
पटना/ मोतिहारी | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी, मोतिहारी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को मोतिहारी जिले के घनश्याम पकड़ी गांव में “फसल विविधीकरण पर पायलट परियोजना” के अंतर्गत कृषक-वैज्ञानिक संवाद सह प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में घनश्याम पकड़ी सहित आसपास के गांवों से लगभग 40 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण की आधुनिक तकनीकों, लाभों एवं व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराना रहा।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि फसल विविधीकरण अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ खेती से जुड़े जोखिम भी कम होते हैं। उन्होंने पारंपरिक कृषि प्रणाली में विविध फसलों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान भी सुझाए।

कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने फसलों में लगने वाले रोगों और उनके प्रभावी नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। वहीं वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खादों के अधिक उपयोग पर बल देते हुए इसे मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए लाभकारी बताया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कुमारी सोनल गुप्ता एवं ग्राम के प्रगतिशील किसान रवि प्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।





