी-आन-सोन, सासाराम, बिक्रमगंज) के अनेक पत्रकारों ने बिक्रमगंज पहुंचकर खून की जरूरत पूरी की। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर के रोहतास जिला (सासाराम कार्यालय) के प्रभारी वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र कुमार ने कहा था कि रोहतास जिले के पत्रकार विभिन्न कारणों से असुरक्षित हैं और उनकी शिकायत पुलिस गंभीरता से नहीं लेती रही है। पत्रकार के हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए सासाराम के पत्रकारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था।
पत्रकार की हालत अब ठीक
घटना के बाद एसपी सत्यवीर सिंह ने विशेष टीम का गठन किया, जिसमें एसआइ अनिल कुमार सिंह, विजय कुमार गुप्ता, अकरम अंसारी के साथ संझौली, काराकाट और नटवार के थानाध्यक्ष शामिल थे। घायल बिंध्याचल उपाध्याय पर तब गोली चलाई गई थी, जब वह अपने साथी के साथ बाइक से सासाराम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम से वापस अपने गांव खैरा भुतहा (संझौली प्रखंड) लौट रहे थे और अभियुक्तों के इशारा करने पर अपनी बाइक नहींरोकी थी। उन्हें गंभीर हालत में बिक्रमगंज के करुणा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके शरीर से गोली निकाली गई। अब उनकी हालत ठीक है।

नगरीय सुविधा मुहैया कराने की कवायद

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद की सशक्त समिति की मुख्य पार्षद विशाखा सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बेहतर नगरीय सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित कई फैसले लिए गए, जिनमें गलियों को भी अतिक्रमण से मुक्त कराने और खुले में मांस बेचने पर रोक लगाने की बातें भी शामिल है। शादी-विवाह और अन्य सामूहिक कार्यक्रमों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए डबल लेयर स्टील टैंकर क्रय करने का निर्णय लिया गया।

 

(तस्वीर :  निशांत राज, डेहरी-आन-सोन और सुमन, सासाराम)

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