डालमियानगर माडल स्कूल के मुद्दे पर हाईकोर्ट का निर्देश / सासाराम में निजी विद्यालयों के साथ अफसरों की सभा / डेहरी में नाई महासभा की बैठक

माडल स्कूल : नियमितता के लिए डीएम को हाईकोर्ट का निर्देश

पटना/डालमियानगर (बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। पटना उच्च न्यायालय ने जो टिप्पणी की है और जो निर्देश दिया है, वह बताता है कि रोहतास जिला के प्रथम और बड़े सीबीएसई विद्यालयों में से एक डालमियानगर माडल स्कूल में पठन-पाठन की व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं है, वित्तीय प्रावधान पूर्ण नहीं होने के कारण गड़बड़ी की भी आशंका हो सकती है। स्कूल को 21वीं सदी के समय के अनुरूप बेहतर बनाने के लिए अभी काफी गुंजायश बाकी है, क्योंकि अब सीबीएसई से मान्य विद्यालयों में नो एंगर जोन का नया कन्सेप्ट भी आ गया है। डालमियानगर माडल स्कूल रोहतास उद्योगसमूह के परिसर-भवन में आधी सदी से अधिक समय से संचालित हो रहा है। स्कूल के ग्यारहवीं के एक छात्र के अभिभावक (विक्रम सिंह) ने रोहतास इंडस्ट्रीज कांप्लेक्स के पटना स्थित आफिशिएल लिक्विडेटर (परिसमापक) के जरिये उच्च न्यायालय में आवेदन देकर डालमियानगर माडल स्कूल की प्रबंध समिति को संबंधित निर्देश देने की याचना (संख्या 283/2019) बीते वर्ष की थी। आवेदनकर्ता की मांग है कि माडल स्कूल में 11-12वीं की पढ़ाई के लिए योग्य स्नातकोत्तर शिक्षक की व्यवस्था की जाए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रशासनिक कुव्यवस्था व्यवस्था ठीक की जाए और वित्तीय अनियमितता दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। न्यायालय की टिप्पणी है, प्राचार्य द्वारा वित्तीय दस्तावेज पूर्ण नहीं किए गए हैं और बताया गया है कि वित्तीय दस्तावेज चार्टर्ड एकाउंटेन्ट के पास जमा है। जबकि चार्टर्ड एकाउंटेन्ट का कहना है कि संबंधित दस्तावेज नियमानुसार पूरा करने के लिए प्राचार्य को लौटा दिए गए हैं। जैसाकि न्यायालय की टिप्पणी है, परिसमापक (ओएल) हिमांशु शेखर द्वारा कोर्ट को बताया गया है कि माडल स्कूल कैैंपस की संपत्ति की नीलामी के लिए बाजार भाव का आकलन कराया जा रहा है। संपत्ति मूल्य का आकलन कोई महीने भर में उपलब्ध हो जाने की उम्मीद है। मामले की सुनवाई करने वाले उच्च न्यायालय के कंपनी जज विकास जैन ने आवेदनकर्ता को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर अपनी मांग को रोहतास के जिलाधिकारी के पास प्रस्तुत करें, जिसका विधि-सम्मत निष्पादन जिलाधिकारी दो महीनों में करेंगे।
अंग्रेजी माध्यम वाले डालमियानगर माडल स्कूल की स्थापना रोहतास इंडस्ट्रीज के अधिकारियों के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए हुई थी, जिसे बाद में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हुई। 1984 में रोहतास इंडस्ट्रीज के बंद हो जाने पर विद्यालय का प्रबंधन राज्य सरकार के पुनर्वास आयुक्त के अधीन आ गया। फिर 1996 में रोहतास इंडस्ट्रीज और इसकी संपत्ति के समापन (लिक्विडेशन) में चले जाने के बाद इसका संचालन कोर्ट (कंपनी जज) के निर्देश पर विद्यार्थियों के अभिभावकों की निर्वाचित समिति द्वारा किया जाने लगा। सीबीएसई से प्लस-टु स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त डालमियानगर माडल स्कूल के सीनियर विंग (रोहतास उद्योगसमूह परिसर) के साथ जूनियर विंग (रेलवे स्टेशन, न्यूएरिया) में तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। डालमियानगर स्थित रोहतास इंडस्ट्रीज कांप्लेक्स के स्थानीय प्रभारी अधिकारी एआर वर्मा ने माडल स्कूल के बाबत पूछे जाने पर बताया कि विद्यालय परिसर रोहतास इंडस्ट्रीज कांप्लेक्स का हिस्सा है, जिसकी संपत्ति का मूल्यांकन नीलामी के लिए किया जा रहा है। माडल स्कूल के पूर्व सचिव रहे श्री वर्मा का कहना है कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल में सीबीएसई मानक का पालन करना होता है। इसे देखना अभिभावकों और उनके द्वारा निर्वाचित समिति के पदाधिकारियों का कार्य है, क्योंकि स्कूल रोहतास इंडस्ट्रीज ( समापन में ) की जिम्मेदारी नहीं रह गई है। माडल स्कूल में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावक एवं सेवानिवृत्त उच्च विद्यालय अध्यापक शीतल प्रसाद श्रीवास्तव (प्रेस गली, जोड़ा मंदिर) का कहना है कि माडल स्कूल की प्रारंभिक कक्षाओं में एनसीआरटीई द्वारा प्रकाशित पुस्तकेें नहीं पढ़ाई जाती हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रबंध समिति के सदस्यों से बात की थी, मगर उनकी वार्ता निष्फल रही। जबकि माडल स्कूल में सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू है। दूसरे प्रकाशन की पुस्तकेें काफी महंगी होती हैं, कीमत में दो से तीन गुने का फर्क होता है।
(रिपोर्ट : कृष्ण किसलय, तस्वीर : निशांत राज)

जागरूकता के लिए सामाजिक गतिविधि में भी शामिल हों विद्यार्थी

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय ने शिक्षा के अधिकार के तहत पढऩे वाले कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के अभिभावकों से हर स्कूल संचालक से हर साल आय प्रमाणपत्र जमा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाले अभियान जल-जीवन-हरियाली के लिए मानव श्रृंखला जागृति अभियान में विद्यार्थियों की भागादारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि उनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा हो सके। जिला परिवहन पदाधिकारी मोहम्मद जियाउल्लाह ने जागरूकता के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह की प्रभात फेरी में विद्यार्थियों की शिरकत पर जोर दिया। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय कुमार ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विद्यालयों में चुनाव पाठशाला-कार्यशाला का आयोजन करने का आग्रह किया, ताकि विद्यार्थियों में समाज की दिशा तय करने वाली राजनीति के प्रति आरंभिक समझ बन सके। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के बिहार प्रदेश महासचिव डा. एसपी वर्मा ने कहा कि निजी विद्यालयों ने रोहतास जिला ही नहीं, पूरे बिहार में शिक्षण कार्य को नया आयाम दिया है। अपने को प्रतिस्पर्धा उन्नमुखी बनाया है और शैक्षणिक सफलता की नई कहानी गढ़ी है। सरकारी विद्यालयों से निजी विद्यालयों का कोई मुकाबला या प्रतिस्पर्धा नहींहै, बल्कि निजी विद्यालयों ने तो सरकार के शिक्षा संंबंधी लक्ष्य को प्राप्त करने में पूरक की भूमिका का निर्वाह किया है। संतपाल स्कूल परिसर में स्थित उमा आडिटोरियम में निजी विद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के साथ आमसभा हुई, जिसमें जिले भर से निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद थे। निजी विद्यालयों के संगठन प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के रोहतास जिला अध्यक्ष रोहित वर्मा, उपाध्यक्ष सुभाष कुमार कुशवाहा, जिला सचिव समरेंद्र कुमार समीर, जिला महामंत्री अनिल कुमार शर्मा, जिला संयोजक धनेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के साथ संगठन की टीम ने कार्यक्रम के संयोजन में सहयोग किया। मानवेंद्र कुमार राय, मोहम्मद जिलाउल्लाह, सत्यप्रिय कुमार, डा. एसपी वर्मा और रोहित वर्मा ने दीप-प्रज्ज्वलन कर सभा का शुभारंभ किया और अंत में रोहित वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
(रिपोर्ट/तस्वीर : निशांत राज/अर्जुन कुमार)

धनंजय शर्मा बने नाई महासभा के नगर अध्यक्ष

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-सोनमाटी समाचार नेटवर्क। राष्ट्रीय नाई महासभा की नगर इकाई और डिहरी प्रखंड इकाई की बैठक अवधेश शर्मा की अध्यक्षता और रवि शर्मा के संचालन में हुई। बैठक में धनंजय शर्मा को सर्वानुमति से नगर अध्यक्ष बनाया गया। बैठक के बाद रोहतास जिला नाई महासभा के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने जानकारी दी कि बैठक में यह फैसला लिया गया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती का आयोजन 24 जनवरी को कर्पूरी चौक पर किया जाएगा। इससे पहले नाई महासभा की ओर से 17 जनवरी को पारिवारिक मिलन समारोह होगा और 26 जनवरी को कर्पूरी चौक पर झंडोत्तोलन किया जाएगा।

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