
गुरुग्राम। सलवान पब्लिक स्कूल, गुरुग्राम में 10 अक्टूबर को वार्षिकोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया। ‘सुनो भाई साधो’ की केंद्रीय विषयवस्तु पर आधारित इस सांस्कृतिक समारोह में भारतीय संत परंपरा, मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की संगीत, नृत्य, नाट्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जूनियर विंग की नृत्य-नाटिका ‘कहत कबीर’ और सीनियर विंग के नाटक ‘पुतलियों के पार’ ने विशेष आकर्षण पैदा किया।
सलवान एजुकेशन ट्रस्ट के इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान का आयोजन ‘शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण’ के ध्येय-वाक्य और ‘सभी के लिए शिक्षा’ के संकल्प को समर्पित रहा। संस्था के संस्थापक पंडित गिरधारी लाल सलवान और चेयरमैन एमेरिटस स्वर्गीय शिव दत्त सलवान के आदर्शों से प्रेरित होकर ट्रस्ट शिक्षा, समान अवसर और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रस्ट के चेयरमैन सुशील दत्त सलवान और विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेडुरी के मार्गदर्शन में विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है।
मुख्य अतिथि का स्वागत, संगीत प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेजर जनरल साइरस एडी पीठावाला (अशोक चक्र, विशिष्ट सेवा पदक) के आगमन के साथ हुआ। स्कूल बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासित कदमताल के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने संस्थापक पंडित गिरधारी लाल सलवान, स्वर्गीय शिव दत्त सलवान और ब्रिगेडियर आनंद मोहन शर्मा के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
समारोह में गुरुग्राम की जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इन्दु बोकन कसाना और विद्यालय के पूर्व छात्र, अभिनेता-निर्देशक दिनकर शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेडुरी और प्रबंधन समिति ने अतिथियों का स्वागत किया।
विद्यार्थियों ने तबला, सितार, हारमोनियम, गिटार, ड्रम और चाइम्स जैसे भारतीय एवं पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के संगम से सजी ऑर्केस्ट्रा और गीत की प्रस्तुति दी। वहीं, प्राचीन कला केंद्र के अंतर्गत पांच वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने शास्त्रीय तराना प्रस्तुत कर अपनी संगीत प्रतिभा का परिचय दिया। इन प्रस्तुतियों में कला-समन्वित और समग्र शिक्षा की भावना दिखाई दी।

‘कहत कबीर’ और ‘पुतलियों के पार’ ने उठाए अहम सवाल
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जूनियर विंग की नृत्य-नाटिका ‘कहत कबीर’ रही। इसके माध्यम से संत कबीर के कालजयी दोहों को समकालीन जीवन से जोड़ते हुए प्रेम, मानवीय संवेदना और आत्मचिंतन का संदेश दिया गया।
सीनियर विंग के विद्यार्थियों ने ‘पुतलियों के पार’ नाटक के माध्यम से आधुनिक समाज की चुनौतियों, अंतर्मन की आवाज, सत्य और असत्य के अंतर तथा आभासी दुनिया से परे व्यक्ति के वास्तविक चरित्र को पहचानने की आवश्यकता को मंच पर प्रस्तुत किया। रोशनी, संगीत और मूक अभिनय के संयोजन ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
नाटक के अंत में ‘सुनो भाई साधो’ के संदेश ने दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन संत कबीर के इस संदेश के साथ हुआ—‘जहां दया तहां धर्म है, जहां लोभ तहां पाप। जहां क्रोध तहां काल है, जहां क्षमा तहां आप।’
वार्षिक रिपोर्ट में उपलब्धियों का लेखा-जोखा
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ और हेड गर्ल काव्या सिंगला ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदकों, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के माध्यम से विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित हुआ। प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ और विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेडुरी ने उत्कृष्ट उपलब्धियों, प्रतिभा, परिश्रम और योगदान के लिए विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को सम्मानित किया।

बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक माहौल जरूरी : मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि मेजर जनरल साइरस एडी पीठावाला ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक, शैक्षणिक और खेलकूद संबंधी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों, सोशल मीडिया के प्रभाव और पढ़ाई से जुड़े तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यालय को बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी नई संभावनाओं और नैतिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना अभिभावकों और शिक्षकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बहुमुखी प्रतिभा विकसित करने और देश के जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रसाद मेडुरी ने कहा कि वार्षिकोत्सव संस्था की लगभग 30 वर्षों की शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उत्कृष्टता को दर्शाता है। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इन्दु बोकन कसाना ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और निरंतर सीखने का महत्त्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा पहचानने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।

राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन
समारोह के अंत में विद्यालय के निदेशक मेजर जनरल सुरिंदर सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी के सहयोग और सहभागिता को आयोजन की सफलता का आधार बताया। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ वार्षिकोत्सव 2026 का समापन हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और समग्र शिक्षा के महत्त्व को भी रेखांकित किया।







