पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार मेला, 850 से अधिक प्रतिभागियों को मिले अवसर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) द्वारा शंकर विहार सैन्य स्टेशन स्थित अरावली सभागार में पूर्व सैनिकों के लिए एक भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में 850 से अधिक पूर्व सैनिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस रोजगार मेले में 42 प्रमुख राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न क्षेत्रों में 1,290 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। यह आयोजन पूर्व सैनिकों के लिए अपने कौशल और अनुभव को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यालय एटीवीपी के परियोजना निदेशक (पी एंड ए) रियर एडमिरल आर.के. सिंह तथा डीजीआर के प्रधान निदेशक कमोडोर विक्रांत किशोर द्वारा किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रोजगार के बदलते परिदृश्य और उद्योग की आवश्यकताओं पर चर्चा की।

इस अवसर पर कमोडोर सुमीत कपूर (एनएम), ब्रिगेडियर ईशान दलाल (एसएम) और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन पटवर्धन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मेले में श्नाइडर इलेक्ट्रिक, जीए डिजिटल वेब वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड, सेमइंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, केपी सिंह फाउंडेशन और केसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट जैसे प्रतिष्ठित संगठनों ने भर्ती में सक्रिय भागीदारी निभाई।यह रोजगार मेला पूर्व सैनिकों को तकनीकी, प्रबंधकीय एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में द्वितीय करियर के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें असैन्य कार्यबल में प्रभावी रूप से शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

Share
  • Related Posts

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रांची। भौगोलिक सीमाएं भले ही राज्यों को अलग कर दें, लेकिन संस्कृति की जड़ें अक्सर इन सीमाओं से कहीं अधिक गहरी और व्यापक होती हैं। कुछ ऐसा ही रिश्ता है…

    Share

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    सासाराम। रोहतास जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार संचालित संपूर्ण महिला साक्षरता अभियान…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह