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कहानी /कवितासोनमाटी टुडे

कविता : दीपावली का त्यौहार


अरुण दिव्यांश की कविता : दीपावली का त्यौहार

चल रहा स्वच्छता अभियान ,

चल रही है चहुंओर सफाई ।

घर के बाहर व घर के भीतर ,

हर्षित मन होकर चित्तलाई ।।

आ गया है अब महा त्यौहार ,

माता लक्ष्मी को बुलाने की ।

समस्त जीवों से प्यार बढ़ाने ,

और ईर्ष्या द्वेष ये भुलाने की ।।

अंतर्मन का तू तम मिटा ले ,

अंतर्मन में तू ज्योत जगा ले ।

आत्मा में परमात्मा बसा है ,

दुर्विचार औ दुष्कर्म भगा ले ।।

कर ले तू अंतर्मन की सफाई ,

अंतर्मन में तुम चंद्र बसा लो ।

साॅंस साॅंस में प्रेम रच जाए ,

अंतर्मन से ऐसी ही श्वसा लो ।।

शीतल चाॅंदनी देता चाॅंद ही ,

टिमटिमा कर रह जाते तारे ।

तारों से ये प्रकाश नहीं होता ,

तिमिर हटा सकते नहीं तारे ।।

लक्ष्मी पूर्व गणेश ये बसा लो ,

फिर लक्ष्मी को बुलाना तुम ।

बिन गणेश आतीं न लक्ष्मी ,

लक्ष्मी पूर्व गणेश लाना तुम ।।

संपर्क : डुमरी अड्डा, छपरा (सारण) बिहार। फोन : 9504503560

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