चर्च की दीवारों के भीतर घिनौनी काली करतूत, सड़कों पर उतरीं नन

कोच्चि (केरल)-सोनमाटी समाचार। भारत में कैथोलिक चर्च के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि चर्च प्रबंधन और पुलिस के खिलाफ बड़ी संख्या में नन सड़क पर उतर आई। ननों ने अपने प्रदर्शन में बिशप को गिरफ्तार करने की मांग की और पुलिस व चर्च प्रबंधन पर यौन दुष्कर्म से संबंधित मामलों को छिपाने-दबाने का आरोप भी लगाया। हाल ही में एक नन के साथ जालंधर के बिशप द्वारा रेप किए जाने के आरोप में नन कोच्चि में आईजी कार्यालय के पास सड़क पर उतरीं और हाथों में तरह-तरह का पोस्टर-तख्ती लिए तीन घंटों तक जमी रहीं। ननों ने कोच्चि में हाईकोर्ट जंक्शन और बस स्टेशन पर भी प्रदर्शन किया। दरअसल पादरियों द्वारा ननों को और कान्वेंट स्कूलों में नाबालिग बच्चियों-शिक्षिकाओं के साथ यौन दुष्कर्म व दुव्र्यवहार करने का आरोप दशकों से लगते रहे हैं।
तंग हो कान्वेन्ट छोड़ा, किताबों में कलमबंद किया कच्चाचिट्ठा
हाल ही में कान्वेन्ट की एक प्राचार्या ने तो तंग आकर स्कूल छोड़ दिया और किताब लिखकर कान्टवेन्ट स्कूल के स्याह कर्मों को उजागर किया है। मामलों को कलमबद्ध कर उजागर करने वाली एक कान्वेन्ट (त्रिसूर के सेन्ट मैरी कालेज) की पूर्व प्राचार्य लेडी जेम्स हैं। लेडी जेम्स ने 178 पेज की किताब लिखकर कान्वेन्ट की दीवारों के भीतर यौन संबंध, होमोसेक्स संबंध, भ्रष्टाचार आदि को सिलसिलेवार तरीके से उजागर किया है और आर्थोडोक्स ईसाई चर्च पर उनके पादरियों की करतूतों के मद्देनजर सवाल उठाए हैं।

स्कूली लड़की से किया रेप, दिया आत्महत्या का रंग
फरवरी 2017 में एक नाबालिग स्कूली लड़की से रेप के आरोप में फादर रोबिन को केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले दिसम्बर 2016 में पादरी इडविन फिगार्ज को एक नाबालिग लड़की से कई बार रेप करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। 2017 में फादर ओरोकियाराज को नाबालिग लड़की से रेप और हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि घटना 2013 में हुई थी। तब लड़की कमरे में मृत पाई गई थी और उस घटना को आत्महत्या का रंग दे दिया गया था।
आरोप लगाने वाली सिस्टर को भेज दिया इटली
2014 में पादरी राजू कोकेने को 10-11 साल की लड़की से सेक्सुअल दुव्र्यवहार के लिए गिरफ्तार किया गया था। एक मामले में सिस्टर अनिता को चर्च ने 2015 में 12 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिए थे। 2011 में मध्य प्रदेश में जब वह उच्च विद्यालय में शिक्षिका थी, तब एक पादरी ने यौन दुव्र्यवहार किया था। आरोप लगाने पर सिस्टर अनिता का स्थानांतरण इटली कर दिया गया और उसे बहुत तंग किया गया। फरवरी 2015 में वह भारत लौटी तो उसे कान्वेन्ट में प्रवेश नहींदिया गया और सामान बाहर फेेंक दिया गया।
हत्या में दूसरी नन भी शामिल, 16 साल बाद हुई गिरफ्तारी
ढाई दशक पहले 1992 में सिस्टर अभया केरल के कोट्टयम स्थित कान्वेन्ट के कुएं में मरी पाई गई थी। पुलिस ने केस को आत्महत्या का मामला बता कर जांच बंद कर दी थी। 1993 में केस को सीबीआई को सौंप गया। इस मामले में दस साल पहले 2008 में दो पुजरियों फादर थामस कोट्टूर और फादर जोसपुटरीकोयाल और एक नन सिस्टर सेफी को गिरफ्तार किया गया था। सिस्टर सेफी ने अभया को मारने में जलती हुई लकड़ी का इस्तेमाल किया था।

ताजा मामला रेप का और गंभीर छेड़छाड़ का भी
ताजा मामला पिछले दिनों मालांकारा आर्थोडोक्स सेरियन चर्च के पांच पादरियों द्वारा एक महिला से सालों से सेक्स संबंध बनाने का है। इस मामले को पुलिस में दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहींकी है। रेप के आरोप वाले बिशप फ्रैंको मुलक्कल जालंधर में कार्यरत हैं। उन पर 7 सितम्बर को तीन ननों ने यौन उत्पीडऩ का फिर आरोप लगाया है, जबकि वह पहले से रेप का आरोप झेल रहे हैं। इस बिशप पर आरोप है कि उन्होंने कई बार महिलाओं को जबरन गलत तरीके से गले लगाया।
पीडि़त महिला ने कहा उसकी जान पर है खतरा
बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत करने वाली महिलाओं ने 7 सितम्बर को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा है कि सत्ताधारी लोगों से संपर्क के चलते बिशप को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। बिशप पर लगाए गए आरोप के मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जिसके तार भागलपुर के बिशप कुरियन वालियाकांडातिल से भी जुड़े हुए हैं। आरोप लगाने वाली महिला ने कहा है कि उन्हें बिशप से अपनी जान का खतरा है। इस मामले में जालंधर केरल के निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज ने यह विवादित बयान दिया है कि इस बात में शक नहीं कि नन वेश्या है। दर्जन बार उसने एंजॉय (मनोरंजन) किया तो 13वीं बार यह रेप कैसे हो गया?

(इनपुट सोनमाटीडाटकाम डेस्क : कृष्ण किसलय, निशांत राज)

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