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कोरोना का चरम मई में!/ बड़े संकट में निजी स्कूल/ बिहार ने फिर खोए दो रचनाकार

दूसरी लहर ने खिंची रोहतास में चिंता की नई लकीर

नई दिल्ली/पटना/डेहरी-आन-सोन (सोनमाटी समाचार नेटवर्क)। कोविड-19 प्रसार के दूसरे दौर की स्थिति ने सबके माथे पर चिंता की नई लकीर खींच दी है। दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा से लोगों का बिहार लौटने का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है। रोहतास जिला में बीते दिनों 11 संक्रमितों की मौत होने और एक दिन में 369 लोगों की रिपोर्ट कोराना पाजेटिव पाए जाने से जिला में सक्रिय मरीजों की संख्या करीब 1600 हो चुकी है। 86 मरीज गंभीर स्थिति के कारण सदर अस्पताल, एनएमसीएच जमुहार और अन्य कोविड अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। डेढ़ हजार से अधिक लोगों को होम क्वरंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। मार्च 2020 में शुरू कोरोना की पहली लहर से अब तक रोहतास जिला में 8586 लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद हो चुकी है। 7294 ठीक हुए और 73 को जान गंवानी पड़ी। जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण प्रसार के मद्देनजर डेहरी-आन-सोन में डेडीकेटेड कोविड सेंटर खोलने और क्वारंटाइन सेंटर बढ़ाने की तैयारी की है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने डेडीकेटेड कोविड सेंटर के मद्देनजर डिहरी अनुमंडल अस्पताल का दौर कर स्थिति का जायजा ले चुके हैं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से लोगों से अपने-अपने आवास के निकट की दुकानों से ही खरीदारी करने की अपील की है। दुकानों-कार्यालयों में सभी के लिए मास्क पहनना और दो गज दूरी का पालन अनिवार्य है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर दुकानों को तीन श्रेणियों में बांटकर उनके खोले जाने के दिन निर्धारित किए गए हैं। प्रथम श्रेणी में रखी गईं दुकानें हर दिन खुलेंगी। जबकि द्वितीय श्रेणी में रखी गईं दुकानें सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को और तृतीय श्रेणी में रखी गईं दुकाने मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को ही खोली जाएंगी। प्रथम श्रेणी की दुकानों में किराना, दूध, दवा, निजी क्लीनिक, ई-कामर्स सेवा, फल-सब्जी, पशु चारा, रेस्टूरेंट, ढाबा, अनाज, मीट-मछली, आटोमोबाइल, वक्र्सशाप, सर्विस सेंटर, आटोमोबाइल, पेट्रोलपंप, गैस एजेंसी, आवश्यक सेवाएं, निर्माण सामग्री भंडार आदि शामिल हैं। द्वितीय श्रेणी की दुकानों में इलेक्ट्रानिक्स गुड्स, पंखा-कूलर, इलेक्ट्रोनिक्स गुड्स, सैलून-पार्लर फर्नीचर, सोना-चांदी आदि की दुकानें शामिल हैं। अन्य दुकानें तृतीय श्रेणी में शामिल हैं।
एक दिन में राज्य में 91 और देशभर में 2263 मौत :
बिहार में एक दिन (शुक्रवार को) 91 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। मरने वालों में 27 पटना जिला में और 74 लोगों की मौत अन्य जिलों में हुई। जबकि देशभर में 2263 लोगों की मौत हुई। शुक्रवार को एक दिन में कोरोना संक्रमण के 3.32 लाख से अधिक नए कोरोना संक्रमण के मामले आए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के वैज्ञानिकों ने गणितीय माडल से यह अनुमान लगाया है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर 15 मई तक चरम पर पहुंचने के बाद मई के अंत तक कमी आएगी। अनुमान लगाया गया है कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में मई तक 10 लाख की वृद्धि हो सकती है।
18 निजी अस्पतालों को कोरोना डेडीकेटेड की इजाजत :
राजधानी पटना में कोरोना के इलाज के लिए 18 निजी अस्पतालों को इजाजत दी गई है। हाइटेक इमरजेंसी (8709547571), जीएस न्यूरो साइंस (7903737307), अरविंद हास्पिटल (9308517988), मेडिका मगध हास्पिटल (7261894664), डा. विमल हास्पिटल (7422198884), हर्ट हास्पिटल (9608442366), श्रीमुरलीधर मेमोरियल (9955189419), अनुप आथोपेडिक्स (8227896527), एएस नर्सिंग होम (9955189419), (पारस हास्पिटल 7360008351), क्यूरिस हास्पिटल (7369944144), महावीर वात्सल्य (94733667421), पाल्म ब्यू हास्पिटल (9334284491), मिडवर्सल हास्पिटल (9679885104), रूबन मेमोरियल (8873037800), तारा नर्सिंग (8873037311), बुद्धा कैंसर सेंटर (7677968298), नेस्तव हॉस्पिटल (7360050050)।
दो महीने का अतिरिक्त मिलेगा राशन :
पटना से प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो कार्यालय से प्राप्त समाचार के अनुसार, कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाले 80 करोड़ लाभार्थियों को अगले दो महीनों मई और जून में अतिरिक्त प्रति माह 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति खाद्यान्न नि:शुल्क दिया जाएगा। भारत सरकार खाद्यान्नों की लागत, अंतरराज्यीय परिवहन आदि पर होने वाले 26000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च प्रदेशों को केन्द्रीय सहायता के हिस्से के तौर पर वहन करेगी।

समाचार समन्वय : निशांत राज, प्रबंध संपादक, सोनमाटीडाटकाम

सरकार का दोहरा रवैया, 15 दिन एकदम घर में रहने की अपील

सासाराम (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने रोहतास जिला के निजी विद्यालय संचालकों की आनलाइन बैठक में कोरोना महामारी के दूसरे चरण में अत्यधिक एहतियात बरतने और अगले 15 दिनों तक हर हाल में घरों में ही बने रहने को कहा। कोरोना संक्रमण की वजह से संगठन ने प्रदेश और जिला स्तर पर अनेक कार्यकर्ताओं को खोया है। निजी विद्यालय संचालकों के लिए यह कठिन दौर है। एक तरफ शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों को गरीब बच्चों को पढ़ाने पर मिलने वाली रकम बकाया है, वही दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में नामांकन के लिए नामांकन पखवाड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। निजी विद्यालयों का शिक्षा के अधिकार का पैसा बिहार सरकार से न्यायालय के माध्यम से ही लिया जा सकता है, जिसके लिए संगठन का एकजुट होना जरूरी है। संगठन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डा. एसपी वर्मा ने कहा की निजी विद्यालय दोहरी मार झेल रहे हैं। अभिभावक बच्चे का मासिक शुल्क नहीं देना चाहते, जिससे आनलाइन कक्षा का संचालन भी सम्भव नहींरह गया है। शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत लगभग 03 करोड़ रुपये की रकम जिला में आ कर लौट गई। इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है। सरकार की दोहरी नीति समझ से परे है।
बैठक का संचालन प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के रोहतास जिला अध्यक्ष र ोहित वर्मा ने किया। बैठक में संगठन के जिला उपाध्यक्ष सुभाष कुमार कुशवाहा, जिला सचिव समरेंद्र कुमार समीर, जिला सह सचिव संग्राम कांत, जिला महामंत्री अनिल कुमार शर्मा, सुनील कुमार, संजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष कुमार विकास प्रकाश, जिला संयोजक धनेन्द्र कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी दुर्गेश पटेल, डिहरी प्रखंड अध्यक्ष अरविंद भारती, सचिव प्रशांत सिंह, कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, सासाराम प्रखंड अध्यक्ष तेजनारायण पटेल, उपाध्यक्ष धनंजय सिंह, कोषाध्यक्ष तौकीर आलम सहित सभी प्रखंड़ों के पदाधिकारियों ने आनलाइन भाग लिया।

दिल घबराता है कि मौत मना रहा उत्सव…!

पटना (सोनमाटी समाचार नेटवर्क)। कवि घनश्याम और शायर जहीर कुरैशी के निधन पर भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में फेसबुक केअवसर साहित्यधर्मी पत्रिका पेज पर आनलाइन श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार की राजधानी पटना और बिहार के अन्य शहरों, दूसरे प्रदेश के भी वरिष्ठ साहित्यकारों ने भाग लिया और अपने-अपने अंदाज में शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि सभा में साहित्यकारों ने कहा कि मनुष्य के मन में आशा और विश्वास जगाने वाले साहित्यकारों का कोरोना संकट काल में एक-एक कर गुजरना बेहद दुखदायी है। दोनों ही अपनी-अपनी विधा के सिद्ध अक्षर पुरुष थे, जिनके निधन से कविसम्मलेन का मंच और मुशायरों का महफिल सूना-सूना हो गया है। साहित्यकारों ने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्य है कि हमारे देश-समाज में साहित्यकारों का उसके जीवन में समुचित मूल्यांकन नहींहोता और मृत्यु के बाद के साहित्याकर के मूल्यांकन का कोई अर्थ नहीं है। श्रद्धांजलि सभा में भगवती प्रसाद द्विवेदी, सिद्धेश्वर, डा. शरदनारायण खरे, हरि नारायण हरि, प्रेम किरण, पूनम आनंद, डा. अर्चना त्रिपाठी, दुर्गेश मोहन, डा. गोरख प्रसाद मस्ताना, डा. पुष्पा जमुआर, मधुरेश नारायण, शुभचंद्र सिन्हा, पुष्परंजन कुमार, राजप्रिया रानी, डा. शिवनारायण, विभारानी श्रीवास्तव, मीना कुमारी परिहार आदि ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

प्रस्तुति : ऋचा वर्मा, सचिव, भारतीय युवा साहित्यकार परिषद, पटना

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