संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

आरा (भोजपुर)। पुण्यतिथि पखवाड़ा के तहत स्थानीय बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त मृदंगवादक शत्रुंजय प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि परिचर्चा के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि नंद किशोर सिंह “कमल” ने की, जबकि संचालन भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह पत्रकार ने किया।

भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के बैनर तले आयोजित परिचर्चा का विषय था — “बाबू ललन जी : व्यक्तित्व और कृतित्व”। इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबू ललन जी को “संगीत का संत” बताते हुए कहा कि जमींदार परिवार से होने के बावजूद उनका संपूर्ण जीवन संगीत साधना और कला संरक्षण को समर्पित रहा।

डॉ. किरण कुमारी, अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, कर्मचारी नेता गोप गुट के सुमन कुमार, शिक्षक मुन्ना राय, उत्तम सिंह “शशि”, डॉ. कुमार शिलभद्र, व्यास कमलेश आनंद, दीपक सिंह तथा वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि आरा के जमीरा कोठी में बाबू ललन जी द्वारा आयोजित शास्त्रीय संगीत समारोहों ने शहर को कला जगत में विशेष पहचान दिलाई। उनके प्रयासों के कारण आरा को “मिनी बनारस” कहा जाने लगा था।

वक्ताओं ने कहा कि देश का शायद ही कोई प्रसिद्ध संगीत घराना रहा हो, जिसने जमीरा कोठी में अपनी प्रस्तुति न दी हो। बाबू ललन जी के एक आमंत्रण पर देश के नामचीन गायक और कलाकार यहां आने को उत्सुक रहते थे। शास्त्रीय संगीत की विभूतियां जमीरा कोठी में प्रस्तुति देना अपना सौभाग्य मानती थीं।

परिचर्चा में यह भी कहा गया कि बाबू ललन जी के परिवार ने संगीत के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। हित नारायण क्षत्रिय स्कूल और शत्रुंजय प्रसाद सिंह संगीत महाविद्यालय इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। वक्ताओं ने मृदंगवादन कला में उनके अतुलनीय योगदान को भी याद किया।

कार्यक्रम के आरंभ में बाबू ललन जी, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां तथा भिखारी ठाकुर की प्रतिमाओं पर अतिथियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में अग्निवीर दानिश आलम की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मृत्यु पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर मो. सगीर आलम, संजय कुमार सिंह, धर्मशिला देवी, जितेंद्र पासवान, विनोद कुमार सिंह, नंद किशोर राम, मो. सरफराज, अंबुज आकाश, पत्रकार अश्विनी कुमार पिंटू, पप्पू सिंह पियनिया, विजय कुमार सिंह और रंगकर्मी संजय कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Share
  • Related Posts

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    विगत दिनों निशांत राज ने पटना में अपनी संपादित पुस्तक “लाली” भेंट की, तो मैं चमत्कृत रह गया। यह पुस्तक उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय कृष्ण किसलय की स्मृति में उनकी…

    Share

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    डेहरी- आन-सोन (रोहतास)। नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमुहार के विद्यार्थियों ने मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    आरटीआई खुलासे से शिक्षक नियुक्ति पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

    बाल श्रम के खिलाफ एकजुट हुआ समाज, जागरूकता कार्यक्रम में दिलाई गई शपथ

    15 जून से शुरू होगा किसान चौपाल अभियान, पंचायतों में मिलेगी कृषि जानकारी