पूर्णिया में संतुलित उर्वरक उपयोग पर दो दिवसीय जागरूकता अभियान संपन्न, किसानों को दी गई वैज्ञानिक जानकारी

पटना/पूर्णिया। कृषि विज्ञान केंद्र पूर्णिया में संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय जागरूकता अभियान का बुधवार को सफल समापन हो गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा कृषि विज्ञान केंद्र, पूर्णिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन 30 से अधिक किसानों और कृषि से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया कि उर्वरकों का असंतुलित और अत्यधिक उपयोग मृदा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, उत्पादन लागत बढ़ाता है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी कि वे मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें और समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) अपनाएं। इसके तहत रासायनिक, जैविक और हरित खादों का संतुलित प्रयोग करने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम में गोबर की खाद, कम्पोस्ट और हरी खाद के उपयोग के लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इनसे मिट्टी की संरचना, जलधारण क्षमता और सूक्ष्मजीव गतिविधियों में सुधार होता है, जिससे फसलों की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है।

किसानों को हरित खाद के रूप में ढैंचा और सनई की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों से आए किसानों को ढैंचा का बीज भी वितरित किया गया, ताकि वे इसके लाभों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।

वैज्ञानिकों ने किया सीधा संवादकार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमार (वरिष्ठ वैज्ञानिक) और डॉ. गौस अली सहित अन्य वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान सुझाए।

Share
  • Related Posts

    श्रावण मेला 2026: गुप्ताधाम में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने किया निरीक्षण

    सासाराम (रोहतास)। श्रावण मास 2026 के दौरान चेनारी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध गुप्ताधाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को…

    Share

    नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में राइस ट्रांसप्लांटर से शुरू हुई धान की रोपाई, किसानों को मिली आधुनिक खेती की नई तकनीक

    डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देते हुए राइस ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई की शुरुआत…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    श्रावण मेला 2026: गुप्ताधाम में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने किया निरीक्षण

    श्रावण मेला 2026: गुप्ताधाम में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने किया निरीक्षण

    नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में राइस ट्रांसप्लांटर से शुरू हुई धान की रोपाई, किसानों को मिली आधुनिक खेती की नई तकनीक

    नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में राइस ट्रांसप्लांटर से शुरू हुई धान की रोपाई, किसानों को मिली आधुनिक खेती की नई तकनीक

    E20 पेट्रोल पर केजरीवाल ने उठाए सवाल, 29 ऑटो कंपनियों से मांगा लिखित जवाब

    E20 पेट्रोल पर केजरीवाल ने उठाए सवाल, 29 ऑटो कंपनियों से मांगा लिखित जवाब

    पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से स्वच्छ पर्यावरण, ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी मुद्रा की बचत को मिलेगा बल

    गांव पहुंची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा, चांदी में नारायण मेडिकल कॉलेज ने लगाया नि:शुल्क शिविर

    गांव पहुंची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा, चांदी में नारायण मेडिकल कॉलेज ने लगाया नि:शुल्क शिविर

    बरेली में होगा अंतरराष्ट्रीय नाथ साहित्य सम्मेलन, संस्कृति और आस्था को वैश्विक मंच देने की तैयारी

    बरेली में होगा अंतरराष्ट्रीय नाथ साहित्य सम्मेलन, संस्कृति और आस्था को वैश्विक मंच देने की तैयारी