डेहरी में चार दिवसीय चित्रगुप्त प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा / खुलेगा आईटी इंस्टीट्यूट / इंद्रपुरी में बज्रपात पर सवाल / पटना में राजमणि मिश्र का काव्यपाठ

चित्राणियों का निर्णय : माथे पर नीरकलश, कंधे पर पीली चुनरी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। चित्रगुप्त मैदान परिसर में चार दिवसीय भगवान चित्रगुप्त की नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत शहर के चित्रगुप्त (कायस्थ) समाज की चित्राणी महिलाओं ने माथे पर नीर-कलश और कंधे पर पीली चुनरी लेकर जलभरी शोभा-यात्रा में शामिल होने का फैसला लिया है। यह फैसला संवेदना अस्पताल की निदेशक डा. मालिनी राय सिन्हा और सनबीम स्कूल की प्राचार्य अनुभा सिन्हा के संचालन-संयोजन में चित्रगुप्त समाज की महिलाओं की बैठक में लिया गया। चित्रांश महिलाओं ने चित्रगुप्त मंदिर में बैठक कर जलभरी शोभायात्रा का ड्रेस कोड तय किया।

चार दिवसीय चित्रगुप्त प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम 25 फरवरी की सुबह जलभरी शोभायात्रा से आरंभ होगा। कलश शोभायात्रा चित्रगुप्त मंदिर से शुरू होकर थाना चौक गोलंबर की परिक्रमा करते हुए सोन नद के एनिकट तट तक पहुंचेगी और वापस चित्रगुप्त मंदिर आएगी। इसके बाद कायस्थों के कुलपुरुष चित्रगुप्त की नई संगमरमर की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का धार्मिक अनुष्ठान शुरू होगी। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पुरानी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। नई प्रतिमा का विधिवत पूजन-हवन के साथ तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान समाप्त हो जाएगा। बैठक में डा. सुजाता सिन्हा, रत्ना सिन्हा, शालिनी सिन्हा, संगीता वर्मा, सुमन सिन्हा, रीता सिन्हा, श्वेता राय, लक्ष्मी श्रीवास्तव, नीरा सिन्हा, श्वेतमा सिन्हा, कविता काकम्बदवार, रूबी रंजन, रीता वर्मा, चांदनी वर्मा, राजकुमारी देवी, प्रभा सिन्हा, पिंकी सिन्हा, निरूपमा सिन्हा, पूनम सिन्हा, मधु सिन्हा, मनोरमा देवी आदि दर्जनों महिलाएं थीं।

तय हुई कार्यक्रम की रूप-रेखा : दूसरी तरफ, चित्रगुप्त मंदिर के बाहर चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट द्वारा आहुत बैठक में 25 से 28 फरवरी तक के कार्यक्रम की रूप-रेखा को तय क र अंतिम रूप दिया गया। जलभरी (कलश शोभायात्रा) और भंडारा (सम्मान समारोह, प्रीतिभोज) में शहर के कायस्थ समाज के महिला-पुरुषों को आमंत्रित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. उदयकुमार सिन्हा ने की। बैठक में तय किया गया कि अंतिम दिन 28 फरवरी को मंच पर ट्रस्ट की संस्थापक वरिष्ठ चिकित्सक डा. रागिनी सिन्हा के निर्देशानुसार अध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम का संचालन होगा। मंच पर चित्रगुप्त समाज कल्याण ट्रस्ट के परिचय के बाद 70 साल पहले मंदिर की नींव रखने वाले, समय-समय पर मंदिर का निर्माण-जीर्णोद्धार करने वाले चित्रगुप्त समाज के प्रतिनिधियों का सम्मान किया जाएगा। सम्मान समारोह सुबह 10 बजे आरंभ होगा। आगत मुख्य-विशेष अतिथियों के संबोधन के बाद भंडारा (प्रीतिभोज) के साथ चार दिवसीय आयोजन का समापन होगा। बैठक में ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष मिथलेश कुमार, कोषाध्यक्ष राजीव रंजन, उपाध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव, रणधीर कुमार, सचिव बरमेश्वर नाथ, प्रवक्ता कृष्ण किसलय, संयुक्त सचिव आलोक श्रीवास्तव, संगठन सचिव ओमप्रकाश कमल, सह कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार अटल, सह सचिव सुनील कुमार सिन्हा, नवीन कुमार सिन्हा, अमित कुमार वर्मा, कृष्णवल्लभ सहाय, चंद्रभूषण मणि, मनोरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, जयंत वर्मा, मनोज कुमार श्रीवास्तव, रुपेश राय, अनूप श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
(रिपोर्ट, तस्वीर : निशांत राज)

आश्चर्य: कब गिरी बिजली कि जल गया ट्रांसफार्मर?

इंद्रपुरी (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। इंद्रपुरी पावर सबस्टेशन का पांच केवीए का पावर ट्रांसफार्मर जल गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि आसमानी से बिजली गिरने के कारण ट्रांसफार्मर में अधिक चार्ज पैदा होने की स्थिति में वह जल गया। जबकि स्थानीय किसानों, लोगों का कहना है कि इस इलाके में पिछले दिनों बिजली गिरी ही नहींहै। ग्रामीणों का मानना है कि उचित रख-रखाव और पोषण तेल की कमी की वजह से पावर ट्रांसफार्मर जला है। विभागीय लापरवाही को छुपाने के लिए कहा गया कि आसमान से बज्रपात होने के कारण ट्रांसफार्मर जल गया। बताया जाता है कि रातोरात पावर ट्रांसफार्मर में खामोशी के साथ पोषण तेल डाला गया। दरअसल पावर ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों कारख-रखाव ठीक से करने के बजाय संपोषण मद में आवंटित राशि का बंदरबाट कर लिया जाता है।

डेहरी में बेहतर आईटी इंस्टीट्यूट की जरूरत

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। ओम टेक आईटी सॉल्यूशन एंड एजुकेशन के बैनरतले आयोजित संगोष्ठी में बताया गया कि आईटी सेक्टर में छात्र-छात्राएं भविष्य कैसे बना सकते हैं? किस प्रकार का कोर्स करने से आईटी फील्ड में दक्षता प्राप्त की जा सकती है। बताया गया कि टेक्नोलॉजी के युग में आईटी सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है। आईटी सेक्टर में होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी दी गई और दूर करने के उपाय बताए गए। बीएसएल मल्टी स्किल कंपनी के आईटी हेड अंजनीकांत पाठक ने कहां की आईटी प्रोफेशनल की मांग लगातार बनी रहती है। जरूरत पकड़ मजबूत बनाए रखने और अपने क्षेत्र को जानने, अपडेट रहने की है। कार्ड एक्सपर्टीज कंपनी के आईटी हेड तरुण चक्रवर्ती ने कहा कि क्षेत्र के छोटे-बड़े पैमाने पर निर्भर करता है कि आप नौकरी नहीं करना चाहते तो खुद का कैसा बिजनेस कर सकते हैं। वेब डिजाइनिंग, छोटे लेवल पर सॉफ्टवेयर या संस्थान में ट्रेनिंग दे सकते हैं। ओम टेक आईटी सॉल्यूशन एंड एजुकेशन के निदेशक पवन कुमार ने कहा कि वेब डिजाइनिंग, साफ्टवेयर डिजाइनिंग, कंप्यूटर लैंग्वेज आदि के लिए आईटी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट खोलने जा रहे हैं। मुकेश उपाध्याय, राजू शंकर, अभिषेक कुमार आदि उपस्थित थे।

राजमणि मिश्र की कविताओं में समाज की व्यापक संवेदना

पटना (सोनमाटी प्रतिनिधि) राजभाषा कार्यान्वयन समिति और भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में राजेंद्रऽनगर टर्मिनल परिसर में मंडल रेल राजभाषा अधिकारी राजमणि मिश्र का एकल काव्यपाठ का आयोजन किया गया। काव्यपाठ समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की। उन्होंने कहा कि राजमणि मिश्र की कविताओं में घर-परिवार से समाज-संस्कृति और समसामयिक परिवेश तक संवेदनात्मक लालित्य मौजूद है। कवि सिद्धेश्वर ने कहा कि राजमणि मिश्र की कविताएं विस्तारित होते मौजूदा नकारात्मक माहौल में सकारात्मक संदेश देती हैं। समारोह के मुख्य अतिथि कवि घनश्याम ने राजमणि मिश्र की कविताओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक जीवन के क्रियाकलापों पर कवि की पैनी दृष्टि है। राजमणि मिश्र ने अपने एकल काव्यपाठ में दो दर्जन से अधिक कविताओं का पाठ किया। गोष्ठी में मीना कुमारी परिहार, घनश्याम, नसीम अख्तर, डा. अर्चना त्रिपाठी, सिद्धेश्वर, अरविंद पासवान, कुमारी श्वेता शेखर, मुकेश ओझा और अनुराग कश्यप ने भी अपनी कविताएं सुनाई। संचालन नसीम अख्तर और सिद्धेश्वर ने किया। अंत में कुमारी स्वीटी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : नसीम अख्तर, सचिव, स्टेशन राजभाषा कार्यान्व्यन समिति)

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