जलवायु अनुकूल कृषि पर पटना में हितधारकों की अहम बैठक, किसानों के अनुभवों से बनी रणनीति


पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में “जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम” पर एक महत्वपूर्ण हितधारक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वैज्ञानिकों, परियोजना कर्मियों के साथ बिहार के गया और बक्सर जिलों से आए किसानों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने की। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि किसी भी कृषि तकनीक का आंशिक क्रियान्वयन अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अवशेष प्रबंधन के बिना शून्य जुताई तकनीक प्रभावी नहीं हो सकती। उन्होंने समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कार्य-योजना बनाने, हितधारकों की सहभागिता बढ़ाने तथा गाँव स्तर पर “जलवायु प्रतिक्रिया समूह” के गठन पर जोर दिया।
डॉ. दास ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों—जैसे सूखा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और घटती मृदा उर्वरता—का उल्लेख करते हुए कृषि सहिष्णुता बढ़ाने के उपाय सुझाए। साथ ही उन्होंने फसल विविधीकरण और समेकित कृषि प्रणाली को अपनाने की सलाह दी।
बैठक के विशिष्ट अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार (बक्सर) ने कहा कि जलवायु अनुकूल तकनीकें उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ जल, मृदा और श्रम की बचत करती हैं, जिससे लागत घटती है। उन्होंने किसानों को स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सूखा प्रबंधन, टर्मिनल हीट, जल उत्पादकता, फसल चक्र प्रणाली, मृदा उर्वरता प्रबंधन और जलवायु सहिष्णु किस्मों के प्रसार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। किसानों ने सीमित सिंचाई, जंगली जानवरों के प्रकोप और कृषि यंत्रों की कमी जैसी समस्याओं को सामने रखा, लेकिन साथ ही जलवायु अनुकूल कृषि के सकारात्मक परिणामों को भी स्वीकार किया।
इससे पहले डॉ. अभय कुमार ने स्वागत भाषण में कार्यक्रम के उद्देश्यों और प्रगति की जानकारी दी। डॉ. देवकरण (कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर) और डॉ. राकेश कुमार ने क्रमशः बक्सर और गया जिलों में चल रही गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक में करीब 60 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 10 किसान भी थे। गया जिले के अमेठी गांव के किसान रंजीत महतो ने फसल विविधीकरण, फलदार वृक्षों की खेती, रेज्ड बेड पर मक्का उत्पादन, मशरूम उत्पादन और मल्चिंग जैसे उपायों को अपनाने का अनुभव साझा किया, जिसे एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में सराहा गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने समेकित कृषि प्रणाली मॉडल और पोषण वाटिका का अवलोकन किया। बैठक का समापन वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और किसानों के संयुक्त प्रयास से जलवायु अनुकूल कृषि को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। अंत में डॉ. धीरज कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Share
  • Related Posts

    रोहतास में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस, नर्सों की सेवा भावना को किया गया सम्मानित

    सासाराम (रोहतास)। मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाने वाली नर्सों के सम्मान में मंगलवार को रोहतास जिले में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस उत्साह एवं…

    Share

    19 मई को रोहतास के सभी पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    सासाराम (रोहतास)। जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    रोहतास में धूमधाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस, नर्सों की सेवा भावना को किया गया सम्मानित

    19 मई को रोहतास के सभी पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    19 मई को रोहतास के सभी पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    भोजपुरी लोकधारा को शास्त्रीय संगीत में पिरोने का प्रयास करेंगी प्रिया कुमारी

    भोजपुरी लोकधारा को शास्त्रीय संगीत में पिरोने का प्रयास करेंगी प्रिया कुमारी

    जमुहार में 6 व 7 जून को होगा आरएसएसडीआई बिहारकॉन-एमटी 2026 का आयोजन

    मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैव उर्वरकों के प्रयोग पर दिया गया जोर

    मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैव उर्वरकों के प्रयोग पर दिया गया जोर

    संत पाल स्कूल का 39वाँ वार्षिकोत्सव संपन्न, विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन

    संत पाल स्कूल का 39वाँ वार्षिकोत्सव संपन्न, विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन