पेलिएटिव केयर में दक्षता बढ़ाने की पहल, नारायण नर्सिंग कॉलेज और ईको इंडिया का संयुक्त कार्यक्रम

डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण नर्सिंग कॉलेज ने ईको इंडिया के सहयोग से “एनएनसी पेलिएटिव केयर सीसीबी ईको प्रोग्राम फॉर नर्सेज इन बिहार” का शुभारंभ किया। एक माह तक चलने वाला यह वर्चुअल कॉम्प्रिहेंसिव कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम बिहार के नर्सिंग पेशेवरों को पेलिएटिव केयर के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. (डॉ.) के. लता, डीन-सह-प्राचार्या एवं ईको लीड के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान ईको इंडिया, नई दिल्ली के वाइस प्रेसिडेंट (प्रोजेक्ट्स) डॉ. संदीप भल्ला ने इस पहल की सराहना करते हुए पेलिएटिव केयर में क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रो. (डॉ.) श्वेता शर्मा, उप-प्राचार्या एवं हब लीड ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जगदीश सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

उद्घाटन सत्र के बाद नारायण नर्सिंग कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर आर. श्रीनिवासन ने “पेलिएटिव केयर का परिचय” विषय पर पहला विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया।

यह कार्यक्रम 30 जुलाई 2026 तक प्रत्येक सप्ताह ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में निर्धारित उपस्थिति और मूल्यांकन मानदंडों को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को 15 सीएनई घंटे (3 सीएनई क्रेडिट) सहित ई-प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. निकी मिन्ज, एसोसिएट प्रोफेसर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नंदिनी भूमिज, एसोसिएट प्रोफेसर एवं कार्यक्रम समन्वयक ने प्रस्तुत किया।

यह पहल बिहार में पेलिएटिव केयर नर्सिंग सेवाओं को सशक्त बनाने तथा संवेदनशील, साक्ष्य-आधारित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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