
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के अनुरूप विश्व दिव्यांग दिवस का आयोजन बुधवार को शहर के जननायक कर्पूरी चौक (थाना चौक) के पास समारोहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद और अमर क्रांतिकारी बालक खुदीराम बोस की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर दोनों स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया।
समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय दिव्यांग संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष शंकर मोहिंता ने की। उन्होंने सरकार से दस से अधिक महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने, सभी जरूरतमंद दिव्यांगों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने, लंबित पेंशन चालू कराने और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के पूर्ण क्रियान्वयन की प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालयों की उदासीनता से दिव्यांगों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकारी आवास योजनाओं में दिव्यांगों को प्राथमिकता देने, रोजगार में अवसर सुनिश्चित करने तथा रेल और हवाई यात्रा में सीट आरक्षण व किराया रियायत की भी मांग की गई। इसके साथ ही स्थानीय निकाय सहित सभी चुनावों में दिव्यांगजन को आरक्षण देने तथा नियमित कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की अपील की गई।
मोर्चा के उपाध्यक्ष मंज़र खान ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। नगर अध्यक्ष मंटू निषाद और नगर सचिव संतोष यादव ने दिव्यांग जनों की समस्याओं और प्रशासनिक सहयोग की जरूरत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
समारोह में स्थानीय विधायक राजीव रंजन सिंह के प्रतिनिधि सौरभ सिंह, समाजसेवी ग़ुलाम कुंदनम, गोविंद कुमार, दिव्यांग संघ से संतोष यादव, रियायत अली उर्फ़ नन्हे, राजू कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।






