एनटीपीसी काँटी अपने व्यावसायिक संचालन कार्यों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत क्षेत्र के विकास के लिए भी हरसंभव कदम उठा रही है :परियोजना प्रमुख मधु एस 

पटना/काँटी (कार्यालय प्रतिनिधि)। एनटीपीसी काँटी, मुज्ज़फ़रपुर अपने व्यावसायिक संचालन कार्यों के साथ- साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत क्षेत्र के विकास के लिए भी हरसंभव कदम उठा रही है। यह बात शुक्रवार को एनटीपीसी काँटी में आयोजित प्रेस वार्ता में परियोजना प्रमुख मधु एस ने कहा। श्री मधु ने एनटीपीसी कांटी के उत्पादन के बारे में कहा कि काँटी स्टेशन एनटीपीसी के नॉन पीट हैड स्टेशन में पहले स्थान पर है जो गर्व की बात है।

काँटी स्टेशन सुरक्षा मानकों पर भी समूचे एनटीपीसी में पहले स्थान पर है जो गर्व की बात है। परियोजना प्रमुख ने कहा कि कांटी स्टेशन ने सभी की कार्यकुशलता के फलस्वरूप सदैव इतिहास रचा है। इस वर्ष ऐश यूटिलाइजेशन का कार्य मानक 85.54 प्राप्त किया गया जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी कांटी स्वास्थ्य, सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करती है। हमारे यहाँ पिछले चार साल में किसी प्रकार की दुर्घटना में किसी की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया की बिजली उतपादन के क्षमता बढ़ने के क्रम में कोशिश जारी है।

श्री मधु ने कहा कि समाज कल्याण में भी एनटीपीसी काँटी कभी पीछे नहीं रहा है। हमने हर हफ़्ते आस पास के गांवों में मेडिकल कैम्प लगवाया है जिससे अभी तक हज़ारो ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं। गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशु के लिए मुख्या रूप से एक एम्बुलेंस सेवा शुरू की गयी है जो न सिर्फ मेडिकल जांच करेगी बल्कि निशुल्क दवाई एवं जांच भी मुहैय्या करेगी। आज के डिजिटल युग में दुनिया के कदम से कदम मिलाने के लिए शिक्षा के आधुनिक तरीके और कंप्यूटर का ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमने कांटी के 40 बालिकाओं को सशक्त करने हेतु बालिका सशक्तिकरण अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत हर साल 40 बालिकाओं को एक महीने के लिए आवासीय ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही महिलाओं के सशक्तीकरण और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए हमने बेकरी प्रशिक्षण, पापड़ प्रशिक्षण, अचार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया है। काँटी की इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो इसको लेकर हम जगह जगह रोड, नाला, इत्यादि का भी निर्माण कर रहे है। इस साल अभी तक लगभग 500 बेंच डेस्क का स्कूलों में वितरण किया जा चूका है। पर्यावरण के देख रेख के कहती हमने अभी तक 67000 से ज़्यादा पौधरोपण किया है ।

परियोजना प्रमुख ने कहा कि युवाओं को रोज़गार और कौशल विकास के लिए 40 विद्यार्थियों को ट्रेनिंग के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीन्यरिंग एंड टेक्नालजी, हाजीपुर भेजा जायेगा। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी काँटी ने इस वर्ष कई नए पहलों की शुरुआत की है। यह सब सामाजिक सरोकार बढ़ाने के लिए उठाए गए कुछ चुनिंदा कदमों में से है। प्रेस वार्ता में श्री तापस साहा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), श्री महेश सुथार, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), सभी विभागाध्यक्ष, एचआर, सीएसआर एवं प्रचालन विभाग के कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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