नई दिल्ली । नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। भारतीय रेल, आयकर विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नए प्रावधानों का सीधा असर यात्रियों, नौकरीपेशा, पेंशनभोगियों और वाहन चालकों पर पड़ेगा।
रेल टिकट रद्द करना हुआ सख्त
रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव टिकट कैंसिलेशन नियमों में किया गया है। अब यात्रियों को ट्रेन के प्रस्थान समय से कम-से-कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करनी होगी, अन्यथा कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस कदम से टिकटों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। साथ ही, अब यात्रियों को 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा भी दी गई है।
इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव, फॉर्म 16 खत्म
आयकर विभाग ने फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 लागू किया है, जो तीन भागों—ए, बी और सी—में होगा। इसमें आय, टीडीएस, वेतन और कर की पूरी जानकारी मिलेगी।
साथ ही, बैंक और डाकघर जमा पर 50,000 रुपये से अधिक ब्याज पर टीडीएस कटेगा, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये है।
क्रिप्टो और गोल्ड लोन नियमों में बदलाव
क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन पर अब एक्सचेंज द्वारा टीडीएस काटना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सरकार को निवेश की पूरी जानकारी मिल सकेगी।
वहीं भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर गोल्ड लोन में राहत देते हुए लोन-टू-वैल्यू अनुपात 75% से बढ़ाकर 85% कर दिया गया है, जिससे कम सोने पर अधिक ऋण मिल सकेगा।
बैंकिंग और FASTag में नए नियम
- एचडीएफसी बैंक के एटीएम से यूपीआई निकासी अब मुफ्त लेनदेन सीमा में शामिल होगी
- पंजाब नेशनल बैंक के कुछ डेबिट कार्ड से दैनिक निकासी सीमा 50,000 रुपये तय
- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag पास की कीमत 3000 से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी
टोल हुआ महंगा, कैशलेस सिस्टम अनिवार्य
1 अप्रैल से टोल प्लाज़ा पूरी तरह कैशलेस कर दिए गए हैं और FASTag अनिवार्य हो गया है। टोल दरों में 5 से 7.70 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जिससे हाईवे पर यात्रा महंगी हो गई है।
हल्के वाहनों के लिए टोल 140 रुपये और 24 घंटे रिटर्न 215 रुपये तय किया गया है। स्थानीय पास भी 340 से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है।
इन बदलावों पर सीए आलोक कुमार सिंह का कहना है कि नए नियमों से कर प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी। उन्होंने बताया कि फॉर्म 130 से करदाताओं को स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जबकि क्रिप्टो पर टीडीएस से कर अनुपालन बढ़ेगा। साथ ही, गोल्ड लोन में बढ़ी सीमा आम लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी।




