सोनमाटी के न्यूज पोर्टल पर आपका स्वागत है   Click to listen highlighted text! सोनमाटी के न्यूज पोर्टल पर आपका स्वागत है

प्रथम पुण्यतिथि पर याद किये गए कृष्ण किसलय

‘कृष्ण किसलय स्मृति अंक’ सोनमाटी का विमोचन

प्रथम पुण्यतिथि- कृष्ण किसलय-१

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। अपनी लेखन के जरिए पत्रकारिता जगत में विशिष्ट योगदान देने वाले डेहरी के वरीय पत्रकार कृष्ण किसलय की प्रथम पुण्यतिथि सोमवार को उनके निवास स्थान न्यू एरिया प्रेस गली में मनाई गई। सर्वप्रथम उनकी तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद ‘कृष्ण किसलय स्मृति अंक’ सोनमाटी का विमोचन किया गया।
आयोजन में अतिथि के रूप में शामिल हुए शहर के पूर्व विधायक सतनारायण सिंह ने कहा कि कृष्ण किसलय की लेखनी सबसे अलग होती थी। उनकी लेखनी वैज्ञानिकता पर आधारित रहती थी,जिससे उनके लेखों से हमें नई-नई जानकारियां मिलती रहती थी। पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले कृष्ण किसलय जी को यह शहर कभी नहीं भूल सकता।
सेवानिवृत्त अधिकारी व सोनघाटी पुरातत्व परिषद के सदस्य अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान के छात्र होते हुए भी इतिहास की बहुत अच्छी जानकारी थी। वह सोनघाटी पुरातत्व परिषद के सचिव (बिहार इकाई) के रूप में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती बिहार-झारखंड की सोन घाटी से ही पूरे एशिया में मानव सभ्यता के प्रसारित होने के संकल्पना को नए तथ्य-साक्ष्य, शोध-खोज के आधार पर राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित करने का प्रयास किया।
वरिष्ठ पत्रकार जग नारायण पांडेय और चंद्रगुप्त मेहरा ने कहा कि पत्रकारिता क्षेत्र के एक स्तंभ तो थे ही,साथ ही छात्र जीवन से ही कई कविताएँ-कहानियाँ लिखना शुरू कर दी थी। उनकी किताब ‘सुनो मैं समय हूं’ जो नेशनल बुक ट्रस्ट, दिल्ली से प्रकाशित हुई है, जो शहर के लिए गर्व की बात है।

'कृष्ण किसलय स्मृति अंक'

बारूण से आए शिक्षाविद मिथिलेश दीपक ने कहा कि कृष्ण किसलय जी का लेखन यात्रा निरंतर चलता रहा, वे कभी रुके नहीं। सामान्य खबरों के अलावा हर क्षेत्रों में भी लिखते रहे। डेहरी शहर से लेखन की शुरुआत किया और अन्य राज्यों के अखबारों में काम करते हुए संपादकीय पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त होने के बाद भी लिखते रहे। किसलय जी ने जो उपलब्धियां हासिल की वो एक बेमिसाल हैं।
अध्यक्षीय भाषण और पत्रकार मित्र उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि हमारी मित्रता चालिस वर्ष पुरानी थी। हम लोगों ने लगभग एक साथ पत्रकारिता शुरू की। काफी कुछ हमें भी सिखने को मिला।आंचलिक पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने कई मीलस्तंभ कार्य किया हैं।

पत्रकार सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि कृष्ण किसलय को हम बचपन से देखते और इनके लेखन को पढ़ते रहते थे। उनके लेखन से हम पत्रकारों को बहुत कुछ सिखों को मिलता था। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके द्वारा स्थापित कृतियां औरों के लिए अनुकरणीय है।
आयोजन का संचालन करते हुए दाउदनगर के पत्रकार-लेखक उपेंद्र कश्यप ने कहा कि डेहरी कस्बाई शहर से निकल कर अपनी अलग पहचान बना पत्रकारिता के क्षेत्र में नई लकीर खींचा। प्रबंध संपादक निशांत राज ने धन्यवाद-ज्ञापन किया। इस मौके पर मुकेश पांडेय, राम अवतार चौधरी, मदन कुमार, रविंद्र कुमार, योगी, अवधेश पांडेय, रविंद्र कुमार सिन्हा, रंजीत कुमार सिन्हा, अशोक कुमार सिन्हा, मनीष कुमार वर्मा, रवि प्रकाश, विकेश कुमार श्रीवास्तव, ध्रुव राज, अंकित, अमन एवं अन्य लोग मौजूद थे।

रिपोर्ट: निशान्त राज, तस्वीर : राम अवतार चौधरी

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Click to listen highlighted text!