तैलिक वैश्य का ओढऩी-कढ़ैया / एनएमसीएच में डिजिटल प्रैक्टिकल

तैलिक वैश्य सभाभवन से ताराचंडी तक जुलूस, सामूहिक भोज

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। तैलिक वैश्य सकल पंचायत के तत्वावधान में ओढऩी-कढ़ैया ताराचंडी के चरणों में समर्पित किया गया। चौक बाजार स्थित तैलिक वैश्य सकल पंचायत के सभा भवन से शक्तिपीठ झंडा लेकर अपनी-अपनी चटाई (गवाध) के साथ मां ताराचंडी धाम के लिए ओढऩी-कढ़ैया जुलूस बाजा-गाजा के साथ रवाना हुए। तैलिक वैश्य सकल पंचायत के सदस्यों ने रास्ता में पडऩे वाले बद्रीनारायण धाम, अठखंभवा काली मंदिर, घनकी जामुन ब्रह्म्ïा बाबा की पूजा.-अर्चना भी की और ताराचंडी पहुंच कर मां तारा को ओढऩी-कढ़ैया चढ़ाया। ओढऩी-कढ़ैया जुलूस में शामिल सदस्यों के बीच प्रसाद वितरण के बाद सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। जुलूस का नेतृत्व तैलिक वैश्य सकल पंचायत के नगर अध्यक्ष विजय साहू, मंत्री रजनीश कुमार, प्रवक्ता अर्जुन कुमार, डा. सुधीर कुमार आदि ने किया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार)

 

डिजिटल प्रैक्टिकल वाला बिहार का पहला मेडिकल कालेज

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के अंतर्गत नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एनएमसीएच) में चिकित्सा की पढ़ाई में डिजिटल प्रैक्टिकल आरंभ की गई है। यह बिहार का फिलहाल पहला मेडिकल कालेज है, जहां प्रायोगिक अध्ययन के लिए सीधे जीव-जंतु का इस्तेमाल नहींकर कंप्यूटरीकृत तकनीक का उपयोग आरंभ किया गया है। एनएमसीएचज के फिजियोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा. अशोककुमार देव के अनुसार, चिकित्सा का एक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के दौरान सौ मेढ़क का उपयोग करता है और चीड़-फाड़ कर शारीरिक अंगों को समझता है। बड़े शरीर के अध्ययन के लिए बकरी-बकरा का इस्तेमाल किया जाता है। कंप्यूटरीकृत डिटिजल प्रैक्टिकल तकनीक के इस्तेमाल से समय, तनाव, अतिरिक्त खर्च, जीवहत्या, पर्यावरण प्रदूषण से बचने में मदद मिलती है।
उधर, जीएनएसयू के अंतर्गत नारायण स्कूल आफ ला में सासाराम व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हीरेन्द्र प्रसाद सिन्हा ने संयुक्त जिम्मेदारी (ज्वाइंट लायबिलिटी) पर और वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद प्रकाश मिश्रा ने संवैधानिक संशोधन (कंसीच्यूशनल रीमेडी) पर अपना विचार रखा। विधिक वक्ताओं ने बताया कि कार्य करने वाले अधिवक्ता को परिवादी के मुकदमा के हर पहलू पर बारीकी से जांच-परख कर संचिका तैयार करनी चाहिए, ताकि महज पैरवी ही नहींकी जा सके बल्कि न्याय दिलाया जा सके। इस मौक पर विधि के विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किया। कालेज के प्राचार्य डा. अरुण कुमार सिंह और वरिष्ठ शिक्षक संजय कुमार सिंह ने भी अपनी बातें रखीं।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)

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