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स्कूल विवाद : निबंधन उप महानिरीक्षक ने कहा प्रबंध निदेशक रखें अपना पक्ष

सासाराम (सोनमाटी संवाददाता अर्जुन कुमार)। सोसायटी एक्ट के तहत संस्था पंजीकरण करने वाले बिहार के निबंधन महानिरीक्षक मुख्यालय के उप निबंधन महानिरीक्षक सुकुमार झा ने सासाराम के बाल विकास विद्यालय से संबंधित विवाद में विद्यालय के प्रबंध निदेशक से 15 दिनों में विद्यालय प्रबंध समिति का पक्ष रखने को कहा है। बाल विकास विद्यालय प्रबंधन समिति के विरुद्ध अनियमितता का आरोप लगाते हुए लायंस क्लब, सासाराम के अध्यक्ष रोहित वर्मा द्वारा निबंधन महानिरीक्षक के कार्यालय में परिवाद दायर किया गया था। इस परिवाद के सभी बिन्दुओं पर जांच कर सहायक निबंधन महानिरीक्षक (पटना प्रमंडल) ने जांच रिपोर्ट निबंधन महानिरीक्षक वी. कार्तिकायन को सौंप दी है। इसी जांच रिपोर्ट के आलोक में बाल विकास विद्यालय के प्रबंध निदेशक से बाल विकास विद्यालय प्रबंधन समिति का पक्ष रखने को कहा गया है। बाल विकास विद्यालय सासाराम शहर का पहला सीबीएसई मान्यता प्राप्त अंग्रेजी माध्यम स्कूल है, जिसकी प्रबंध समिति के मौजूदा प्रबंध निदेशक राज्यसभा सांसद गोपालनारायण सिंह हैं। बाल विकास विद्यालय की मौजूदा प्रबंध समिति ने उस लायंस क्लब को ही बाहर कर दिया, जिसने इस स्कूल की स्थापना की। यह जानकारी लायंस क्लब के वरिष्ठ सदस्यों डा. एसपी वर्मा, रोहित वर्मा, डा. दिनेश शर्मा, अभिषेक राय, गौतम कुमार, संजय मिश्र ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स का आयोजन कर दी और बताया कि बाल विकास विद्यालय की प्रबंध समिति ने डोनर सदस्य, कारपोरेट सदस्य, शिक्षाविद, प्राचार्य प्रतिनिधि, अभिभावक प्रतिनिधि, शिक्षक प्रतिनिधि आदि के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई है। बोर्ड आफ डायरेक्टर का चुनाव और विद्यालय समागम समिति के निबंधन का मामला तो गंभीर सवालों के घेरे में है।

संतपाल स्कूल के सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेन्स में लायंस क्लब के पूर्व जिलापाल डा. एसपी वर्मा ने बताया कि सहायक निबंधन महानिरीक्षक ने जांच रिपोर्ट में बाल विकास विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा लिए गए निर्णयों को वैध नहीं माना है। जांच रिपोर्ट में माना गया है कि बाल विकास विद्यालय पर लायंस क्लब के नामित सदस्यों का ही अधिकार होगा। जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त कर ली गई है। डा. वर्मा ने कहा कि बाल विकास विद्यालय लायंस क्लब आफ सासाराम का है। सहायक निबंधन महानिरीक्षक की जांच से भी स्पष्ट हो चुका है कि बाल विकास विद्यालय के संचालन का अधिकार लायंस क्लब आफ सासाराम का ही है। बाल विकास विद्यालय सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत रजिस्टर्ड है, जिसका प्रमोटर लायंस क्लब आरंभ से ही रहा है।

डा. एसपी वर्मा ने बताया कि बाल विकास विद्यालय प्रबंध समिति में तीन सदस्यों का बतौर लायंस क्लब प्रतिनिधित्व वैध नहीं है, क्योंकि तीनों लायंस क्लब से निष्कासित हैं। विद्यालय प्रबंध समिति के 11 संस्थापक सदस्यों को ही बैठक और अन्य क्रियाकलापों में भाग लेने का नैसर्गिक अधिकार है। संस्थापक सदस्य की मृत्यु के बाद उनके वंशज को बाल विकास विद्यालय प्रबंध समिति का सदस्य बनाने के लिए उनके परिवार से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने और निर्धारित पंद्रह हजार रुपये शुल्क देने पर ही सदस्यता देने का प्रावधान है।

दूसरी तरफ, विश्वसनीय सूत्र के अनुसार,  सासंद गोपालनारायण सिंह का कहना है कि लायंस क्लब की आड़ में कुछ लोग स्कूल पर कब्जा करना चाहते हैं।  बहरहाल, देखना है कि बाल विकास विद्यालय प्रबंधन समिति का पक्ष प्रबंध निदेशक होने के नाते सांसद गोपालनारायण सिंह किस किस तरह  महानिरीक्षक (निबंधन) के सामने रखते हैं और इस विवाद में महानिरीक्षक (निबंधन) का फैसला क्या होता है? 

 

 

विधानसभा में अब जदयू के 70 और भाजपा के 54 विधायक

पटना (विशेष प्रतिनिधि)। नवनिर्वाचित विधायकों भाजपा के सत्य नारायण सिंह यादव (डिहरी विधानसभा क्षेत्र) और जदयू के कौशल यादव (नवादा विधानसभा क्षेत्र) को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी द्वारा शपथ दिलाई जाने के बाद विधानसभा में अब जदयू के 70 और भाजपा के 54 विधायक हो गए हैं।

उधर, गृह (विशेष) विभाग में लिए गए निर्णय के अनुसार, गणमान्यों (वीआईपी) की सुरक्षा में अब दारोगा (सब इंस्पेक्टर ) और जमादार (सहायक निरीक्षक) तैनात नहीं होंगे। गृह विभाग (विशेष शाखा) की ओर से राज्य पुलिस मुख्यालय के लिए जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य वीआईपी की सुरक्षा के लिए बतौर अंगरक्षक (बाडीगार्ड) हवलदार और सिपाही की प्रतिनियुक्ति होगी। यह निर्देश पुलिस के अवर निरीक्षक और सहायक निरीक्षक के अपराध अनुसंधान और विधि-व्यवस्था के कार्य करने के मद्देनजर दिया गया है।

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