एनएमसीएच में आईएएमएम बिहार चैप्टर का दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन हुआ सम्पन्न

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विषेश संवादाता। इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी (आईएएमएम) बिहार चैप्टर के बैनर तले आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन नारायण मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, जमुहार, सासाराम में सफलतापूर्वक हो गया। इस सम्मेलन के तहत हेल्थ केयर से जुड़े इन्फेक्शन की निगरानी विषय पर एक प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया, जिसे विशेषज्ञों ने अत्यंत उपयोगी बताया।

प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप में रिसोर्स पर्सन के रूप में एम्स पटना के एडिशनल प्रोफेसर एवं एचआईसीसी इंचार्ज डॉ. असीम सरफराज, कोलकाता स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के डॉ. अभिषेक सेनगुप्ता, एम्स देवघर के डॉ. केतन प्रियदर्शी तथा एम्स पटना के डॉ. अमरजीत कुमार ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

रिसोर्स फैकल्टी की टीम में नारायण मेडिकल कॉलेज के डॉ. अश्विनी कुमार (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी), प्रो. डॉ. राकेश कुमार (को-ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी) एवं डॉ. रविंद्र कुमार बरनवाल (ट्रेजरर) की महत्वपूर्ण और सफल भूमिका रही।

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान आईजीआईएमएस पटना, एम्स पटना, पीएमसीएच पटना, माता गुजरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल किशनगंज सहित बिहार के प्रमुख संस्थानों के जाने-माने फैकल्टी ने भाग लिया। साथ ही बिंदू डायग्नोस्टिक, दरभंगा के डॉ. आर.पी. दिवाकर और कवि डायग्नोस्टिक, मोतिहारी के डॉ. संजय कुमार जैसे प्रमुख प्राइवेट डायग्नोस्टिक लैब लीडर्स की उपस्थिति ने सम्मेलन को और भी समृद्ध बनाया।

सम्मेलन में बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल से आए प्रतिभागियों द्वारा 22 से अधिक ओरल तथा 30 पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए गए। इसके अतिरिक्त एमडी माइक्रोबायोलॉजी के पीजी छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही।

सम्मेलन का मुख्य विषय “आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए माइक्रोस्कोपी से जीनोमिक्स तक” रहा, जिस पर विशेषज्ञों ने विस्तार से व्याख्यान दिए। यह जानकारी ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. आर. के. श्रीवास्तव ने दी।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)

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