चिराग का अपना मकां नहीं…

क्योंकि सास भी कभी बहू थी के चर्चित वीडियो संपादक संतोष बादल का चयन बुद्धा इंटरनेशनल अवार्ड के लिए, महेन्द्र कुमार को भी मिला राष्ट्रीय सम्मान, हसपुरा के संगीत छात्रों ने राज्यस्तरीय युवा उत्सव में बनाया शीर्ष स्थान


दाउदनगर, औरंगाबाद (बिहार)-सोनमाटी समाचार। वसीम बरेलवी ने कहा है- जहां रहेगा वहीं रोशनी लुटाएगा, किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता। यह बात बिहार के औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर प्रखंड के चौरôम गांव निवासी संतोष बादल पर चरितार्थ होती है। फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक मुकाम हासिल कर चुके संतोष बादल को ग्रेट बुद्धा नेशनल अवार्ड के लिए चुन गया है। यह अवार्ड 28 दिसम्बर को दिया जाएगा।


बिना किसी तकनीकी डिग्री हासिल किए मुंबई पहुंचकर मायानगरी में संघर्ष करने और सफलता हासिल करने वाले संतोष बादल वर्ष 1996 में 18 साल की उम्र में जाने-माने निर्देशक होमी वाडिया को गुरु बनाया। बादल ने वीडियो संपादन का काम शुरू किया और 1998 तक मुख्य संपादक बन गए। इन्होंने साल 2000 तक एडिटर के रूप में नौ अवार्ड जीते। एकता कपूर ने बतौर निर्देशक पहला मौका दिया था क्योंकि सास भी कभी बहू थी में, जो एशिया महादेश का हिट सीरियल साबित हुआ। उसके बाद 2016 तक लगभग 6000 एपिसोड का निर्देशन किया।


महेन्द्र कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
दाउदनगर (औरंगाबाद) के एक और शख्स ने दाउदनगर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। वार्ड संख्या 05 (फुले नगर) के निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण भगत के पुत्र महेंद्र कुमार (केंद्रीय विद्यालय चेन्नई)15 दिसम्बर 2017 को केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नयी दिल्ली में संगठन के 54 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर वर्ष 2017 के राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किए गए। समारोह की मुख्य अतिथि के रूप में रानी रे (विशेष सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय) थीं।
हिंदी के क्षेत्र में सक्रिय महेंद्र कुमार पहले भी अनेक अवसरों पर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। शहर के विभिन्न संगठनों, संस्थानों एवं बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है। और बेहतर व उन्नत भविष्य की कामना की है।
(समाचार व तस्वीर : दाउदनगर से आदित्यराज जैकी)

राज्यस्तरीय युवा उत्सव में बनाया शीर्ष स्थान
हसपुरा (औरंगाबाद)-सोनमाटी समाचार। राज्यस्तरीय युवा उत्सव 2017 में आनंद संगीत महाविद्यालय (हसपुरा) के छात्र अता उल्लाह खाँ के सारंगी वादन में प्रथम स्थान और मयंक कुमार के वायलिन वादन में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर महाविद्यालय परिसर में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार, निदेशक अरविन्द कुमार वर्मा ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य संगीत के क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। होनहार छात्रों अता उल्लाह एवं मयंक कुमार ने महाविद्यालय के साथ शहर व जिले का भी गौरव बढ़ाया है। प्रखण्ड प्रमुख संजय मंडल, उप प्रमुख अनिल आर्य, पूर्व प्रमुख आरीफ रिजवी, पूर्व मुखिया विजयकुमार अकेला, प्रो. अलखदेव प्रसाद अचल आदि ने बधाई दी है।
(समाचार व तस्वीर : हसपुरा से शंभुशरण सत्यार्थी)

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