
सासाराम (रोहतास)। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं प्राकृतिक धरोहर मांझर कुंड झरना में बढ़ती गंदगी और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार तथा वन प्रमंडल पदाधिकारी स्टालिन फिडल कुमार ने संयुक्त रूप से झरना क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए तथा विशेष सफाई अभियान पूरा होने तक पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ लोगों द्वारा झरना परिसर में कूड़ा-कचरा फैलाकर प्राकृतिक वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि मांझर कुंड रोहतास जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों से परिसर में गंदगी नहीं फैलाने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।

निरीक्षण के दौरान वन क्षेत्र से एक गैस सिलेंडर भी बरामद किया गया। इसे गंभीर मामला मानते हुए डीएम ने वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र एवं झरना परिसर में गैस चूल्हा जलाना या किसी भी प्रकार का भोजन बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मांझर कुंड प्रवेश चेक नाका पर आने-जाने वाले सभी लोगों की नियमित जांच की जाए, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री वन क्षेत्र में न ले जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने बताया कि मांझर कुंड परिसर में जल्द ही विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र से कचरे का निष्पादन कर परिसर को व्यवस्थित किया जाएगा। इस अवधि में पर्यटकों और आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक रहेगी। सफाई अभियान पूरा होने के बाद ही परिसर को दोबारा आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित मांझर कुंड की प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




