
पटना। सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। भाजपा से बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी ने पद संभालने के करीब 22 दिन बाद गुरुवार को अपनी सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार किया।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कुल 32 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं बिहार गीत से हुई, जबकि समापन भी राष्ट्रगान के साथ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग आधे घंटे तक मंच पर मौजूद रहे तथा शपथ लेने वाले मंत्रियों से मुलाकात कर उन्हें बेहतर कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह कदम राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रति एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने नए मंत्रियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह टीम बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेगी।
नीतीश कुमार ने इस कैबिनेट विस्तार को विकास की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम बताया। जदयू नेताओं के अनुसार, उनके नेतृत्व में किया गया यह विस्तार राज्य के विकास एजेंडे को और गति देने के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि मंत्रिमंडल में समाज के सभी वर्गों एवं विभिन्न क्षेत्रों को समुचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।

वहीं, निशांत कुमार सहित नए मंत्रियों को लेकर जदयू का कहना है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप सभी मंत्री कार्य करेंगे और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। एनडीए नेताओं ने इसे गठबंधन की एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि भाजपा और जदयू ने मिलकर इस विस्तार में युवा एवं अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय एवं क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, सवर्ण, युवा और महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देकर एनडीए ने व्यापक सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया है। खासकर युवा चेहरों को अवसर देकर भाजपा ने भविष्य की राजनीति में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा ने युवा नेतृत्व, वैश्य तथा अति पिछड़ा वर्ग को विशेष प्राथमिकता देकर अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश की है। वहीं, कई वरिष्ठ नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां दिए जाने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है।
विभागों का बंटवारा : किसे मिला कौन सा मंत्रालय
सम्राट चौधरी (भाजपा) – मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट, निगरानी, निर्वाचन सहित अन्य विभाग
विजय कुमार सिन्हा (भाजपा) – कृषि
दिलीप जायसवाल (भाजपा) – राजस्व एवं भूमि सुधार
रामकृपाल यादव (भाजपा) – सहकारिता
नीतीश मिश्रा (भाजपा) – नगर विकास एवं आवास, आईटी
दामोदर रावत (भाजपा) – परिवहन
संजय सिंह टाइगर (भाजपा) – उच्च शिक्षा एवं विधि
श्रेयसी सिंह (भाजपा) – उद्योग एवं खेल
रमा निषाद (भाजपा) – पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण
डॉ. प्रमोद कुमार (भाजपा) – खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति
लखेंद्र कुमार रौशन (भाजपा) – एससी-एसटी कल्याण
मिथिलेश तिवारी (भाजपा) – शिक्षा
रामचंद्र प्रसाद (भाजपा) – पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
कुमार शैलेंद्र (भाजपा) – पथ निर्माण
अरुण शंकर प्रसाद (भाजपा) – श्रम संसाधन, प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास
केदार प्रसाद गुप्ता (भाजपा) – पर्यटन
विजय चौधरी (जदयू) – जल संसाधन एवं संसदीय कार्य
बिजेंद्र प्रसाद यादव (जदयू) – वित्त एवं वाणिज्यकर
श्रवण कुमार (जदयू) – ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क
निशांत कुमार (जदयू) – स्वास्थ्य
लेशी सिंह (जदयू) – भवन निर्माण
अशोक चौधरी (जदयू) – खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
श्रीभगवान सिंह कुशवाहा (जदयू) – योजना एवं विकास
मदन सहनी (जदयू) – मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन
रत्नेश सदा (जदयू) – आपदा प्रबंधन
शीला कुमारी (जदयू) – साइंस एवं टेक्नोलॉजी
सुनील कुमार (जदयू) – ग्रामीण कार्य
जमा खान (जदयू) – अल्पसंख्यक कल्याण
नंदकिशोर राम (जदयू) – डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन
बुलो मंडल (जदयू) – ऊर्जा
श्वेता गुप्ता (जदयू) – समाज कल्याण
संजय कुमार सिंह (लोजपा-आर) – पीएचईडी
संजय कुमार (लोजपा-आर) – गन्ना उद्योग
संतोष सुमन (हम) – लघु जल संसाधन
दीपक प्रकाश (रालोमो) – पंचायती राज




