
प्रयागराज-(उत्तर प्रदेश)। साहित्यांजलि प्रभा से प्रवर्तित साहित्यांजलि प्रकाशन, प्रयागराज द्वारा आयोजित भव्य समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार जनकवि जय प्रकाश शर्मा ‘प्रकाश’ को साहित्य रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान साहित्यकार सत्कार : आपके द्वार योजना के अंतर्गत प्रदान किया गया।गोविंदपुर स्थित शिवासिटी मॉन्टेसरी स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. शंभूनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सुधीर नारायण उपस्थित रहे। अतिथियों ने जनकवि को सम्मान प्रतीक-चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान कर अभिनंदित किया। इसी अवसर पर उनकी 55वीं कृति ‘क्या खोया क्या पाया’ काव्य संग्रह का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। सरस्वती वंदना गरिमा साहू ने प्रस्तुत की। डॉ. राम लखन चौरसिया ‘वागीश’ ने अतिथियों का स्वागत किया तथा सह-संपादक रवींद्र कुशवाहा ने सभी का परिचय कराया।समारोह में डॉ. बालकृष्ण पांडेय एवं डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी ने आशीर्वचन दिया।
काव्य गोष्ठी में राकेश मालवीय ‘मुस्कान’, आचार्य अनीस देहाती, अनिल बहोरिकपुरी, शिवम भगवती, अभ्युदय सिंह, विमल राय, अशोक कुमार, डॉ. ज्ञान सिंह, सुमन शर्मा, रश्मि राधे, पंक्ति प्रकाश, पं. दवी प्रसाद मिश्र ‘वेदांती’ एवं पीयूष मिश्रा सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संचालन डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने किया तथा आभार विवेक शर्मा ‘सुमन’ ने व्यक्त किया।




