
- निजीकरण, बोनस में कटौती व नई बहाली नहीं होने से रेल मजदूरों में आक्रोश
डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसएनपी श्रीवास्तव ने पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन से जुड़े डेहरी, सासाराम, खुदरा, भभुआ, बिक्रमगंज, सोन नगर, नवीनगर आदि रेलवे स्टेशनों के रेलकर्मियों के चतुर्थ त्रिवार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का रवैया मजदूर विरोधी है। केंद्र सरकार रेलवे के अस्सी प्रतिशत हिस्से का निजीकरण करने की योजना पर अमल कर रही है। यही कारण है कि रेलवे में नई बहाली नहीं हो रही है। बोनस में भी कटौती कर रही है।
केंद्रीय रेल श्रमिक नेता ने कहा कि केंद्र सरकार के रेल मजदूर विरोधी रवैया के खिलाफ नवंबर में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन की राष्ट्रीय स्तरीय बैठक होगी, जिसमें रेल कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा और केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी रवैया के विरुद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
रेल कर्मचारियों के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन के चतुर्थ त्रिवार्षिक अधिवेशन के बाद प्रेस प्रतिनिधियों को बताया कि रेल श्रमिक नेता श्रीराम सिंह की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में नयी कार्यकारिणी गठित की गई और नये पदाधिकारियों का चुनाव भी किया गया। सर्वसम्मति से शाखा अध्यक्ष – हरेंद्र सिंह और शाखा सचिव – संजय कुमार चुने गए। इनके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष रामायण राय व नवीन कुमार, उपाध्यक्ष- विजय बहादुर, रामलखन सिंह, मनोज कुमार यादव, मुकेश कुमार, संयुक्त सचिव पुष्पा चौधरी, ज्योति प्रकाश, सहायक सचिव प्रमोद कुमार यादव, श्याम सुंदर सिंह, संगठन सचिव प्रफुल्ल कुमार, अरविंद कुमार, घूरे, कुणाल किशोर, मिथिलेश कुमार सिंह, केंद्रीय परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह, डेलिगेट टू टीजीएम संजय कुमार और जिम्मेदार प्रसाद चुने गए।
अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि मिथिलेश कुमार (केंद्रीय कोषाध्यक्ष), केदार प्रसाद (केंद्रीय उपाध्यक्ष), का. बी.बी. पासवान (केंद्रीय सहायक मंत्री), श्रीराम सिंह (केंद्रीय संगठन मंत्री) एवं वरिष्ठ केंद्रीय पूर्व नेता बी. के. सिंह, पारसनाथ यादव, एस. पी. सिंह, नागेश्वर सिंह ने रेलकर्मियों को संबोधित किया। इस अधिवेशन में अन्य शाखाओं से आये मुकेश सिंह (गया), यू.सी. मौर्या (ब्रांच-1), आई.बी. मिश्रा (ब्रांच-2) सहित कई साथियों ने केंद्रीय नेताओं और मजदूर प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।





