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बिहार में कोरोना काल में विश्व का पहला चुनाव/ 14 लेखकों को साहित्य सेवी सम्मान/ कोरोना जागरूकता रथ

बिहार में तीन चरणों में चुनाव, 10 नवम्बर को मतगणना

नई दिल्ली/पटना (सोनमाटी समाचार नेटवर्क)। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा हो गई। कोरोना काल में होने वाला बिहार विधानसभा का चुनाव विश्व का पहला चुनाव है। जहां कोरोना महामारी की डर से 70 से अधिक देशों ने चुनाव टाल दिए, वहीं भारत ने यह साहस दिखाया। तीन चरणों के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 28 अक्टूबर को 16 जिलों की 71 सीटों, दूसरे चरण में 03 नवम्बर को 17 जिलों की 94 सीटों और तीसरे चरण में 07 नवम्बर को 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 10 नवंबर को होगी। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा द्वारा दिल्ली में चुनाव की घोषणा के बाद बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। बिहार विधानसभा चुनाव के साथ अन्य राज्यों के 65 उपचुनावों भी होंगे। दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के प्रेस कान्फ्रेन्स के बाद पटना में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास की अध्यक्षता में सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों की बैठक में चुनाव में खर्च के तरीकों और उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों को सार्वजनिक करने से संबंधित नियम के बारे में जानकारी दी गई।

मतदान का समय एक घंटा अधिक

(सुनील अरोड़ा)

इस बार मतदान का समय एक घंटा अधिक बढ़ाते हुए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कर दिया गया है। एक मतदान केेंद्र एक हजार मतदाताओं के लिए ही होगा। 7.79 करोड़ मतदाताओं में पुरुष मतदाता 3.79 करोड़ और महिला मतदाता 3.39 करोड़ हैं। चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल होगा। रोड शो में सिर्फ पांच गाडिय़ां होंगी। चुनाव के लिए 06 लाख पीपीई किट, 46 लाख मास्क, 06 लाख फेस शिल्ड, 23 लाख ग्लव, 47 लाख हैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। कोरोना पीडि़त भी मतदान के आखिरी समय में मत डालेंगे। राजनीतिक दल के कार्यकर्ता पांच की संख्या में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करेंगे और उम्मीदवार को नामांकन में दो वाहन ले जाने की इजाजत है। नामांकन पत्र आनलाइन भी भरे जा सकते हैं। चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल होगा, जनसभा नहीं होगी।

कितनी सिटों पर किसका कब्जा ?

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के पास 130 सीटें हैं। इस गठबंधन में जदयू का 69, भाजपा का 54, लोजपा का 02 और हम का 01 सीटों पर कब्जा है। विपक्षी महागठबंधन के पास 101 सीटें हैं। इस गठबंधन में राजद का 73 और कांग्रेस का 23 सीटों पर कब्जा है। विधानसभा की 03 सीटों पर सीपीआई (एमएल) का और 01 सीट पर एआईएमआईएमआई का कब्जा है। विधानसभा की 12 सीटें रिक्त हैं और और इसके 05 पर निर्दलीय विधायक हैं। 2015 में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने जीत हासिल की थी। उस वक्त राजद और जदयू साथ थे। 243 सीटों में महागठबंधन को 178 सीटें मिली थीं। राजद सबसे बड़ी पार्टी थी, जिसे 80 सीटें मिली थीं। जदयू को 71, भाजपा को 53, कांग्रेस को 27, रालोसपा को 2 और हम को 01 सीट पर जीत हासिल हुई थी। 2020 के चुनाव की घोषणा से कुछ महीनों पहले एक दर्जन विधायक राजद छोड़कर जदयू में चले आए, जिनमें विधानपरिषद सदस्य भी शामिल हैं।
पहले चरण की मतदान (28 अक्टूबर) वाली 71 सीटों में वर्ष 2010 के चुनाव में जदयू ने 39 सीटों और भाजपा ने 22 सीटों पर जीत हासिल की थी। तब दोनों राजनीतिक दल एनडीए में थे। अब फिर एनडीए में हैं। इनमें मंत्री के रूप में रहे हैं जीतनराम मांझी, रामनारायण मंडल, संतोष कुमार निराला, जयकुमार सिंह, कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा और प्रेम कुमार। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जदयू से अलग होकर अपनी पार्टी हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (हम) बनी ली और महागठबंधन में चले गए, मगर फिर एनडी के पाले में जदयू के साथ लौट आए हैं। 71 सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 08 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर है। इन 71 में दक्षिण बिहार के सीमावर्ती सोन नद अंचल के जिला रोहतास में डेहरी, काराकाट, सासाराम, नोखा, करगहर, दिनारा, चेनारी (सुरक्षित) सीट और औरंगाबाद जिला में नबीनगर, ओबरा, गोह, औरंगाबाद, कुटुम्बा (सुरक्षित) सीट हैं।

इनपुट : निशान्त राज

साहित्यांजलि प्रभा ने दिए हिन्दी साहित्य सेवी सम्मान

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)-सोनमाटी प्रतिनिधि। साहित्यिक सर्जना की प्रतिनिधि पत्रिका साहित्यांजलि प्रभा द्वारा इस वर्ष भी हिंदी साहित्य सेवी सम्मान 14 साहित्यकारों को प्रदान किया गया। पत्रिका के संपादक डा. भगवान प्रसाद उपाध्याय के अनुसार, तुलसीदेवी तिवारी (कहानी संग्रह इंतजार एक औरत का), डा. स्वाति सिंह (कहानी संकलन मनश्विनी), डा. शंभूनाथ त्रिपाठी अंशुल (लेख संकलन रामकथा के कतिपय संदर्भ), आभा गुप्ता (कविता संग्रह ; मेरी कविताएं), मनोरमा अग्रवाल (विचार संग्रह मंजिल की ओर एक कदम और), देवेंद्र कुमार मिश्र (कविता संग्रह आंखें घर होती हैं), डा. अनिता सिंह (कहानी संग्रह इंतजार), डा. प्रदीप कुमार चित्रांश (ललित लेख शमशान की कबीरी), रचना सक्सेना (काव्य संग्रह किसकी रचना), मीरा सिन्हा (संस्कृति लेखन देवभूमि किन्नौर में आपका स्वागत है), मंजू पांडेय (मेहंदी-महावर महक जौनपुरी), डा. रामलखन चौरसिया बागीश (कहानी संग्रह केकड़ा), डा. उषा मिश्रा (साहित्यकारों के सृजनात्मक सरोकार) और पंडित कृष्णदेव मिश्र कृष्ण (उपन्यास बंदिनी) को पुरस्कार दिए गए।

स्वयंसेवी एंटी करप्शन का कोरोना जागरूकता अभियान

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। स्वयंसेवी संस्था नेशनल एंटी करप्शन एंड आपरेशन कमेटी आफ इंडिया का रोहतास जिला इकाई की ओर से कोरोना जागरूकता रथ के जरिये दो दिनों तक डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र के साथ इंद्रपुरी, तिलौथू, बांक, अकोढ़ीगोला,आयरकोठा, दरिहट में कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने और सैनिटाइजर इस्तेमाल करने के फायदा से अवगत कराया जाएगा। संस्था मास्क का भी वितरण कर रही है। जागरूकता रथ रवाना करने के अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय वरिष्ठ संगठन सचिव मनीषकुमार शरण, रोहतास जिला अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, रिंकू सोनी, संतोष गुप्ता, बूढ़ा सिंह, राजीव विश्वकर्मा, मनोज कुमार कश्यप, राकेश गोस्वामी, अमित कुमार, मंटू सिंह, विशाल सिंह, मनीष कुमार, जयप्रकाश कश्यप आदि शामिल थे।

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