पाकिस्तान में अहमदियों पर अत्याचार

पाकिस्तान का जन्म ही मुस्लिमों के धार्मिक और आर्थिक अधिकारों की हिफाजत के लिए हुआ था जो 1947 में बंटवारे से पहले अलपसंख्यक थे। पाकिस्तान देश बनने पर  नए अल्पसंख्यक भी वजूद में आए और पाकिस्तान में उन पर अत्याचार के नए-नए तरीके इजाद करना जारी रखा।

 न्यू यॉर्क टाइम्स में स्तंभकार मोहम्मद हनीफ ने दावा किया है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा का पाकिस्तान का रेकॉर्ड बेहद खराब रहा है। अहमदिया संप्रदाय जो खुद को मुस्लिम ही कहते हैं, का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि आम मुस्लिम उन्हें ‘धर्म-विरोधियों में सबसे बुरे’ के तौर पर मानते हैं।

हनीफ ने आर्टिकल में अहमदियों के खिलाफ ईशनिंदा के आरोपों  की गई कार्रवाइयों और मुकदमों का जिक्र किया है।
अहमदी या अहमदिया संप्रदाय एक सुधारवादी आंदोलन है जिसे मिर्जा गुलाम अहमद ने 19वीं सदी के आखिर में कादियान शहर में शुरू किया था जो अब भारत के पंजाब प्रांत में है। अहमद ने दावा किया था कुरान में जिस मसीहा का जिक्र किया गया है, वह उसी के अवतार हैं। उनका यह दावा मुख्यधारा के मुस्लिमों की उस धारणा के खिलाफ थी जो मानते हैं मुहम्मद ही इस्लाम के अंतिम पैगंबर हैं। अहमद पर ब्रिटिश साम्राज्य का एजेंट होने का आरोप लगा था।

पाकिस्तान में अहमदी शब्द को भी आपत्तिजनक माना जाता है। संसद में किसी भी डिबेट में बमुश्किल इस शब्द का इस्तेमाल होता है। अहमदियों के बजाय उन्हें कादियानी कहा जाता है। हनीफ ने अपने आर्टिकल में कहा कि अहमदियों को हिंदू या यहूदियों से भी बदतर माना जाता है। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक के मध्य के अहमदियों को गैर-मुस्लिम घोषित किया गया था। बाद में कई और कानून बनाए गए और उनके मुस्लिमों की तरह बर्ताव करने पर रोक लगा दी गई। हनीफ ने आर्टिकल में लिखा है कि अहमदियों को नौकरी नहीं दी जाती, उन्हें दुकानों या बिजनस मीटिंग से बाहर रखा जाता है।

Share
  • Related Posts

    चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, जमाखोरी रोकने के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने और त्योहारों के मौसम में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार…

    Share

    प्रयोगशाला कौशल से उद्यमिता तक: कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में चार दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण सम्पन्न

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में चार दिवसीय “प्रयोगशाला कौशल एवं उद्यमिता: मृदा, पशु एवं मानव स्वास्थ्य के लिए वन हेल्थ दृष्टिकोण” विषयक व्यावहारिक…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    बाबा गणिनाथ महाराज के वार्षिक पूजन उत्सव को लेकर नई पूजा कमेटी गठित

    बाबा गणिनाथ महाराज के वार्षिक पूजन उत्सव को लेकर नई पूजा कमेटी गठित

    जीएनएसयू में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ और इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित

    जीएनएसयू में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ और इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित

    ‘वन्दे मातरम्–150 वर्ष’ पर देहरादून में जुटे 50 कलाकार

    ‘वन्दे मातरम्–150 वर्ष’ पर देहरादून में जुटे 50 कलाकार

    तुतला भवानी धाम में डीएम व डीएफओ ने चलाया स्वच्छता अभियान

    तुतला भवानी धाम में डीएम व डीएफओ ने चलाया स्वच्छता अभियान

    हरियाली के रंग में सजा सावन महोत्सव, कजरी पर झूमीं महिलाएं

    हरियाली के रंग में सजा सावन महोत्सव, कजरी पर झूमीं महिलाएं

    पार्थेनियम के खिलाफ जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर जोर

    पार्थेनियम के खिलाफ जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर जोर